Rani Sati Dadi Bhajan

बोलो बोलो मावड़ी आप कैसे हो लिरिक्स (Bolo bolo mawadi aap kaise ho Lyrics in Hindi) - Rani sati Dadi Bhajan - Bhaktilok

97 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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भक्ति और वात्सल्य के अनूठे संगम को समर्पित यह भजन "बोलो बोलो मावड़ी आप कैसे हो" रानी सती दादी के प्रति भक्तों के अगाध प्रेम और उनकी चिंता को व्यक्त करने वाला एक अत्यंत भावपूर्ण संकीर्तन है। राजस्थानी लोक परंपरा और मारवाड़ी भक्ति संस्कृति में 'मावड़ी' शब्द माँ के प्रति आत्मीयता और वात्सल्य का प्रतीक है। इस भजन में भक्त अपनी दादी (रानी सती) से उनके स्वास्थ्य और कुशलता का हाल जानने की व्याकुलता प्रकट करता है। यह भजन न केवल एक प्रार्थना है, बल्कि यह उस अटूट रिश्ते को भी दर्शाता है जो एक भक्त और उसकी आराध्या के बीच होता है। सत्संग, कीर्तन और दादी के मंगल पाठ के अवसर पर इस भजन का गायन मन को शांति और भक्ति रस से सराबोर कर देता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

अँखियाँ ना चुराओ दादी मांगने ना आये हैं,
हम तो दादी आज आपका हाल जानने आये हैं।
बोलो बोलो मावड़ी आप कैसे हो...

इतना काम करोगी तो दादी तुम थक जाओगी,
एक पल की ना फुर्सत दादी खाना तुम कब खाओगी।
थोड़ा तो आराम करो हम ये बतलाने आये हैं,
हम तो दादी आज आपका हाल जानने आये हैं।
बोलो बोलो मावड़ी आप कैसे हो...

थक जाओ तो कह देना हम पैर तेरे दबा देंगे,
भाव भरे भजनों की दादी लोरियां सुना देंगे।
तेरी सेवा करने दादी तेरे बच्चे आये हैं,
हम तो दादी आज आपका हाल जानने आये हैं।
बोलो बोलो मावड़ी आप कैसे हो...

अपनी भी तो सोच दादी बच्चों की ये अर्ज़ी है,
कहना हमारा फ़र्ज़ है दादी आगे तेरी मर्ज़ी है।
योगी मेरा सब है तेरा ये जतलाने आये हैं,
हम तो दादी आज आपका हाल जानने आये हैं।
बोलो बोलो मावड़ी आप कैसे हो...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा है। यहाँ भक्त अपनी दादी को केवल एक देवी के रूप में नहीं, बल्कि अपनी सगी माँ के रूप में देखता है। भक्त कहता है कि "अँखियाँ ना चुराओ", जिसका अर्थ है कि हे माँ, आप हमसे अपना प्रेम और कृपा न छिपाएं। हम आपसे कुछ मांगने नहीं आए हैं, बल्कि केवल आपका हाल जानने आए हैं। यह निस्वार्थ भक्ति का प्रतीक है। भजन की पंक्तियों में भक्त दादी के प्रति अपनी चिंता व्यक्त करता है कि वे भक्तों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करती रहती हैं, जिससे वे थक सकती हैं। भक्त उन्हें आराम करने का आग्रह करता है और स्वयं उनकी सेवा (पैर दबाना, भजन सुनाना) करने का भाव रखता है। अंत में, भक्त पूर्ण समर्पण के साथ कहता है कि यह हमारी अर्जी है, लेकिन अंतिम निर्णय आपकी इच्छा पर निर्भर है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • वात्सल्य भाव: यह भजन 'वात्सल्य भक्ति' का उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • आत्मीयता: 'मावड़ी' संबोधन भक्त और भगवान के बीच की दूरी को मिटाकर उन्हें एक परिवार के रूप में स्थापित करता है।
  • समर्पण: "आगे तेरी मर्ज़ी है" पंक्ति पूर्ण शरणागति का भाव दर्शाती है।
  • सांस्कृतिक महत्व: रानी सती दादी के भक्तों के बीच यह भजन अत्यंत लोकप्रिय है और दादी के भजनों की सूची में इसे विशेष स्थान प्राप्त है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को किसी भी समय गाया जा सकता है, विशेषकर दादी के मंगल पाठ, जागरण या सत्संग के दौरान। इसे गाते समय मन में दादी के प्रति प्रेम और कोमलता का भाव होना चाहिए। यदि आप इसे घर पर गा रहे हैं, तो दादी की तस्वीर या प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर इसे समर्पित भाव से गाएं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ
मावड़ी माँ (राजस्थानी संबोधन)
अँखियाँ आँखें
फुर्सत समय/अवकाश
अर्ज़ी निवेदन/प्रार्थना
मर्ज़ी इच्छा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

रानी सती दादी कौन हैं?

रानी सती दादी राजस्थान के झुंझुनूं की एक पूजनीय सती माता हैं, जिन्हें शक्ति और वात्सल्य का प्रतीक माना जाता है।

यह भजन किस अवसर पर गाया जाता है?

यह भजन दादी के जागरण, सत्संग, मंगल पाठ या किसी भी व्यक्तिगत पूजा के समय गाया जा सकता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री रानी सती दादी की भक्ति परंपरा और उपलब्ध भजनों के संकलन पर आधारित है। इसे भक्तों की श्रद्धा और लोक-भजन शैली को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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