Krishna Bhajan

आई लव माय इंडिया (I Love My India Lyrics in Hindi) - Pardes Independence Day Special Patriotic Song 15th August Song - Bhaktilok

161 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

हरे रामा हरे रामा

रामा रामा हरे

हरे कृष्णा हरे कृष्णा

कृष्णा कृष्णा हरे

सिम सिम पोला पोला

सिम सिम पोला

सिम सिम पोला पोला

सिम सिम पोला

हरे रामा हरे रामा

रामा रामा हरे

हरे कृष्णा हरे कृष्णा

कृष्णा कृष्णा

कृष्णा कृष्णा

कृष्णा कृष्णा

अमेरिका अमेरिका

अमेरिका अमेरिका

लंदन देखा पेरिस देखा

लंदन देखा पेरिस देखा

और देखा जापान

Michael देखा Elvis देखा

सब देखा मेरी जान

सारे जग में कहीं नहीं है

दूसरा हिंदुस्तान

दूसरा हिंदुस्तान

दूसरा हिंदुस्तान

ये दुनिया एक दुल्हन

ये दुनिया एक दुल्हन

दुल्हन के माथे की बिंदिया

ये मेरा इंडिया ये मेरा इंडिया

आई लव माय इंडिया

आई लव माय इंडिया

ये दुनिया एक दुल्हन

ये दुनिया एक दुल्हन

दुल्हन के माथे की बिंदिया

ये मेरा इंडिया

आई लव माय इंडिया

ये मेरा इंडिया

आई लव माय इंडिया

जब छेड़ा बलहार किसी ने

झूमके सावन आया

आग लगा दी पानी में जब

दीपक राग सुनाया

सात सुरों का संगम ये

जीवन गीतों की माला

हम अपने भगवान् को भी

कहते हैं बांसुरी वाला

बांसुरी वाला बांसुरी वाला

ये मेरा इंडिया

आई लव माय इंडिया

ये मेरा इंडिया

आई लव माय इंडिया

सिम सिम पोला पोला

सिम सिम पोला

सिम सिम पोला पोला

सिम सिम पोला

डो रे फा सो पा माँ रे सा

डो रे फा सो पा माँ रे सा

डो रे फा सो पा माँ रे सा

डो रे फा सो पा माँ रे सा

रे डो…

पा माँ…

माँ पा नी पा नी

नी पा नी पा नी सा रे रे रे रे रे रे रे रे रे

सा रे सा नी सा सा सा सा सा सा

सा नी पा नी नी पा माँ माँ रे सा रे सा नी रे

पीहू पीहू बोले पपीहा

कोयल कुहू कुहू गाये

हँसते रोते जीवन के सब गीत बनाये

ये सारी दुनिया अपने अपने गीतों को गाये

गीत वो गाओ जिससे

इस मिटटी की खुशबू आये

मिटटी की खुशबू आये

आई लव इंडिया

आई लव माय इंडिया

आई लव माय इंडिया

आई लव माय इंडिया

वतन मेरा इंडिया

सजन मेरा इंडिया आ..

ये दुनिया एक दुल्हन

ये दुनिया एक दुल्हन

ये दुनिया एक दुल्हन

दुल्हन के माथे की बिंदिया

ये मेरा इंडिया

आई लव माय इंडिया

ये मेरा इंडिया

आई लव माय इंडिया

वतन मेरा इंडिया

सजन मेरा इंडिया

करम मेरा इंडिया

धरम मेरा इंडिया

ॐ नमः शिवाये ॐ नमः शिवाये

ॐ नमः शिवाये ॐ नमः शिवाये

ॐ नमः शिवाये ॐ नमः शिवाये ||

  • Song - I Love My India 
  • Singer(s): Hariharan, Kavita Krishnamurthy, Shankar Mahadevan & Aditya Narayan
  • Music Director: Nadeem-Shravan
  • Lyrics Writer: Anand Bakshi

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "आई लव माय इंडिया (I Love My India Lyrics in Hindi) - Pardes Independence Day Special Patriotic Song 15th August Song - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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