Parvati Stotram

नर शरीर अनमोल रे प्राणी प्रभु कृपा से पाया है (Nar Shareer Anmol Re Prani Lyrics in Hindi) - by पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज Ram Bhajan - Bhaktilok

404 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

नर शरीर अनमोल रे

प्राणी प्रभु कृपा से पाया है

झूठे पर प्रपंच में पड़कर

क्यों क्यों प्रभु को बिसराया है

समय हाथ से निकल गया तो -2

सिर धुन धुन पछतायेगा

निर्मल मल मल के दर्पण में ॥

वह राम के दर्शन पायेगा

राम नाम के साबून से ही जो

मन का मैल छुड़ाएगा

निर्मल मल मल के वह राम

के दर्शन पायेगा

झूठ कपट निंदा को त्यागो

हर प्राणी से प्यार करो

घर पर आये अतिथि कोई तो ॥

यथाशक्ति सत्कार करो

झूठ कपट निंदा को त्यागो

हर प्राणी से प्यार करो

घर पर आये अतिथि कोई तो

यथाशक्ति सत्कार करो पता

नहीं किस रूप में आकर नारायण

मिल जायेगा निर्मल

मल मल के दर्पण में वह ॥

राम जपते रहो काम करते रहो लिरिक्स (Ram Japate Raho Kam Karte Raho Lyrics in Hindi) - Shri Ram Bhajan - Bhaktilok

राम के दर्शन पायेगा

राम नाम के साबून से ही जो

मन का मैल छुड़ाएगा

निर्मल मल मल के वह राम

के दर्शन पायेगा साधन

तेरा कच्चा है जब तक प्रभु

पर विश्वास नहीं मंजिल

कर पाना है क्या जब

दीपक में प्रकाश नहीं

साधन तेरा कच्चा है जब तक प्रभु ॥

पर विश्वास नहीं मंजिल

कर पाना है क्या जब

दीपक में प्रकाश नहीं

निश्चय है तो भवसागर

से बेडा पार हो जायेगा

निर्मल मल मल के

वह राम के दर्शन पायेगा

राम नाम के साबून से ही

जो मन का मैल छुड़ाएगा ॥

निर्मल मल मल के

वह राम के दर्शन पायेगा

दौलत का अविमान है

झूठा यह तो आणि जानी है

राजा रंंक अनेक हुए

कितनो की सुनी कहानी है

दौलत का अविमान है

झूठा यह तो आणि जानी है ॥

राजा रंंक अनेक हुए

कितनो की सुनी कहानी है

राम नाम प्रिय महामंत्र

ही साथ तुम्हारे जाएगा

निर्मल मल मल के

वह राम के दर्शन पायेगा

राम नाम के साबून से ही जो

मन का मैल छुड़ाएगा ॥

निर्मल मल मल के वह राम

के दर्शन पायेगा निर्मल मल

मल के वह राम के दर्शन पायेगा

राम नाम के साबून से ही जो

मन का मैल छुड़ाएगा

निर्मल मल मल के वह राम

के दर्शन पायेगा निर्मल मल

मल के वह राम के दर्शन पायेगा ॥

*** स्वर :–  पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ***

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "नर शरीर अनमोल रे प्राणी प्रभु कृपा से पाया है (Nar Shareer Anmol Re Prani Lyrics in Hindi) - by पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज Ram Bhajan - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!