Hanuman Bhajan

उठो हे पवनपुत्र लिरिक्स (Utho Hey Pawanputra Lyrics in Hindi) - Shri Ram Bhajan Hanuman jab chale - Bhaktilok

513 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

हनुमान की जय: भक्तों का आवाहन

श्री हनुमान का यह भजन भक्तों में ऊर्जा और साहस का संचार करता है।

 उठो हे पवनपुत्र लिरिक्स (Utho Hey Pawanputra Lyrics in Hindi) - उठो हे पवनपुत्र हनुमान सागर पार जाना हैसागर पार जाना है सागर पार जाना हैबनी श्री राम पे विपदा भारीलंकपति हर लई जनक दुलारीतुम वीरो में वीर बलकारीसाबित कर दिखलाना हैउठो हे पवनपुत्र हनुमान सागर पार जाना है...तुम सा कौन भला बलशाली है महावीर है धरापरभरो अगर हुंकार तो रख दो तीनों लोक हिलाकरलांघ जाओगे इस सिंधु को एक छलांग लगाकरकिए जो बचपन में वो करतब कर दिखलाना हैउठो हे पवन पुत्र हनुमान...वो नर दंड का भागी जो नारी का करे अनाधरघोर अपराध किया रावण ने कपट से सिया हरण करगढ़ लंका में मात सिया को रखा कहाँ छुपाकरखोज खबर ले पूरी जल्दी लौट के आना हैउठो हे पवन पुत्र हनुमान...उठो उठो बजरंग उठो रघुपति को धीर बंधाओहर्षित हो प्रभु राम काम कुछ ऐसा कर दिखलाओबल बुद्धि के स्वामी तुम हो काल से भी टकराओमर्यादा का 'सरल' तुम्ही ने ध्वज फहराना हैउठो हे पवन पुत्र हनुमान...उठो हे पवनपुत्र हनुमान सागर पार जाना हैसागर पार जाना है सागर पार जाना हैबनी श्री राम पे विपदा भारीलंकपति हर लई जनक दुलारीतुम वीरो में वीर बलकारीसाबित कर दिखलाना हैउठो हे पवनपुत्र हनुमान सागर पार जाना है...
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन के माध्यम से भक्तगण पवनपुत्र हनुमान को सागर पार करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह गीत भगवान राम की कठिनाइयों के समय में सहायता के लिए हनुमान जी का आवाहन करता है। जैसे कि भजन में बताया गया है, "उठो हे पवनपुत्र हनुमान सागर पार जाना है", यह संकेत करता है कि हनुमान जी में अपार शक्ति और साहस है। भजन में यह भी कहा गया है कि लंकापति रावण ने माता सीता का हरण किया, जिससे राम जी मुश्किल में पड़ गए हैं, और भक्त हनुमान से प्रार्थना कर रहे हैं कि वे जल्दी से लौट आएं। यह भजन न सिर्फ उनकी वीरता को याद करता है, बल्कि भक्तों को भी प्रेरित करता है कि उन्हें भी सच्चाई के पक्ष में खड़ा होना है।

इस भजन में हनुमान जी को महावीर के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो अपनी शक्ति और साहस से तीनों लोकों को हिला सकते हैं। जब भजन के बोल में कहा जाता है, "तुम सा कौन भला बलशाली है", तो यह हनुमान जी की अद्वितीयता और बल को दर्शाता है। भक्तों की अपेक्षा है कि वे अपने बचपन के करतब को प्रदर्शित करें और विपत्तियों को पार करने में राम जी की सहायता करें। इस प्रार्थना में असीम विश्वास और भक्ति का प्रतीक है, जो कि हनुमान जी से निकटता को दर्शाता है। भक्त हनुमान जी को धीर बंधाने का आग्रह करते हैं ताकि वे प्रभु राम के कार्य को संपन्न कर सकें।

भक्ति के मार्ग पर चलने वाले भक्तों के लिए यह भजन एक महत्वपूर्ण साधना का अंग है। इसमें निम्नलिखित बातें शामिल हैं: हनुमान जी को सर्वश्रेष्ठ भक्त, गुरु और मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता है। भजन में शक्ति, साहस और धर्म के पालन के संदेश दिए गए हैं। हनुमान जी को राम के दूत के रूप में देखा जाता है, और उनका कार्य राम के ध्वज को फहराना और सत्य की रक्षा करना है। इस प्रकार, यह भजन भक्तों को एकत्रित होकर धर्म की रक्षा की प्रेरणा देता है, जिससे उन्हें विपत्ति में भी साहस बनाए रखने में मदद मिलती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान जी का स्थान भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में अत्यंत महत्वपूर्ण है। रामायण में हनुमान परम भक्ति और बल का प्रतीक हैं, जिन्होंने श्री राम के प्रति अपने समर्पण और सेवा से सभी बाधाओं को पार किया। इस भजन का संदर्भ रामायण की घटनाओं से जुड़ा हुआ है, जहां हनुमान ने सीता माता को खोजने में राम जी की सहायता की। इस प्रकार, यह भजन न केवल भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि यह भक्तों का हनुमान जी में विश्वास को और मजबूत करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। हनुमान जी का यह भजन मानसिक तनावरहित रहने में मदद करता है और भक्तों को ऊर्जा और साहस प्रदान करता है। इसका उच्चारण करने से स्व-सम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। भक्त जन इसे नियमित रूप से गाते हैं जिससे उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतोष की प्राप्ति होती है। भजन सुनने या गाने से हनुमान जी की विधि अनुसार कृपा प्राप्त होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह और शाम करना विशेष लाभकारी होता है। पूजा करते समय एक दीप जलाना चाहिए और भगवान के समक्ष फूल या फल अर्पित करना चाहिए। मानसिक शांति के लिए सरल मुद्रा में बैठने की सलाह दी जाती है। ध्यान लगा कर भजन का उच्चारण करना, मन को स्थिर करता है और भक्ति के भीतर एक गहराई लाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का क्या महत्व है?

यह भजन हनुमान जी की शक्ति और साहस का प्रतीक है। यह भक्तों को विपत्तियों से निपटने के लिए प्रेरित करता है और उनके अंदर आत्मविश्वास का संचार करता है।

कौन से धार्मिक ग्रंथ में हनुमान जी के कारनामे देखने को मिलते हैं?

हनुमान जी के कारनामे मुख्य रूप से रामायण में वर्णित हैं, जहां उन्होंने श्री राम की सहायता की और माता सीता को रावण के कब्जे से मुक्त करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कब और कैसे इस भजन का जाप किया जाना चाहिए?

इस भजन का जाप सुबह के समय या शाम को किया जाना चाहिए। पूजा स्थल पर दीप जलाकर, मन में प्रसन्नता रखते हुए इसे गुनगुनाना चाहिए। ध्यान और विचार के साथ पढ़ाई लाभकारी होती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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