Hanuman Bhajan

राम दीवाना हो मस्ताना झूमे देखो बजरंगबली (Ram Diwaana Ho Mastana Jhoome Dekho Bajrangbali Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan - Bhaktilok

125 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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कंट्रास्ट:
हनुमान भजन

राम दीवाना हो मस्ताना झूमे देखो बजरंगबली (Ram Diwaana Ho Mastana Jhoome Dekho Bajrangbali Lyrics in Hindi)

श्रेणी: Hanuman Bhajan | लेखक: राहुल गोस्वामी | संगीत: सौरभ कोली

भक्ति और समर्पण की पराकाष्ठा को छूने वाला अत्यंत लोकप्रिय हनुमान भजन "राम दीवाना हो मस्ताना झूमे देखो बजरंगबली" (Ram Diwaana Ho Mastana Jhoome Dekho Bajrangbali Lyrics in Hindi) भगवान श्री हनुमान के अगाध राम प्रेम और उनकी अलौकिक महिमा का सजीव चित्रण करता है। कलयुग के जीवंत देवता, संकटमोचन पवनसुत हनुमान जी की महिमा का गुणगान करते हुए यह भजन श्रोताओं के हृदय में राम भक्ति का संचार कर देता है। गायक राहुल गोस्वामी की मधुर वाणी और सौरभ कोली के संगीत संयोजन से सजा यह भजन सनातन प्रेमियों के बीच अत्यंत प्रसिद्ध है। इस भजन का प्रत्येक शब्द बजरंगबली के उस स्वरूप को दर्शाता है जो निरंतर श्री राम के ध्यान में मग्न रहते हैं और अपने भक्तों के सभी संकटों को पल भर में हर लेते हैं। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में हम इस पावन भजन के संपूर्ण बोल (Lyrics), इसका सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ, गायन की विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व की चर्चा करेंगे, जो आपको हनुमान भक्ति की गहरी अनुभूति कराएगा।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

मुखड़ा (Refrain):

राम दीवाना हो मस्ताना, झूमे देखो बजरंगबली,
बजरंगबली बजरंगबली, झूमे देखो बजरंगबली...
श्री राम की धुन में रहता, हर दम ये मतवाला,
पवन पुत्र हनुमान भगत है, राम चरण का प्याला...

अंतरा 1:

अंजनि के लाल प्रभु चरणों के दास हैं,
राम नाम के बिना न इनकी कोई आस है,
सीना चीर के इन्होंने राम सिया को दिखाया,
भक्ति का ऐसा अनोखा इतिहास बनाया...
देख के इनकी भक्ति को, दुनिया हैरान हुई,
संकटमोचन की महिमा, सबसे महान हुई!
राम दीवाना हो मस्ताना, झूमे देखो बजरंगबली...

अंतरा 2:

संकट मोचन नाम तुम्हारा, जग में न्यारा न्यारा,
जो भी शरण में आया, तुमने उसको उभारा,
लाक्षागृह हो या लंका का जलना अपार,
संजीवनी बूटी लाकर तुमने किया बेड़ा पार...
महाबली के चरणों में, झुकता संसार सारा,
इनकी कृपा से ही मिलता, जीवन का सहारा!
राम दीवाना हो मस्ताना, झूमे देखो बजरंगबली...

अंतिम चरण (समापन):

राहुल गोस्वामी गाए, महिमा वीर हनुमान की,
सौरभ कोली धुन सजाए, गाथा प्रभु राम की,
जो भी सच्चे मन से इनका नाम पुकारेगा,
संकट उसका बजरंगबली पल में टारेगा...
जय बजरंगबली! जय श्री राम!

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह भजन केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह एक भक्त और भगवान के बीच के अनन्य प्रेम का सजीव दस्तावेज है। 'राम दीवाना हो मस्ताना, झूमे देखो बजरंगबली' पंक्ति का तात्पर्य है कि भगवान हनुमान अपने आराध्य श्री राम के प्रेम में इस प्रकार सुधि-बुधि खो चुके हैं कि वे मस्ती में झूम रहे हैं। 'राम दीवाना' शब्द का अर्थ है जो केवल राममय हो चुका हो, जिसे संसार की अन्य किसी वस्तु या सुख की कामना न हो।

