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श्री जगन्नाथ अष्टकम लिरिक्स (Shri Jagannath Ashtakam Lyrics in Hindi) - कदाचित् कालिन्दी तट Kailash Kher Stotra - Bhaktilok

537 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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श्री जगन्नाथ अष्टकम लिरिक्स (Shri Jagannath Ashtakam Lyrics in Hindi) - 


कदाचित् कालिन्दी तट विपिन सङ्गीत करबो

मुदाभीरी नारी वदन कमला स्वाद मधुपः

रमा शम्भु ब्रह्मामरपति गणेशार्चित पदो

जगन्नाथः स्वामी नयन पथ गामी भवतु मे ॥१॥


भुजे सव्ये वेणुं शिरसि शिखिपिच्छं कटितटे

दुकूलं नेत्रान्ते सहचर-कटाक्षं विदधते ।

सदा श्रीमद्‍-वृन्दावन-वसति-लीला-परिचयो

जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे ॥२॥


महाम्भोधेस्तीरे कनक रुचिरे नील शिखरे

वसन् प्रासादान्तः सहज बलभद्रेण बलिना ।

सुभद्रा मध्यस्थः सकलसुर सेवावसरदो

जगन्नाथः स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे ॥३॥


कृपा पारावारः सजल जलद श्रेणिरुचिरो

रमा वाणी रामः स्फुरद् अमल पङ्केरुहसुखः ।

सुरेन्द्रैर् आराध्यः श्रुतिगण शिखा गीत चरितो

जगन्नाथः स्वामी नयन पथ गामी भवतु मे ॥४॥


रथारूढो गच्छन् पथि मिलित भूदेव पटलैः

स्तुति प्रादुर्भावम् प्रतिपदमुपाकर्ण्य सदयः ।

दया सिन्धुर्बन्धुः सकल जगतां सिन्धु सुतया

जगन्नाथः स्वामी नयन पथ गामी भवतु मे ॥५॥


परंब्रह्मापीड़ः कुवलय-दलोत्‍फुल्ल-नयनो

निवासी नीलाद्रौ निहित-चरणोऽनन्त-शिरसि ।

रसानन्दी राधा-सरस-वपुरालिङ्गन-सुखो

जगन्नाथः स्वामी नयन-पथगामी भवतु मे ॥६॥


न वै पार्थो राज्यं न च कनक माणिक्य विभवं

न याचेऽहं रम्यां निखिल जन काम्यां वरवधूम् ।

सदा काले काले प्रमथ पतिना गीतचरितो

जगन्नाथः स्वामी नयन पथ गामी भवतु मे ॥७॥


हर त्वं संसारं द्रुततरम् असारं सुरपते

हर त्वं पापानां विततिम् अपरां यादवपते ।

अहो दीनेऽनाथे निहित चरणो निश्चितपदं

जगन्नाथः स्वामी नयन पथ गामी भवतु मे ॥८॥


जगन्नाथाष्टकं पुन्यं यः पठेत् प्रयतः शुचिः ।

सर्वपाप विशुद्धात्मा विष्णुलोकं स गच्छति ॥९॥


॥ इति श्रीमत् शंकराचार्यविरचितं जगन्नाथाष्टकं संपूर्णम् ॥




 

🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "श्री जगन्नाथ अष्टकम लिरिक्स (Shri Jagannath Ashtakam Lyrics in Hindi) - कदाचित् कालिन्दी तट Kailash Kher Stotra - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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