Shyam Bhajan

श्याम बाबा तेरे पास आया हुं लिरिक्स (Shyam Baba Tere Pass Aaya Hu Lyrics in Hindi) - Shyam Baba Bhajan - Bhaktilok

502 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

प्रस्तावना एवं परिचय

श्याम बाबा की कृपा: भक्तों का संजीवनी स्रोत

श्याम बाबा के चरणों में सच्चे भाव से अरदास करें और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि प्राप्त करें।

श्याम बाबा तेरे पास आया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ।। सच्चा है दरबार तुम्हारा संकट काटो श्याम हमारा जब जब भीड़ पड़ी भक्तों पे बाबा नंगे पांव पधारा दुःख हरना मेरे दुःख हरना तेरा गुण गाया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ।। दीन दयाल दया के सागर फिर क्यों खाली मेरी गागर विनती मेरी तुम सुन लेना श्याम मुरारी हे नटनागर भर देना झोली भर देना यही आस लाया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ।। जब फागुन का मेला होगा अपने पास बुलाना होगा मैं मारूंगा भर पिचकारी तुमको रंग लगाना होगा खेलूंगा होली खेलूंगा रंग गुलाल लाया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ।। जब जब तेरी याद सतावे ‘श्याम सुंदर’ नैनों में पावे सब भक्तों की यही कामना सारा जगत सुखी हो जावे कर देना सुखी कर देना तेरे गीत गाया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ।। श्याम बाबा श्याम बाबा तेरे पास आया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ।।
साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में भक्त अपने भगवान विश्वनाथ, श्याम बाबा के चरणों में अपनी अरदास प्रस्तुत कर रहे हैं। पहले अंतरे में 'श्याम बाबा तेरे पास आया हूँ' का उद्घाटन सभी भक्तों की अनुरक्ति को दर्शाता है। यह भक्त की संतुष्टि और उसके श्रद्धा का प्रतीक है, जो यह दर्शाता है कि वह अपने कष्टों को दूर करने के लिए अपने इष्ट देव की शरण में आया है। इसे संपूर्णता में देखकर, यह साफ है कि भक्त भगवान की दयालुता और उनकी निरंतर सहायता के लिए प्रार्थना कर रहा है। 'सच्चा है दरबार तुम्हारा' पंक्ति में यह संकेत है कि श्याम बाबा की दरबार में हमेशा सत्य और भक्ति का वास होता है।

भजन का अगला भाग भक्त की भावुकता को व्यक्त करता है, जहाँ वह कहता है कि 'दीन दयाल दया के सागर' और यह पूछता है कि 'फिर क्यों खाली मेरी गागर'। यह भक्त की अपार श्रद्धा का बोध कराता है जो भगवान से दया की याचना करता है। भक्त आगे बढ़ते हुए श्याम बाबा से विनती करते हैं कि वह उनकी झोली भर दें। यह भावना दर्शाती है कि भक्त को भगवान की कृपा पर विश्वास है और वह अपनी सभी इच्छाओं एवं ज़रूरतों को पूरी करने के लिए श्याम बाबा में समर्पित है। साहित्यिक स्तर पर यह भाव जन जागृति की ओर भी इंगित करती है।

इस भजन में भक्तिभाव का एक गहरा संदेश है। यह भक्तों को यह समझाता है कि सच्ची भक्ति और श्रद्धा से ही व्यक्ति अपने दुखों और समस्याओं का समाधान कर सकता है। श्याम बाबा का चित्रण 'दयाल' और 'मुरारी' के रूप में किया गया है, जो कि शुद्ध प्रेम और करुणा का प्रतीक हैं। भक्ति मार्ग का यह संदेश प्रेरणा देता है कि हम सबके दुखों का निवारण केवल प्रभु की भक्ति एवं आस्था से संभव है। अंततः, 'चरणों में तेरे अरदास लाया हूँ' का अर्थ है कि भक्ति के चरणों में सभी कल्याणकारी तत्व समाहित हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्याम बाबा का भजन भारतीय भक्ति साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे 'गोपियों' द्वारा श्री कृष्ण के प्रति भक्ति की भावना की याद दिलाने वाला समझा जाता है। पौराणिक कथाओं में, श्याम बाबा की आराधना विशुद्ध प्रेम और भक्ति का प्रतीक है। विभिन्न पुराणों में श्याम बाबा की चमत्कारी शक्तियों का वर्णन मिलता है, जो यह दर्शाते हैं कि भक्त अपनी समस्याओं से मुक्ति के लिए भगवान के पास आते हैं। यह भजन भी इसी संदर्भ में भक्तों के दिल की गहराईयों से प्रेम और श्रद्धा की अभिव्यक्ति है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। श्याम बाबा के इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, धैर्य और सकारात्मकता बढ़ती है। भक्तों के लिए यह एक महत्वपूर्ण साधना है, जो ध्यान और संकल्प में सहायता करती है। नियमित जाप से भक्त अपने जीवन में सुख और समृद्धि को अनुभव कर सकते हैं, जिससे तनाव और चिंता में कमी आती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह या शाम के समय करना अत्यंत लाभकारी होता है। भक्तों को चाहिए कि वे एक शुद्ध स्थान पर बैठकर, दीपक जलाकर विश्वास और श्रद्धा के साथ प्रार्थना करें। सही मुद्रा में बैठकर, ध्यान केंद्रित करते हुए भजन का जाप करना चाहिए, जिससे मानसिक एकाग्रता बढ़ेगी और भगवान के प्रति समर्पण की भावना गहरी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

श्याम बाबा को किस रूप में पूजते हैं?

श्याम बाबा को कृष्ण के रूप में पूजने का विशेष महत्व है। उन्हें प्रेम, करुणा और बालकृष्ण के रूप में जाना जाता है। भक्तिभाव से उनकी पूजा करती है ताकि जीवन में सुख-शांति मिल सके।

यह भजन किस अवसर पर गाया जा सकता है?

यह भजन विशेष कर होली, फागुन, या अन्य धार्मिक उत्सवों पर गाया जाता है। भक्त इसका उपयोग संकट से मुक्ति और प्रेम व आनंद की प्राप्ति के लिए करते हैं।

श्याम बाबा की कृपा प्राप्त करने के लिए क्या करना चाहिए?

श्याम बाबा की कृपा प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से भक्ति, प्रार्थना और भजन का जाप करना चाहिए। श्रद्धा और विश्वास के साथ उनकी आराधना करने से वे सदा भक्तों की रक्षा करते हैं।

श्रेणियां: Shyam Bhajan

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!