भजन के अंतरा में 'अंजनि के लाल' और 'सीना चीर के इन्होंने राम सिया को दिखाया' पंक्तियाँ हनुमान जी की उस परम निष्ठा की याद दिलाती हैं जहाँ उनके रोम-रोम में सिया-राम बसे हुए थे। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति किसी बाहरी प्रदर्शन की मोहताज नहीं होती, बल्कि यह हृदय के भीतर से उत्पन्न होने वाला समर्पण है। कवि ने संकटमोचन के ऐतिहासिक कार्यों जैसे लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और अशोक वाटिका विध्वंस को स्मरण करते हुए यह स्पष्ट किया है कि हनुमान जी अपने भक्तों के हर संकट का निवारण करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • अनन्य राम भक्ति: यह भजन श्री हनुमान के भगवान राम के प्रति अगाध प्रेम और अटूट विश्वास को उजागर करता है।
  • कलयुग के प्रधान देवता: सनातन मान्यता के अनुसार हनुमान जी कलयुग में जागृत देवता हैं, जिनका स्मरण मात्र से सारे भय दूर हो जाते हैं।
  • संगीत और स्वर का तालमेल: गायक राहुल गोस्वामी की ऊर्जावान आवाज और संगीतकार सौरभ कोली का संयोजन इस भजन को सुनने वाले के भीतर सकारात्मक ऊर्जा भर देता है।
  • मानसिक शांति और शक्ति: इस भजन का नियमित श्रवण या गायन करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और मानसिक संताप शांत होते हैं।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

हनुमान जी की आराधना और उनके भजनों का गान विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है। प्रातः काल स्नान करने के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करके, हनुमान जी के चित्र या विग्रह के समक्ष दीप प्रज्वलित कर इस भजन को गाना या सुनना चाहिए। इसके अतिरिक्त, सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा या किसी भी धार्मिक अनुष्ठान (Satsang) के दौरान इस भजन को गाकर वातावरण को भक्तिमय बनाया जा सकता है। संध्या बेदी में हनुमान मंदिर में बैठकर इस भजन का गान करने से विशेष आध्यात्मिक शांति की अनुभूति होती है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के केंद्र में भगवान श्री हनुमान (बजरंगबली, पवनसुत, संकटमोचन) और उनके आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम हैं। हनुमान जी को भगवान शिव का एकादश रुद्रावतार भी माना जाता है, जिनमें बल, बुद्धि, विद्या और असीम पराक्रम का वास है। साथ ही, इस भजन की रचना और प्रस्तुति में आधुनिक भक्ति संगीत परंपरा के कलाकारों का योगदान है, जो पारंपरिक कथाओं को आज की पीढ़ी तक पहुँचा रहे हैं। हनुमान जी की उपासना के साथ श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से साधक को दुखों से मुक्ति मिलती है।

भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background

समकालीन भक्ति संगीत जगत में हनुमान भजनों की श्रृंखला में यह रचना एक मील का पत्थर है। इसे आधुनिक वाद्य यंत्रों और पारंपरिक लोक धुनों के सुंदर सम्मिश्रण से तैयार किया गया है। गीतकार और गायक ने बजरंगबली के उस स्वरूप को शब्दों में पिरोया है जो हर भक्त के मन में बसता है। जब कोई भक्त कलयुग की भागदौड़ भरी जिंदगी में हताश होता है, तब ऐसे भजन उसे पुनः सकारात्मक ऊर्जा और आत्मीय संबल प्रदान करते हैं।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

इस भजन की भाषा अत्यंत सरल, सुबोध और प्रभावमयी हिंदी तथा अवधी मिश्रित लोक शैली है। इसमें आम बोलचाल के शब्दों का प्रयोग किया गया है ताकि हर उम्र का श्रोता इसे आसानी से समझ सके और गा सके। 'दीवाना', 'मस्ताना', 'मतवाला', और 'प्याला' जैसे शब्दों का रूपक के रूप में सुंदर प्रयोग किया गया है जो हनुमान जी के अलौकिक प्रेम को पाठक के मानस पटल पर जीवंत कर देता है।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

  • निस्वार्थ सेवा भाव: हनुमान जी ने बिना किसी फल की अपेक्षा के आजीवन श्री राम की सेवा की, जो हमें निष्काम कर्म का पाठ पढ़ाता है।
  • अटूट विश्वास: कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने आराध्य और अपने धर्म पर अटूट भरोसा रखना चाहिए।
  • नम्रता और शक्ति का समन्वय: असीम बलशाली होने के बावजूद हनुमान जी अत्यंत विनम्र हैं; शक्ति का प्रयोग अहंकार के लिए नहीं, बल्कि रक्षा के लिए होना चाहिए।
  • संकटों से न घबराना: जीवन में आने वाले संकटों का सामना बजरंगबली की तरह वीरता और धैर्य के साथ करना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल अर्थ संदर्भ / प्रसंग
दीवाना प्रेमी, भक्त, सुधि-बुधि खोने वाला श्री राम के प्रेम में पूरी तरह मग्न हनुमान जी
मस्ताना आनंदित, मस्त रहने वाला भक्ति के आनंद में झूमने वाले बजरंगबली
पवन पुत्र वायु देवता के पुत्र हनुमान जी का एक नाम (मारुति नंदन)
संकटमोचन सारे संकटों को हरने वाले भक्तों के दुखों का निवारण करने वाले देवता
मतवाला मदिरा या भक्ति के नशे में मस्त राम नाम की धुन में मग्न रहने वाला वीर

