मेरे सर पे सदा तेरा हाथ रहे लिरिक्स (Mere Sar Pe Sada Tera Hath Rahe Lyrics in Hindi) -
जिसने भी तेरे कदमो
पे सर को झुकाया है
मेरे शिरडी वाले बाबा
तूने गले से लगाया है
ओ बाबा तेरे कदमो
पे करता हूँ फरियाद मैं
सारे जहान ने ठुकराया
तो आया तेरे पास मैं
करुणा का सागर
तूँ दया का भंडार है
माँ की ममता तूँ ही
पिता का प्यार है
मेरे सर पे सदा तेरा
हाथ रहे ॐ साईं राम
साईं बाबा तूँ
हमेशा मेरे साथ रहे
मेरे सर पे सदा तेरा
हाथ रहे ॐ साईं राम
साईं बाबा तूँ हमेशा
मेरे साथ रहे
जैसे ज्योति प्रकाश
दोनों साथ रहे
शिरडी वाले तूँ
हमेशा मेरे पास रहे
ऐ मालिक जिसने भी
तेरा नाम ही लिया है
तूने उसका सारा
घर भर दिया है
अंधे को दिखाया तूने
लंगड़े को दौड़ाया है
उजड़ी हुई दुनियां
तुने फिर से बसाया है
मेरी नईया बीच
में किनारा चाहिए
ऐ बाबा मुझे बस
इतना सहारा चाहिए
अंधेरों में जैसे चिराग
रहे ॐ साईं राम
साईं बाबा तूँ
हमेशा मेरे साथ रहे....
एक ही जगह
साँचा सारे संसार में
सब कुछ मिल जाता है
तेरे दरबार में
सोया हुआ नसीब
फिर से जाग जाता है
भूत प्रेत दुष्टों का
साया भाग जाता है
साजो सिकंदर न
दुनियां का कमाल दे
ऐ मालिक मेरी झोली
में इतना ही डाल दे
हो चाहे धन और दौलत
न पास रहे ॐ साईं राम
साईं बाबा तूँ
हमेशा मेरे साथ रहे....
जिसको भी मेरे बाबा
तुझ पर ऐतबार है
उसके लिए तो हर दिन
मानो एक त्यौहार है
तूँ ही बाबा भोला है
तूँ ही बाबा मौला है
किसीने मसीहा तुझको तो
किसी ने नानक जी बोला है
तुझको आता देना
बाबा मुझको आता लेना
मेरे लिए बाबा बस
इतना ही कर देना
हो मेरे सर पे सदा तेरा
हाथ रहे ॐ साईं राम
साईं बाबा तूँ हमेशा
मेरे साथ रहे....
जैसे ज्योति प्रकाश
दोनों साथ रहे
शिरडी वाले तूँ हमेशा
मेरे पास रहे ||
*** Singer : Dilip Shadangi ***
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
शिरडी के साईं बाबा को समर्पित यह भजन "मेरे सर पे सदा तेरा हाथ रहे लिरिक्स (Mere Sar Pe Sada Tera Hath Rahe Lyrics in Hindi) - Sai Baba Bhajan - Bhaktilok" सबका मालिक एक होने के सिद्धांत को प्रतिपादित करता है। साईं बाबा का जीवन काल सादगी, प्रेम, सहिष्णुता और मानवता का संदेश देता है। इस भजन की सरल पंक्तियां भक्त को सीधे बाबा के दिव्य आशीर्वाद और करुणा से जोड़ती हैं।
भजन का मुख्य भाव श्रद्धा और सबूरी (धैर्य) का है। साईं बाबा अपने भक्तों को वचन देते हैं कि जो भी उनके द्वार पर आएगा, वह कभी खाली हाथ नहीं जाएगा। बाबा की उदी (भस्म) और उनके वचनों का स्मरण ही इस भजन का सार है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
साईं बाबा के भजनों के संकीर्तन से भक्तों के मन में धर्म-जाति के भेद से ऊपर उठकर प्राणी मात्र के प्रति प्रेम की भावना जागृत होती है। बाबा की पूजा में सादगी और शुद्ध अंतःकरण का विशेष महत्त्व है।
संतों और ऋषियों के आध्यात्मिक इतिहास की गहरी समझ के लिए संत एवं ऋषि ज्ञानकोश अवश्य पढ़ें। साईं बाबा के भजन से पारिवारिक शांति प्राप्त होती है, मन के द्वेष और कलह दूर होते हैं और साधक में संतोष तथा धैर्य का विकास होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
साईं बाबा की आराधना के लिए गुरुवार का दिन विशेष रूप से फलदायी है। साईं बाबा की मूर्ति या चित्र के सम्मुख दीप जलाकर, उदी का तिलक लगाएं और श्रद्धापूर्वक भजन गाएं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
शिरडी साईं बाबा की उपासना के दो मुख्य स्तंभ क्या हैं?
बाबा ने अपने भक्तों को 'श्रद्धा' (विश्वास) और 'सबूरी' (धैर्य) को जीवन का मूल आधार बनाने की शिक्षा दी थी।
साईं भजनों के संकीर्तन के लिए कौन सा दिन उत्तम है?
गुरुवार (गुरु दिवस) का दिन साईं बाबा के पूजन, व्रत और भजन संकीर्तन के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
साईं बाबा की 'उदी' का क्या महत्त्व है?
उदी बाबा की धूनी की पवित्र भस्म है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि उदी धारण करने से शारीरिक बीमारियां और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।
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