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Sai Baba

साईं कष्ट निवारण मंत्र (Sai Kasht Nivaran Mantra Lyrics in Hindi) - Sai Baba Mantra - Bhaktilok

158 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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साईं कष्ट निवारण मंत्र (Sai Kasht Nivaran Mantra Lyrics in Hindi) - 


कष्टो की काली छाया दुःख दैयी है |

जीवन में घोर उदासी लायी है |


संकट को तालो सै दुहाई है |

तेरे सिवा ना कोई मददगार है |


मेरे मन तेरी मूरत समायी है |

हर पल हर स्कन महिमा गाई है |


घर मेरे कष्टों की आँधी आई है |

आपने क्यू मेरी सुध भुलायी है |



तुम भोले नाथ हो दया निधान हो |

तुम हनुमान हो महा बलवान हो |


तुम्हीं हो राम और तुम्हीं श्याम हो |

सारे जगत में तुम सबसे महान हो |


तुम्हीं महाकाली तुम्हीं माँ शारदे |

कर्ता हु प्रार्थना भावे से तार दे |


तुम्ही मोहम्मद हो गरीब नवाज हो |

नानक की वाणी में ईसा के साथ हो |


तुम्ही दिगम्बर तुम्हीं कबीर हो |

हो बूढ़ा तुम्हीं हो और महावीर हो |



सारे जगत का तुम्हीं आधार हो |

निराकार भी और साकार हो |


करता हूँ वन्दना प्रेम विश्वास से |

सुनो साईं अल्लाह के वास्ते |


अधरो में मेरी नहीं मुस्कान है |

घर मेरा बनाने लगा स्मशान है |


राहेम नज़र करो उझादे विरान पे |

जिंदगी सवरेगी एक वरदान से |


पापा की धोप से तन लगा हारें |

आपका ये दस लगा पुकारने |


आपने सदा ही लाज बचायी है |

देर ना हो जाए मन शंकाए है |


धीरे धीरे धीरज ही खोता है |

मन में बस विश्वास ही रोता है |


मेरी कल्पना साकार कर दो |

सुनी जिंदगी में रंग भर दो |


धोते-धोते पापो का भार जिंदगी से |

मैं हार गया जिंदगी से |


नाथ अवगुण अब तो बिसारो |

कश्तो की लहर से आके उबरो |


करता हूं पाप मैं पापो की खान हूं |

ज्ञानी तुम ज्ञानेश्वर मैं अज्ञान हूं |


पापो की भूल में करता हूं पग-पग पर |

तार दो जीवन ये चरणों के धूल से |


तुमने उजाड़ा हुआ घर बसाया |

पानी से दीपक भी तुमने जलाया |


तुमने ही शिरडी को धाम बनाया |

छोटे गाँव में स्वर्ग सजाया |


कष्ट पाप श्राप उतारो |

प्रेण दया दृष्टि से निहारो |


आप का दस हू ऐसे ना तालिये |

गिरने लगा हू सै संभालिये |


सैजी बालक मैं अनाथ हु |

तेरे भरोसे रहता दिन रात हूँ |


जैसा भी हु | हू तो आपका |

कीजे निवारण मेरे संताप का |


तू है सवेरा और मैं रात हूँ |

मेल नहीं कोई फिर भी साथ हूँ |


साईं मुझसे मुख ना मोड़ो |

बीच मझदार अकेला ना छोड़ो |


आपके चरणों में आधार प्राण जय |

तेरे वचन मेरे गुरुसमान है |


आपकी राहो पे चलता दस है |

ख़ुशी नहीं कोई जीवन उदास है |


आंसू की धारा है डूबता किनारा |

जिंदगी में दर्द | नहीं गुजारा |


लगाया चमन तो फूल खिलाओ |

फूल खिले हैं तो खुशबू भी लाओ |


कर दो इशारा तो बात बन जाये |