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

"राम दीवाना हो मस्ताना, झूमे देखो बजरंगबली..."
यहाँ कवि वर्णन कर रहा है कि हनुमान जी राम के प्रेम में ऐसे दीवाने हो चुके हैं कि वे अपनी सुध-बुध खोकर मस्ती में झूम रहे हैं।

"अंजनि के लाल प्रभु चरणों के दास हैं, राम नाम के बिना न इनकी कोई आस है..."
माता अंजनी के पुत्र हनुमान जी स्वयं को भगवान राम का दास मानते हैं और उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य राम नाम का स्मरण करना है।

"संकट मोचन नाम तुम्हारा, जग में न्यारा न्यारा..."
संसार में संकटों को दूर करने वाले आपके नाम की महिमा सबसे अनोखी है, जो भी शरण में आता है उसका उद्धार हो जाता है।

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् ।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्री रामदूतम शरणं प्रपद्ये ॥

इस पावन श्लोक का प्रतिदिन स्मरण करने से मन को अपार शांति और बल की प्राप्ति होती है। हनुमान जी की स्तुति के लिए सुंदरकांड पाठ का भी अत्यधिक महत्व है।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम राम दीवाना हो मस्ताना झूमे देखो बजरंगबली
आराध्य देव भगवान श्री हनुमान एवं श्री राम
गायक / कलाकार राहुल गोस्वामी
संगीतकार सौरभ कोली
भाषा हिंदी / अवधी मिश्रित
मुख्य भाव (Bhava) अगाध भक्ति, समर्पण और आनंद
उपयुक्त अवसर मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती, सत्संग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. 'राम दीवाना हो मस्ताना झूमे देखो बजरंगबली' भजन के गायक कौन हैं?

Ans. इस लोकप्रिय भजन को गायक राहुल गोस्वामी ने अपनी मधुर वाणी से सजाया है और इसके संगीतकार सौरभ कोली हैं।

Q2. यह भजन किस देवता को समर्पित है?

Ans. यह भजन मुख्य रूप से संकटमोचन भगवान श्री हनुमान और उनके आराध्य भगवान श्री राम को समर्पित है।

Q3. इस भजन को किस दिन गाना या सुनना सबसे अच्छा होता है?

Ans. इस भजन को मंगलवार और शनिवार के दिन सुनना तथा हनुमान जी की पूजा के समय गान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

Q4. इस भजन का मुख्य आध्यात्मिक संदेश क्या है?

Ans. इस भजन का मुख्य संदेश भगवान के प्रति निस्वार्थ प्रेम, अटूट समर्पण और संकटों में धैर्य रखना है।

Q5. क्या इस भजन को घर पर सत्संग के दौरान गाया जा सकता है?

Ans. हाँ, इस भजन को किसी भी धार्मिक अनुष्ठान, मंगलवार की चौकी या घर पर होने वाले सत्संग में आसानी से गाया जा सकता है।

Q6. हनुमान जी की भक्ति करने से जीवन में क्या लाभ मिलता है?

Ans. हनुमान जी की कृपा से भय, रोग, बाधा और सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं तथा साधक को निर्भयता और बल की प्राप्ति होती है।

Q7. हनुमान जी को कौन सा वार सबसे प्रिय है?

Ans. हनुमान जी की उपासना के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है।

Q8. इस भजन को पढ़ने से मानसिक शांति कैसे मिलती है?

Ans. इसके सकारात्मक बोल और राम भक्ति का भाव मन को शांत करता है और नकारात्मक विचारों को दूर भगाता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख सनातन धर्म की परंपराओं, हनुमान भक्ति साहित्य और श्रोताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। सभी पंक्तियों और अर्थों को प्रामाणिक धार्मिक संदर्भों के आधार पर विश्लेषित किया गया है। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री के तहत पाठकों की सुगमता और प्रामाणिकता का पूरा ध्यान रखा गया है।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • पारंपरिक हनुमान भजन संग्रह एवं लोक कथाएँ
  • श्री रामचरितमानस - गोस्वामी तुलसीदास जी
  • हनुमान चालीसा एवं संकटमोचन स्तोत्र परंपरा
  • भक्ति संगीत प्रकाशन एवं डिजिटल मीडिया आर्काइव

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 27 Sep 2026

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