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रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाई लिरिक्स (Raghukul Reet Sada Chali Aayi Pran Jaaye Par Vachan Na Jaaye Lyrics in Hindi) - Ram Bhajan - Bhaktilok

621 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाई लिरिक्स Raghukul Reet Sada Chali Aayi Lyrics in Hindi) - 

मंगल भवन अमंगल हारी

द्रवहु सुदसरथ अजर बिहारी

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

हो धीरज धरम मित्र अरु नारी

आपत काल परखिये चारी

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

हो होइहै वही जो राम रचि राखा

को करे तरफ़ बढ़ाए साखा

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

हो जेहिके जेहि पर सत्य सनेहू

सो तेहि मिलय न कछु सन्देहू

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

हो जाकी रही भावना जैसी

प्रभु मूरति देखी तिन तैसी

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

रघुकुल रीत सदा चली आई

प्राण जाए पर वचन न जाई

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

जेहि कें जेहि पर सत्‍य सनेहू

सो तेहि मिलइ न कछु संदेहू

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

हो हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता

कहहि सुनहि बहुविधि सब संता

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

भीड़ पड़ी जब भक्त पुकारे

दूर करो प्रभु दु:ख हमारे

राम सिया राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

विश्वामित्र मुनीश्वर आये

दशरथ भूप से वचन सुनाये

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

वन में जाए ताड़का मारी

चरण छुआए अहिल्या तारी

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

जनक पुरी रघुनन्दन आए

नगर निवासी दर्शन पाए

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

रघुनन्दन ने धनुष चढ़ाया

सब राजो का मान घटाया

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

परशुराम क्रोधित हो आये

दुष्ट भूप मन में हरषाये

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

बोले लखन सुनो मुनि ग्यानी

संत नहीं होते अभिमानी

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

लक्ष्मण वचन ध्यान मत दीजो

जो कुछ दण्ड दास को दीजो

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय जय राम

लेकर के यह धनुष चढ़ाओ

अपनी शक्ति मुझे दिखलाओ

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

हुई उर्मिला लखन की नारी

श्रुतिकीर्ति रिपुसूदन प्यारी

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

अवधपुरी रघुनन्दन आये

घर-घर नारी मंगल गाये

सिया राम जय जय राम

राम सिया राम

सिया राम जय-जय राम।

रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाई लिरिक्स (Raghukul Reet Sada Chali Aayi Pran Jaaye Par Vachan Na Jaaye Lyrics in Hindi) - Ram Bhajan - Bhaktilok

*** Singer:- Kumar Shail ***

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प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाई लिरिक्स (Raghukul Reet Sada Chali Aayi Pran Jaaye Par Vachan Na Jaaye Lyrics in Hindi) - Ram Bhajan - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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