Shyam Bhajan

खाटू वाले श्याम तेरी शरण में आ गयो लिरिक्स (Khatu Wale Shyam Teri Sharan Mein Aa Gayo Lyrics In Hindi) - Khatu Shyam Bhajan - Bhaktilok

4,873 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

प्रस्तावना एवं परिचय

श्री खाटू श्याम: भक्तों का उद्धारक

खाटू श्याम की कृपा से सभी दुःख-दर्द दूर होते हैं। अपने ह्रदय में सच्ची भक्ति के साथ इस भजन का वर्णन करें।

 खाटू वाले श्याम तेरी शरण में आ गयो लिरिक्स (Khatu Wale Shyam Teri Sharan Mein Aa Gayo Lyrics In Hindi) - दीनानाथ मेरी बात छानी कोणी तेरे सेदीनानाथ मेरी बात छानी कोणी तेरे सेआँखड़ली चुराकर बाबा जासी कठे मेरे सेआँखड़ली चुराकर बाबा जासी कठे मेरे सेदीनानाथ मेरी बात छानी कोणी तेरे सेआँखड़ली चुराकर बाबा जासी कठे मेरे सेखाटू वाले श्याम तेरी शरण में आ गयोश्याम प्रभु रूप तेरो नैणां में समां गयोबिसरावे मत बाबा हार मानी तेरे सेआँखड़ली चुराकर बाबा जासी कठे मेरे सेदीनानाथ मेरी बात छानी कोणी तेरे सेआँखड़ली चुराकर बाबा जासी कठे मेरे सेमुरली अधर पे कदम तल झूमे हैंभक्त खड़ा तेरे चरणां ने चूमे हैंखाली हाथ बोल कया जाऊ तेरे-नेरे सेआँखड़ली चुराकर बाबा जासी कठे मेरे सेदीनानाथ मेरी बात छानी कोणी तेरे सेआँखड़ली चुराकर बाबा जासी कठे मेरे सेखाओ हो थे खीर चूरमो लीले ऊपर घूमो होसेवका न बाबा थे क़द्दे ही कोनी भूलो होटाबरियाँ की झोली भर भेजो थारे डेरे सेआँखड़ली चुरा के बाबा जासी कठे मेरे सेदीनानाथ मेरी बात छानी कोणी तेरे सेआँखड़ली चुराकर बाबा जासी कठे मेरे से
साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में खाटू वाले श्याम का गुणगान किया गया है और उनकी अनुकंपा का अनुभव व्यक्त किया गया है। 'खाटू वाले श्याम तेरी शरण में आ गयो' का अर्थ है कि व्यक्ति अपने संकटों, दुखों, और बाधाओं का सामना करने के लिए श्याम जी की शरण में जा रहा है। भक्त अपने 'दीनानाथ' से सहायता मांगता है, यह संकेत करता है कि भगवान ही इस संसार में सबसे बड़ा सहारा हैं। इस भजन की एक प्रमुख विशेषता है कि भक्ति और श्रद्धा के साथ, भक्त अपने प्रभु की ओर देखते हुए अपने दुखों का उल्लेख करता है और संकटों को समाप्त करने की याचना करता है। इस संदर्भ में, 'आँखड़ली चुराकर बाबा जासी कठे मेरे से' यह बताता है कि श्याम जी के प्रति भक्त का लाड प्यार और भक्ति किसी के हृदय में है, जो उन्हें दृढ़ता और साहस प्रदान करता है।

इस भजन में भावनाएँ और आस्थाएँ गहराई से व्यक्त की गई हैं। 'बालक हूँ मैं तेरो श्याम मुझको निभायले' का अर्थ है कि भक्त स्वयं को श्याम का बच्चा मानता है, जो अपनी निस्वार्थ भक्ति से प्रेमभावना को प्रकट करता है। यहाँ पर भक्ति का अर्थ है स्वयं को पूर्णत: भगवान के समर्पण में रखना, जिससे भक्त मन के अंधेरों से बाहर निकलने की कामना करता है। 'दुखड़े को मारयो मन कालजे लगायले' यह दर्शाता है कि भक्ति के द्वारा मन की चिंताओं और दुखों को दूर किया जा सकता है। यह भाव भक्त की संबद्धता के गहराई को संप्रेषित करता है, जो अनुभव और भावनाओं के स्तर पर भगवान से जुड़ने की कोशिश करते हैं।

इसके आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, यह भजन भक्ति मार्ग के महत्व को दर्शाता है। भक्ति मार्ग का अर्थ है श्रद्धा और प्रेम के साथ अपने आराध्य की सेवा करना। 'दीनानाथ मेरी बात छानी कोणी तेरे से' यह बताता है कि भक्त अपनी याचना के लिए भगवान पर निर्भर करता है और उन्हें सर्वशक्तिमान के रूप में देखता है। यह विश्वास रखता है कि भगवान ही सच्चे मार्गदर्शक हैं। भक्ति का यह अभिव्यक्ति हमारे मन और आत्मा को शांति प्रदान करती है, और हमें भक्ति के माध्यम से अपने भावनात्मक और मानसिक पीड़ाओं से मुक्ति दिलाने का आश्वासन देती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

खाटू श्याम की उपासना का संदर्भ प्राचीन पुराणों में मिलता है। श्याम, जो भगवान कृष्ण के एक रूप हैं, भक्तों के दुःख-दर्दों के निवारण के लिए अपने भक्तों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उन्हें विश्वास है कि उनके शरणागत भक्तों की सभी समस्याएँ दूर की जाएँगी। 'खाटू धाम' तथा 'श्याम बाबा' की पूजा में भक्तों की छवि दिखती हैं, जो विशेषकर हनुमान चालीसा जैसे ग्रंथों में वर्णित दिव्य शक्तियों का अनुभव करते हैं। इस भजन से भक्तों की श्रद्धा, आस्था और समर्पण को दर्शाता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, नकारात्मकता का निवारण और आंतरिक सुख की अनुभूति होती है। भक्त को सच्ची भक्ति के माध्यम से तनाव से मुक्ति मिलती है, और मानसिक शक्ति में वृध्दि होती है। इसके अलावे, भक्त को नए राहों का दृष्टांत मिलता है और जीवन कठिनाइयों का सामना करने की ताकत मिलती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का उचित जाप सुबह और शाम के समय किया जा सकता है। पूजा के दौरान एक दीप जलाना, फूल-माला अर्पित करना, और मिठाई का भोग लगाना उचित रहेगा। झुके हुए मन के साथ भजन का उच्चारण करना चाहिए और ध्यान केंद्रित करते हुए सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

खाटू वाले श्याम का महत्त्व क्या है?

खाटू वाले श्याम, जो भगवान कृष्ण के एक अभूतपूर्व रूप माने जाते हैं, अपने भक्तों के दु:खों का निवारण करते हैं और संकटों में सदा मार्गदर्शन करते हैं।

इस भजन का जाप करने का सही समय क्या है?

इस भजन का जाप सुबह की प्रार्थना के समय या सूर्यास्त के बाद किया जा सकता है, जिससे मन की एकाग्रता बढ़ती है और भक्ति का भाव जागृत होता है।

यह भजन किस प्रकार मानसिक शांति प्रदान करता है?

यह भजन पुनः पुनः सुनने से मन को शांति और संतोष प्रदान करता है, जिससे भक्त भगवान से जुड़ कर अपनी परेशानियों को भुला सकते हैं।

श्रेणियां: Shyam Bhajan

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!