सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम् (Siddha kunjika stotram in Hindi and English) -
श्रृणु देवि प्रवक्ष्यामि कुंजिकास्तोत्रमुत्तमम्
Srunu Devi Pravakshyami Kunjika Stotra Muthamum
येन मन्त्रप्रभावेण चण्डिजाप: शुभो भवेत्
Yena Mantra Prabhavena Chandi Japa Shubho Bhaveth
न कवचं नार्गलास्तोत्रं कीलकं न रहस्यकम्
Na-Kavacham Na-Argala Stotram Kila-Kam Na Rahasya-Kam
न सूक्तं नापि ध्यानं च न न्यासो न च वार्चनम्
Na-Sooktham Naapi Dhyanam Cha Na Nyaso Na Cha Vaarchanum
कुंजिकापाठमात्रेण दुर्गापाठफलं लभेत्
Kunjika Paath Maatrena Durga Paath Phalam Labheth
अपि गुह्यतरं देवि देवानामपि दुर्लभम्
Api Guhiya-Taram Devi Deva-Nam Api Durlabham
गोपनीयं प्रयत्नेन स्वयोनिरिव पार्वति
Gopa-Neeyam Prayatna-Nena Swayo-Niriva Parvathi
मारणं मोहनं वश्यं स्तम्भनोच्चाटनादिकम्
Maa-Ra-Num Mohanam Vashyam Sthambhano-Ucchatan-Aadhikam
पाठमात्रेण संसिद्धयेत् कुंजिकास्तोत्रमुत्तमम्
Paatha Mathrena San-Sidhi-Dhya-Yet Kunjika Stotram Muthamum
अथ मन्त्रः
Atha Mantra
ॐ ऐं ह्रीं क्लींचामुण्डायै विच्चे
Om Aim Hreem Kleem Cha-Mundaa-Yai Vichey
ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः
Om Gloum Hoom Kleem Joom Sah
ज्वालयज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल
Jwa-La-Yah Jwa-La-Yah Jwala Jwala Prajwal Prajwal
ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
Aim Hreem Kleem Chamundaa-Yai Viche
ज्वलहं सं लं क्षं फट् स्वाहा
Jwala Ham Sam Lam Ksham Phat Svaha
इति मन्त्रः
- Title: Siddha Kunjika Stotram
- Singer: Gayatri Dhareshwar
- Music Director: Subhash Jena
- Edit & Gfx : Prem Graphics PG
- Music Label: Music Nova
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम् (Siddha kunjika stotram in Hindi) - Siddha Kunjika Stotra - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।
भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।
राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?
भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।
क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?
हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।
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