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नाम रामायणम (Nama Ramayanam Lyrics in Hindi) - Naam Ramayan - Bhaktilok

244 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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नाम रामायणम (Nama Ramayanam Lyrics in Hindi) - Naam Ramayan - Bhaktilok

नाम रामायणम (Nama Ramayanam Lyrics in Hindi) - 


|| जय श्री राम ||

श्री राम राम रामेति रामे रामे मनोरमे |

सहस्र नाम तत् तुल्यं श्री राम नाम मनोरमे ||


|| बाला कांडा ||

शुद्ध ब्रह्म पराथपरा राम

कालात्मक परमेश्वर राम


शेष थल्प सुख निद्रिथ राम

ब्रह्माद्यमार प्रार्थिता राम


चन्द्र किराना कुल मंदाना रामा

श्रीमद् दशरथ नन्दन राम


कौशल्या सुखा वर्धन राम

विश्वामित्र प्रियधन राम


घोरा टाटाका घटका रामा

मारीचादिनी पताका रामा


कौशिक मुख संरक्षक राम

श्रीमद् अहलयोद्धारक राम


गौतम मुनि संपूजिता राम

सुरमुनि वरगण संस्तुता रामा


नाविका धविता मृदुपद रामा

मिथिला पुराजन मोधक राम


विदेह मानस रंजक राम

त्रयंबक कारमुख भंजक राम


सितारपिटावर मलिका राम

कृत वैवाहिका कौतुक राम


भार्गव दर्प विनाशक राम

श्रीमद् अयोध्या पालक राम | 22 |


राम राम जय राजा राम

राम राम जय सीता राम


|| अयोध्या कांड ||

अग्निथा गुण गण भूषित राम

अवनि तनय कामिथ राम


राकाचन्द्र समानन राम

पितृ वाक्याश्रित कानन राम


प्रिया गुहा विनिवेदितपाद राम

तत् क्षालिता निज मृदुपद राम


भारद्वाज मुख नन्दक राम

चित्रा कुटाद्रि निकेतन राम


दशरथ संतता चिन्तिता राम

कैकेयी तनयार्तिता रामा

विरचिता निज पितृ कर्मका राम

भरतर्पिता निज पादुका राम | 34 |


राम राम जय राजा राम

राम राम जय सीता राम


|| अरण्य काण्ड ||

दंडकवन जन पावन राम

दुष्टा विराध विनाशन रामा


शरभंग सुतीक्ष्णार्चिता रामा

अगस्त्यानुग्रह वर्धिता राम


गृध्रधिपा समसेविता राम

पंचवति तत् सुस्थिता रामा


शूर्पणखार्ति विधायक राम

खरा धुषाण मुख सुधाका रामा


सीताप्रिय हरिणानुगा राम

मारीचार्ति कृतसुगा रामा

विनष्ट सितनवेसाका राम

गृध्राधिपा गति दायक राम


सबरी दत्त फलसाना राम

कबंध बाहु छेदना रामा | 48 |


राम राम जय राजा राम

राम राम जय सीता राम


|| किष्किंधा काण्ड ||

हनुमत सीविथा निज पद राम

नट सुग्रीव भिश्तदा राम


गर्वित वालि संहारक राम

वानर दूत प्रेषक राम


हितकर लक्ष्मण संयुत राम | 53 |

राम राम जय राजा राम

राम राम जय सीता राम


|| सुंदरकांडा ||

कपिवरा संतत संस्मृत राम

तद्गति विघ्न ध्वंसक रामा


सीताप्राण धारक राम

दुष्टा दशानन धुषित राम


शिस्ता हनुमादभुषित राम

सीता वेदिथ काकावना राम


कृत चूदामणि दर्शन राम

कपिवरा वचनवासिता राम | 61 |

राम राम जय राजा राम

राम राम जय सीता राम


|| युद्ध काण्ड ||

रावण निधन प्रस्थिता राम

वानर सैन्य समावृत्त रामा


शुषिता सारिधि शरथिता रामा

विभीषणाभय दायक राम


पर्वत सीतु निबन्धक राम

कुम्भकर्ण सिरसचीडका राम


राक्षस संग विमर्धक राम

अहिमाहि रावण चरण राम


समरथ दस मुख रावण राम

विधि भव मुख सुरा संस्तुता रामा


खस्थिता दशरथ विक्षित राम

सीता दर्शन मोदिता राम


अभिसिक्त विभीषणानत राम

पुष्पक याना-रोहाना राम


भारद्वाज भिनिशेवना राम

भरत प्राण प्रियकर राम


सकीथ पुरी भूषण राम

सकला स्विया समानथा रामा


रत्नाला शतपीठस्थिता राम

पट्टाभिषेकलंकृत राम


पार्थिव खुला सम्मनिथा राम

विभीषणारपिता रंगक राम

किशा कुलानुग्रहकार राम

सकल जीव रक्षक राम


समस्त लोकाधारक राम | 86 |


राम राम जय राजा राम

राम राम जय सीता राम


|| उत्तर काण्ड ||

अगस्त्य मुनिगण संस्तुता राम

विश्रुता दशाकंथोद्भव राम


सीतालिंगानां निर्वृत्त राम

नीति सुरक्षित जनपद रामा


विपिनत्यजिथा जनकजा राम

करिताला वाणासुर वध राम


स्वार्गाता शंभुखा संस्तुथा रामा

स्वातन्या कुशला वनन्दिता रामा


अश्वमीधक्रतु दीक्षित राम

काला वेदिथ सुरपद राम


अयोध्याका जन मुक्तिदा राम

विधिमुख विबुधननदख राम


तेजोमय निज रूपक राम

संसृति बंध विमूचक राम


धर्मस्थापना तत्पर राम

भक्तिपरायण मुक्तिदा राम


सर्व चराचर पालक राम

सर्व भावमय वरका राम

वैकुंठालय संस्थिता राम

नित्यानंद पदस्थिता राम | 106 |


राम राम जय राजा राम

राम राम जय सीता राम || 108 ||


|| मंगलम ||

भयहारा मंगला दशरथ राम

जय जय मंगला सीता राम

मंगलकारा जय मंगल राम

संगथा शुभ विभावोदय राम

आनंदमृत वर्षक राम

आश्रितवत्सल जया जया राम

रघुपति राघव राजा राम

पतितपावन सीता राम

इति श्री नाम रामायणम् सम्पूर्णम् ||


प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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