Krishna Bhajan

कान्हा तोहे मईया से पिटवा दूँगी (Kanha Tohe Maiya Se Pitwa Dungi) - Radha Krishna Bhajan - Bhaktilok

54 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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"कान्हा तोहे मईया से पिटवा दूँगी" एक अत्यंत लोकप्रिय और भावपूर्ण राधा-कृष्ण भजन है, जो ब्रज की बाल-लीलाओं और राधा-कृष्ण के मधुर प्रेम-कलह को जीवंत करता है। यह भजन न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह भक्त और भगवान के बीच के उस 'सख्य' और 'वात्सल्य' भाव को दर्शाता है, जहाँ भक्त अपने आराध्य को एक नटखट बालक के रूप में देखता है। वैष्णव परंपरा में, राधा रानी का कृष्ण पर अधिकार और उनकी नटखट छेड़छाड़ जीवात्मा की परमात्मा के प्रति अनन्य भक्ति का प्रतीक है। यह भजन विशेष रूप से उत्सवों, फाल्गुन मास की होली, और कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अत्यधिक गाया और सुना जाता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

कान्हा तोहे मईया से पिटवा दूँगी,
जो तूने मेरी मटकी फोड़ी, तोहे मईया से पिटवा दूँगी।

माखन चुराया, दही भी गिराया,
ग्वाल-बाल संग तूने शोर मचाया,
अब जो तूने शरारत की, तोहे मईया से पिटवा दूँगी।
कान्हा तोहे मईया से पिटवा दूँगी...

वृंदावन की कुंज गलिन में,
राधे-राधे नाम की गूंज है मन में,
तूने जो मुरली बजाई, तोहे मईया से पिटवा दूँगी।
कान्हा तोहे मईया से पिटवा दूँगी...

यशोदा मैया जब छड़ी उठाएंगी,
तब तू कान्हा बहुत पछताएगा,
मान जा तू मेरी बात, वरना पिटवा दूँगी।
कान्हा तोहे मईया से पिटवा दूँगी...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा है। यहाँ राधा रानी कृष्ण को एक नटखट बालक के रूप में संबोधित कर रही हैं। 'मटकी फोड़ना' और 'माखन चुराना' केवल भौतिक क्रियाएं नहीं हैं, बल्कि ये उस प्रेम की अभिव्यक्ति हैं जहाँ भक्त भगवान को अपने प्रेम के जाल में फंसाना चाहता है। जब राधा कहती हैं कि "मईया से पिटवा दूँगी", तो यह वास्तव में कृष्ण का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का एक माध्यम है। यह भजन हमें सिखाता है कि भगवान के साथ हमारा संबंध औपचारिक नहीं, बल्कि आत्मीय होना चाहिए। जैसे एक सखी अपने प्रियतम से रूठती है, वैसे ही भक्त भी भगवान से अपने प्रेम का अधिकार जताता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • वात्सल्य एवं माधुर्य भाव: यह भजन वात्सल्य और माधुर्य रस का अद्भुत संगम है।
  • ब्रज संस्कृति: इसमें ब्रज की माखन चोरी और कुंज गलियों का वर्णन है, जो भक्तों को सीधे वृंदावन की अनुभूति कराता है।
  • भक्ति का अधिकार: यह दर्शाता है कि भगवान अपने भक्तों के प्रेम के अधीन हैं।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को किसी भी समय गाया जा सकता है, लेकिन विशेष रूप से 'राधा-कृष्ण' के श्रृंगार के समय, होली के उत्सव में, या सत्संग के दौरान इसका गायन अत्यधिक आनंददायी होता है। इसे गाते समय मन में कृष्ण के बाल-स्वरूप का ध्यान करना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
कान्हा श्री कृष्ण बाल स्वरूप
मईया माता यशोदा वात्सल्य भाव
कुंज गलिन वृंदावन की गलियां लीला स्थल

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम कान्हा तोहे मईया से पिटवा दूँगी
आराध्य श्री राधा-कृष्ण
भाषा ब्रज मिश्रित हिंदी
भाव वात्सल्य, माधुर्य, सख्य

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. यह भजन किस अवसर पर गाया जाता है? यह भजन मुख्य रूप से जन्माष्टमी और होली के उत्सव पर गाया जाता है।
  2. क्या यह भजन बच्चों के लिए उपयुक्त है? हाँ, यह भजन बच्चों को कृष्ण की लीलाओं से जोड़ने के लिए बहुत अच्छा है।
  3. राधा-कृष्ण के प्रेम का क्या अर्थ है? यह जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है।
  4. क्या इस भजन को घर पर गा सकते हैं? हाँ, इसे घर पर पूजा या कीर्तन के दौरान गाया जा सकता है।
  5. भजन का मुख्य संदेश क्या है? भगवान के प्रति निश्छल प्रेम और आत्मीयता।
  6. क्या यह भजन किसी विशेष राग में है? यह लोक धुन (Folk tune) पर आधारित है।
  7. भक्ति के अन्य कौन से भजन सुने जा सकते हैं? आप अच्युतम केशवम और श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी भी सुन सकते हैं।
  8. भजन का आध्यात्मिक लाभ क्या है? मन की शांति और कृष्ण के प्रति प्रेम में वृद्धि।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री विभिन्न वैष्णव संप्रदायों के भजनों और लोक परंपराओं के आधार पर संकलित की गई है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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