हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में लिरिक्स (Hey Gurudev Pranam Aapke Charno Me Lyrics in Hindi) -
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में
ह्रदय में माँ गौरी लक्ष्मी कंठ शारदा माता है
जो भी मुख से वचन कहे वो वचन सिद्ध हो जाता है
है गुरु ब्रह्मा है गुरु विष्णु
है शंकर भगवान् आपके चरणों में
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में
जनम के दाता मात पिता हैं आप करम के दाताहैं
आप मिलाते है ईश्वर से आप ही भाग्य विधाता हैं
दुखियां मन को रोगी तन को
मिलता है आराम आपके चरणों में
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में
निर्बल को बलवान बना दो मूरख को गुणवान प्रभु
देवकमल और बंशी को भी ज्ञान का दो वरदान प्रभु
हे महा दानी हे महा ज्ञानी
रहूँ मैं सुबहो श्याम आपके चरणों में
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में
करता करे न कर सके पर गुरु करे सब होय
सात द्वीप नौ खंड में गुरु से बड़ा ना कोय
मैं तो सात समुन्द्र की मसि करूँ लेखनी सब बनराय
सब धरती कागज़ करूँपर गुरु गुण लिखा ना जाए
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में
Song : - हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो | Hey Gurudev Pranam Apke Charno
Singer :- Saksham Goyal
Music :- Sanjeev Bainsla
Lyrics :- Sarvesh Sharma
Editor :- Deepanshi Gupta
Label : - Fatafat Digital
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
शिरडी के साईं बाबा को समर्पित यह भजन "हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में लिरिक्स (Hey Gurudev Pranam Aapke Charno Me Lyrics in Hindi) - सारे तीरथ धाम आपके चरणों में Guruji Bhajan - Bhaktilok" सबका मालिक एक होने के सिद्धांत को प्रतिपादित करता है। साईं बाबा का जीवन काल सादगी, प्रेम, सहिष्णुता और मानवता का संदेश देता है। इस भजन की सरल पंक्तियां भक्त को सीधे बाबा के दिव्य आशीर्वाद और करुणा से जोड़ती हैं।
भजन का मुख्य भाव श्रद्धा और सबूरी (धैर्य) का है। साईं बाबा अपने भक्तों को वचन देते हैं कि जो भी उनके द्वार पर आएगा, वह कभी खाली हाथ नहीं जाएगा। बाबा की उदी (भस्म) और उनके वचनों का स्मरण ही इस भजन का सार है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
साईं बाबा के भजनों के संकीर्तन से भक्तों के मन में धर्म-जाति के भेद से ऊपर उठकर प्राणी मात्र के प्रति प्रेम की भावना जागृत होती है। बाबा की पूजा में सादगी और शुद्ध अंतःकरण का विशेष महत्त्व है।
संतों और ऋषियों के आध्यात्मिक इतिहास की गहरी समझ के लिए संत एवं ऋषि ज्ञानकोश अवश्य पढ़ें। साईं बाबा के भजन से पारिवारिक शांति प्राप्त होती है, मन के द्वेष और कलह दूर होते हैं और साधक में संतोष तथा धैर्य का विकास होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
साईं बाबा की आराधना के लिए गुरुवार का दिन विशेष रूप से फलदायी है। साईं बाबा की मूर्ति या चित्र के सम्मुख दीप जलाकर, उदी का तिलक लगाएं और श्रद्धापूर्वक भजन गाएं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
शिरडी साईं बाबा की उपासना के दो मुख्य स्तंभ क्या हैं?
बाबा ने अपने भक्तों को 'श्रद्धा' (विश्वास) और 'सबूरी' (धैर्य) को जीवन का मूल आधार बनाने की शिक्षा दी थी।
साईं भजनों के संकीर्तन के लिए कौन सा दिन उत्तम है?
गुरुवार (गुरु दिवस) का दिन साईं बाबा के पूजन, व्रत और भजन संकीर्तन के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
साईं बाबा की 'उदी' का क्या महत्त्व है?
उदी बाबा की धूनी की पवित्र भस्म है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि उदी धारण करने से शारीरिक बीमारियां और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।
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