श्री काल भैरव स्तोत्र(Shri Kaal bhairav Stotra in Snskrit):-
श्री काल भैरव स्तोत्र(Shri Kaal bhairav Stotra in Snskrit):-
नमो भैरवदेवाय नित्ययानंदमूर्तये ।।
विधिशास्त्रान्तमार्गाय वेदशास्त्रार्थदर्शिने ।।1।।
दिगंबराय कालाय नमः खट्वांगधारिणे ।।
विभूतिविलसद्भालनेत्रायार्धेंदुमालने ।।2।।
कुमारप्रभवे तुभ्यं बटुकायमहात्मने ।।
नमोsचिंत्यप्रभावाय त्रिशूलायुधधारिणे ।।3।।
नमः खड्गमहाधारहृत त्रैलोक्य भीतये ।।
पूरितविश्वविश्वाय विश्वपालाय ते नमः ।।4।।
भूतावासाय भूताय भूतानां पतये नम ।।
अष्टमूर्ते नमस्तुभ्यं कालकालाय ते नमः ।।5।।
कं कालायातिघोराय क्षेत्रपालाय कामिने ।।
कलाकाष्टादिरूपाय कालाय क्षेत्रवासिने ।।6।।
नमः क्षेत्रजिते तुभ्यं विराजे ज्ञानशालने ।।
विद्यानां गुरवे तुभ्यं विधिनां पतये नमः ।।7।।
नमः प्रपंचदोर्दंड दैत्यदर्प विनाशने ।।
निजभक्त जनोद्दाम हर्ष प्रवर दायिने ।।8।।
नमो जंभारिमुख्याय नामैश्वर्याष्टदायिने ।।
अनंत दुःख संसार पारावारान्तदर्शिने ।।9।।
नमो जंभाय मोहाय द्वेषायोच्याटकारिणे ।।
वशंकराय राजन्यमौलन्यस्त निजांध्रये ।।10।।
नमो भक्तापदां हंत्रे स्मृतिमात्रार्थ दर्शिने ।।
आनंदमूर्तये तुभ्यं श्मशाननिलयाय् ते ।।11।।
वेतालभूतकूष्मांड ग्रह सेवा विलासिने ।।
दिगंबराय महते पिशाचाकृतिशालने ।।12।।
नमोब्रह्मादिभर्वंद्य पदरेणुवरायुषे ।।
ब्रह्मादिग्रासदक्षाय निःफलाय नमो नमः ।।13।।
नमः काशीनिवासाय नमो दण्डकवासिने ।।
नमोsनंत प्रबोधाय भैरवाय नमोनमः ।।14।।
श्री काल भैरव स्तोत्र लाभ(Shri Kaal bhairav Stotra Ke Labh Hindi Me):-
श्री काल भैरव स्तोत्र लाभ(Shri Kaal bhairav Stotra Ke Labh Hindi Me):-
- काल भैरव के नाम जप मात्र से मनुष्य को कई रोगों से मुक्ति मिलती है
- संतान को लंबी उम्र प्रदान करते है
- शनिवार या मंगलवार कभी भी अपने घर में भैरव पाठ का वाचन कराने से समस्त कष्टों और परेशानियों से मुक्त हो सकते हैं।
- भैरव कवच से असामायिक मृत्यु से बचा जा सकता है।
- कालभैरव अष्टमी पर भैरव के दर्शन करने से अशुभ कर्मों से मुक्ति मिल सकती है
- काल भैरव की पूजा करके पत्रिका के दोषों का निवारण आसानी से कर सकते है |
- राहु केतु के उपायों के लिए भी काल भैरव पूजन करना अच्छा माना जाता है।
- काल भैरव की पूजा-अर्चना करने से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि के साथ-साथ स्वास्थ्य में भी लाभ मिलता है
- भैरव तंत्रोक्त, बटुक भैरव कवच, काल भैरव स्तोत्र, बटुक भैरव ब्रह्म कवच आदि का नियमित पाठ करने जीवन में सारी बाधाएं दूर हो जाती है ।
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "श्री काल भैरव स्तोत्र(Shri Kaal bhairav Stotra in Snskrit) - Bhaktilok " ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।
भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।
भजनों को गाने की सही विधि क्या है?
भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।
क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?
हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।


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