कार्तवीर्य अर्जुन स्तोत्रम् (Kartha veery arjuna Stotram in Hindi) -
ॐ कार्तवीर्यअर्जुनो नाम राजा बाहु सहस्रवण्
तस्य स्मरण मात्रेण गतं नष्टं च लभ्यते || 1 ||
कर्ता वीर्याहा, खला द्वेषी, क्रुथा, वीरयो सुथो, बाली,
सहस्र बाहु, शत्रुघ्न, रक्तवासा धनुर्धर || 2 ||
रक्त गंधो, रक्त माल्यो, राजा, स्मार्तुर, अभिष्टदा,
द्वादसैथानि नामानि कर्ता वीर्यस्य य पदेथ || 3 ||
संपाद स्थत्र जयन्ते जन स्तथ्र वसमगथा,
अनायथयासु दूरस्थं क्षेम लाभ युतं प्रियम || 4 ||
सहस्र बहुम्, महितम, सासाराम सचपम्,
रक्ताम्बरम वि विधा रक्त किरीता भूषम,
चोराधि दुष्टा भय नासनम, इष्ट दन्तम,
ध्यायेन महा बला विज्रुम्बीथा कर्ता वीर्यम् || 5 ||
यस्य स्मरण मात्रेण सर्व दुःख क्षयो भवेत्,
यं नामानि मह वीरश्चार्जुन कृत वीर्यवन् || 6 ||
हैहयाधि पथे, स्तोत्रं सहस्रवृत्ति कारितम्,
वांचितार्थ प्रदं नृणां स्वराज्यं सुकृतं यदि || 7 ||
इति कार्तवीर्यार्जुन द्वादसा नाम स्तोत्रं सम्पूर्णम् ||
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "कार्तवीर्य अर्जुन स्तोत्रम् (Kartha veery arjuna Stotram in Hindi) - Kartha veeryarjuna Stotram - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।
भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।
राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?
भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।
क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?
हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।
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