श्री वेंकटेश्वर अष्टोत्रम् (Sri Venkateswara Ashtothram Lyrics in Hindi) -
ॐ वेंकटेशाय नमः
ॐ श्रीनिवासाय नमः
ॐ लक्ष्मी पथे नमः
ॐ अनमायाय नमः
ॐ अमृतमशाय नमः
ॐ जगद्वन्द्याय नमः
ॐ गोविंदाय नमः
ॐ शवताय नमः
ॐ प्रभवे नमः || 9 ||
ॐ शेषाद्रिनिलयाय नमः
ॐ देवाय नमः
ॐ केशवाय नमः
ॐ मधुसूदनाय नमः
ॐ अमृताय नमः
ॐ माधवाय नमः
ॐ कृष्णाय नमः
ॐ श्रीहरये नमः
ॐ ज्ञानपंजराय नमः || 18 ||
ॐ श्रीवत्स वक्ससे नमः
ॐ सर्वेषाय नमः
ॐ गोपालाय नमः
ॐ पुरूषोत्तमाय नमः
ॐ गोपीश्वराय नमः
ॐ परमज्योतिषे नमः
ॐ वैकुण्ठपथये नमः
ॐ अव्ययाय नमः
ॐ सुधातनवे नमः || 27 ||
ॐ यादवेन्द्राय नमः
ॐ नित्यौवनरूपवते नमः
ॐ चतुर्वेदात्मनाय नमः
ॐ विष्णवे नमः
ॐ अच्युताय नमः
ॐ पद्मिनीप्रिया नमः
ॐ धारावतये नमः
ॐ सुरवतये नमः
ॐ निर्मलाय नमः || 36 ||
ॐ देवपूजिताय नमः
ॐ चतुर्भुजाय नमः
ॐ त्रिधामने नमः
ॐ त्रिगुणाश्रेयाय नमः
ॐ निर्विकल्पाय नमः
ॐ निष्कलंकाय नमः
ॐ निरंतरकाय नमः
ॐ निरंजनाय नमः
ॐ निरभसाय नमः || 45 ||
ॐ सत्यतृप्ताय नमः
ॐ निरुपद्रवाय नमः
ॐ निर्गुणाय नमः
ॐ गदाधराय नमः
ॐ शरजगापने नमः
ॐ नन्दकिने नमः
ॐ शंखधारकाय नमः
ॐ अनेकमूर्तये नमः
ॐ अव्यक्ताय नमः || 54 ||
ॐ कटिहस्ताय नमः
ॐ वरप्रदाय नमः
ॐ अनेकात्मने नमः
ॐ दीनबंधने नमः
ॐ अर्तलोकाभायप्रदाय नमः
ॐ आकाशराजवरदाय नमः
ॐ योगिहृत्पद्मामंदिराय नमः
ॐ दामोदराय नमः
ॐ करुणाकराय नमः || 63 ||
ॐ जगत्पालायपाघ्नाय नमः
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
ॐ त्रिविक्रमाय नमः
ॐ शिंशुमाराय नमः
ॐ जटामाकुतशोभिताय नमः
ॐ शंखमाध्योल्लासनमंजु नमः
ॐ किंकिनाध्यकरण्डकाय नमः
ॐ नीलामेघश्यामतनवे नमः
ॐ बिल्वपत्रचनाप्रियाय नमः || 72 ||
ॐ जगद्व्यापिने नमः
ॐ जगत्कर्तारे नमः
ॐ जगतकक्षिने नमः
ॐ जगत्पतये नमः
ॐ चिन्तितार्थप्रदायकाय नमः
ॐ जिष्णवे नमः
ॐ दाशार्हाय नमः
ॐ दशरूपवते नमः
ॐ देवकीनंदनाय नमः || 81 ||
ॐ शौराये नमः
ॐ हयग्रीवाय नमः
ॐ जनार्दनाय नमः
ॐ कन्याश्रवन्तराजाय नमः
ॐ पीताम्बराधाराय नमः
ॐ अनाघाय नमः
ॐ वनमालिने नमः
ॐ पद्मनाभाई नमः
ॐ मृगयस्तमनसाय नमः || 90 ||
ॐ अश्वरुदाय नमः
ॐ खड्गधारिणे नमः
ॐ धनार्जनसमुत्सुकाय नमः
ॐ घनसारलानमध्या नमः
ॐ कस्तूरीतिलकोज्जवलाय नमः
ॐ सच्चिदानारदुपाय नमः
ॐ जगन्मंगलदायाय नमः
ॐ यज्ञरूपाय नमः
ॐ यज्ञभोकत्रे नमः || 99 ||
ॐ चिन्मयाय नमः
ॐ परमेश्वराय नमः
ॐपरमर्थप्रदाय नमः
ॐ संताय नमः
ॐ श्रीमते नमः
ॐ दूरदण्डविक्रमाय नमः
ॐ परब्रह्मणे नमः
ॐ श्रीविभावे नमः
ॐ जगदीश्वराय नमः || 108 ||
इति श्री वेंकटेश्वर अष्टोत्तर सतनामावली पूर्ण ||
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "श्री वेंकटेश्वर अष्टोत्रम् (Sri Venkateswara Ashtothram Lyrics in Hindi) - Sri Venkatesha Stotram - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।
भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।
राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?
भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।
क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?
हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

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