शनि अष्टोत्तर शतनामावली(Shani Ashtottar Shatanamavali Lyrics in Hindi) -
ॐ शनैश्चराय नमः |
ॐ शांताय नमः |
ॐ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः |
ॐ शरण्यै नमः |
ॐ वरेण्याय नमः |
ॐ सर्वेषाय नमः |
ॐ सौम्याय नमः |
ॐ सुरावन्दाय नमः |
ॐ सुरलोकविहारिणे नमः | 9
ॐ सुखासनोपविष्टय नमः |
ॐ सुन्दराय नमः |
ॐ घनाय नमः |
ॐ घनरूपाय नमः |
ॐ घनभरणधारिणे नमः |
ॐ घनसार्विलेपाय नमः |
ॐ खद्योताय नमः |
ॐ मंदाय नमः |
ॐ मन्दाचेष्टाय नमः | 18
ॐ महानियागुणात्मने नमः |
ॐ मर्त्यपावनपादाय नमः |
ॐ महेशाय नमः |
ॐ छायापुत्राय नमः |
ॐ शरवाय नमः |
ॐ शरतुनिराधारिणे नमः |
ॐ चरस्थिरस्वभावाय नमः |
ॐ चंचलाय नमः |
ॐ नीलवर्णाय नमः | 27
ॐ नित्याय नमः |
ॐ नीलांजनानिभाय नमः |
ॐ नीलाम्बरविभूषाय नमः |
ॐ निश्चालय नमः |
ॐ वेद्याय नमः |
ॐ विधिरूपाय नमः |
ॐ अन्तकदर्भूमाये नमः |
ॐ भेदासनस्वभावाय नमः |
ॐ वज्रदेहाय नमः | 36
ॐ वैराग्यदाय नमः |
ॐ वीराय नमः |
ॐ वीतरोगभाय नमः |
ॐ विपत्परम्परेषाय नमः |
ॐ विश्ववन्दाय नमः |
ॐ गृधनवहाय नमः |
ॐ गुडाय नमः |
ॐ कूर्मांगाय नमः |
ॐ कुरूपिणे नमः | 45
ॐ कुत्सिताय नमः |
ॐ गुणाध्याय नमः |
ॐ अधियाय नमः |
ॐ अविद्यामूलनासाय नमः |
ॐ विद्या विद्यास्वरूपिणे नमः |
ॐ आयुष्यकरणाय नमः |
ॐ आपदुद्धर्त्रे नमः |
ॐ विष्णु भक्ताय नमः |
ॐ वशीने नमः | 54
ॐ विद्याघमवेदिने नमः |
ॐ विधिस्तुत्याय नमः |
ॐ वन्दयाय नमः |
ॐ विरूपाक्षाय नमः |
ॐ वरिष्ठाय नमः |
ॐ मक्षिमाय नमः |
ॐ वज्रंकुशाधाराय नमः |
ॐ वरदभयहस्ताय नमः |
ॐ वामनाय नमः | 63
ॐ ज्येष्ठपत्नीसमेथाय नमः |
ॐ श्रेष्ठाय नमः |
ॐ मिताबाशिने नमः |
ॐ कष्टौघंशाकाय नमः |
ॐ पुष्टिदाय नमः |
ॐ स्तुथयाय नमः |
ॐ स्तोत्रगमय नमः |
ॐ भक्तिवश्य नमः |
ॐ भाणवे नमः | 72
ॐ भानुपुत्राय नमः |
ॐ भव्याय नमः |
ॐ पवनाय नमः |
ॐ धनुर्मंडलसंस्थाय नमः |
ॐ धनदाय नमः |
ॐ धनुष्मते नमः |
ॐ तनुप्रकाशदेहाय नमः |
ॐ तमसाय नमः |
ॐ अशेषजनवन्दाय नमः | 81
ॐ विषकफडैने नमः |
ॐ वशिकात्जनेशाय नमः |
ॐ पाशुनं पतये नमः |
ॐ खेचराय नमः |
ॐ खगेसाय नमः |
ॐ घनिलाम्बराय नमः |
ॐ कथिन्यमानसाय नमः |
ॐ आर्यगणस्तुथ्याय नमः |
ॐ नीलछत्रय नमः | 90
ॐ नित्याय नमः |
ॐ निर्गणाय नमः |
ॐ गुणात्मने नमः |
ॐ निरामाय नमः |
ॐ निन्दयाय नमः |
ॐ वन्दनीयाय नमः |
ॐ धीराय नमः |
ॐ दिव्यदेहाय नमः |
ॐ दीनर्तिहरणाय नमः | 99
ॐ दैन्यसाक्षराय नमः |
ॐ आर्यजंगनाय नमः |
ॐ क्रुराय नमः |
ॐ क्रुराचेष्टाय नमः |
ॐ कामक्रोधकाराय नमः |
ॐ कालत्रपुत्रशत्रुत्वकरणाय नमः |
ॐ परिपोषितभक्ताय नमः |
ॐ परभीतिहराय नमः |
ॐ भक्तसंघमनोभिष्टफलदाय नमः 108
इति श्री शनि अष्टोतर शतनामावली: ||
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।
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