जो किस्मत में नहीं वो मिल जाए |


बीता जमाना ये गाके फसाना |

सरहदे जिंदगी मौत का तराना |


देर हो गई है अँधेरे ना हो |

फ़िक्र मिले लेकिन फ़रेब ना हो |


देके तलो या दामन बचा लो |

हिलने लगी रहुणयी संभालो |


तेरे दम पर अल्लाह की शान है |

सूफी संतो के ये बयान है |


ग़रीब की झोली में भर दो ख़ज़ाना |

ज़माने के वाली करो ना बहाना |


डर के भिखारी हैं मोहताज हैं हम |

शहंशाहे आलम करो कुछ करम |


तेरे खज़ाने में अल्लाह की रहमत |

तुम सद्गुरु हो समर्थ |


आये तो धरती पे देने सहारा |

करने लगे क्यों हम से किनारा |


जब तक ये ब्रह्माण्ड रहेगा |

साईं तेरा नाम रहेगा |


चांद तारे तुम्हें पुकारेंगे |

जन्मोजन्म हम रास्ता निहारेंगे |


आत्मा बदलेगी छोले हजार |

हम मिलते रहेंगे हर बार |


आपके कदमो में बैठे रहेंगे |

दुखड़े दिल के कहते रहेंगे |


आपको मर्ज़ी है दो या ना दो |

हम तो कहेंगे दामन भी भर दो |


तुम हो दाता हम हैं भिखारी |

सुनते नहीं क्यों अरग हमारी |


अच्छा चलो एक बात बता दो |

क्या नहीं तुम्हारे पास बता दो |


जो नहीं देना है इंकार कर दो |

ख़तम ये आपस की तकरार कर दो |


लौट के खाली चला जाऊंगा |

फिर भी गन तेरे गाऊंगा |


जबतक काया है तबतक माया है |

इसी में दुखों का मूल समाया है |


सब कुछ जान के अंजान हूँ मैं |

अल्लाह की तू शान तेरी हूं शान मैं |


तेरा करम सदा सबपे रहेगा |

ये चक्र युग-युग चलता रहेगा |


जो प्राण गाएगा साई तेरो नाम |

उसको मिले मुक्ति पूछे परम धाम |


ये मंत्र जो प्राणि नित गाएंगे |

राहु केतु शनि निकट ना आयेंगे |


टाल जायेंगे संकट सारे |

घर में दस वास करे सुख सारे |


जो श्रद्धा से करेगा पथन |

हम पर देव सभी हो प्रसन्न |


रोग समुह नष्ट हो जायेंगे |

कष्ट निवारण मंत्र जो गाएंगे |


चिंता हारेगा निवारण जाप |

पल में डर हो सब पाप |


जो ये पुस्तक नित दिन बाचे |

लक्ष्मीजी घर उसके सदा बिराजे |


ज्ञान बुद्धि प्राणि वो पायेगा |

कष्ट निवारण में जो ध्यान देगा |


ये मंत्र भक्तो कमाल करेगा |

आये जो अनहोनी तो ताल देगा |


भूत-प्रेत भी रहेंगे दूर |

इस मंत्र में साईं शक्ति भरपुर है |


जपते रहे जो मंत्र अगर |

जादू टोना भी हो ब्यासर |


क्या मंत्र में सब गुण समाये |

ना हो भरोसा तो आजमाये |


ये मंत्र साई बचन ही जाणो |

स्वयं अमल कर सत्य पहचानो |


संशय ना लाना विश्वास जगाना |

ये मंत्र सुख का है खजाना |


क्या पुस्तक में साई का वास है |

साईं दया से ही लिख पाया दास |


अनंत कोटि ब्रह्माण्ड नायक

राजा धी राज योगी राज परा ब्रह्म

श्री सच्चिदानंद सद्गुरु साईं नाथ महाराज की जय ||


संतों और ऋषियों के आध्यात्मिक इतिहास की गहरी समझ के लिए संत एवं ऋषि ज्ञानकोश अवश्य पढ़ें।

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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