दया थोड़ी सी कर दो ना(Daya Thodi Si Kar Do Na lyrics in hindi) | by Nisha Dwivedi -
Song: दया थोड़ी सी कर दो ना(Daya Thodi Si Kar Do Na lyrics in hindi)
Singer: Nisha Dwivedi
Lyrics: Abhishek Sharma (Madhav)
Music: Dipankar Saha
Studio : Resonance
Mixing: Kamlesh Drolia
Cinematography: Chintu Raghuvanshi
Video Editing : Deepak Creations
Category: Hindi Devotional (Shyam Bhajan)
Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur
Label: Yuki
दया थोड़ी सी कर दो ना(Daya Thodi Si Kar Do Na lyrics in hindi):-
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
ओ श्याम मेरे श्याम ............
प्रभु मुझ पे कृपा कर दे तू तो ममता की मूरत है
मैं प्यासा हूँ तू सागर है मुझे तेरी ज़रूरत है
दया की बूँद बरसाओ मुझे ना और तरसाओ
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ
तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ............
सभी का बन गया मैं पर कोई मेरा न बन पाया
बड़ी ही आस लेकर के तुम्हारे दर पे मैं आया
तुम्ही तो हो मेरी हिम्मत तेरे बिन क्या मेरी कीमत
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ............
मेरे हालात पे माधव हर कोई तंज कसता है
तड़पता देख कर मुझको ज़माना खूब हँसता है
ये दुनिया लाज की दुश्मन दुखाती है ये मेरा मन
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ............
दुखों की रात है तो क्या सुख का सूरज भी निकलेगा
देख कर के मेरे आंसू श्याम तेरा दिल पिघलेगा
हलक पे जान है मेरी दया का दान दे दे रे
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ............
ओ श्याम मेरे श्याम ............
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "दया थोड़ी सी कर दो ना(Daya Thodi Si Kar Do Na lyrics in hindi) | by Nisha Dwivedi - bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।
भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।
भजनों को गाने की सही विधि क्या है?
भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।
क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?
हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।
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