राम रक्षा स्तोत्र (Ram raksha Stotra in Hindi) -
संपूर्णं सम्पूर्णं सुदर्शनं पारिजातशायिनं ।
वाराणस्यादिपुरुषं शाश्वतं विज्ञेयं विभुम् ।। १।।
सुमित्रापुत्रं रामं सुरमूर्तिं सुलक्ष्मणं सितापतिं सुवीरम्।
जानकी पतिं जनकात्मजाया जय रामं जय जय रामम्।। २।।
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च केशवम् ।
श्रीधरं गरुडास्यास्य वासिष्ठं विष्णुरात्मनः ।। ३।।
अजितं दशास्यं च परमेश्वरं कारणम् ।
पुरुषं नीतिमार्गस्य साक्षात् धर्मस्य लक्षणम् ।। ४।।
तन्तुतीव्रैरुदारैश्च सातोदरैश्च शर्वरीम् ।
नित्यं तामनुगायंति रामं निगदमिति स्मृतम् ।। ५।।
सर्वानर्थत्राणपरं सर्वलोकेषु राघवम् ।
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियम् ।। ६।।
बुद्धिहीनं बलशून्यं कमरूपधारिणम् ।
बुद्ध्याहङ्कारचित्तानि नाहं देवं शरणम् ।। ७।।
अव्ययं पारमं ब्रह्म रूपं रामं पुरातनम् ।
यूथ्ये यूथ्ये महाबाहो शृणुक्ष्वोमहिपातकम् ।। ८।।
दशग्रीववधं नित्यं जपेन्नैव मुमूर्षवा ।
सीतापतिं रघुनाथं नैतद्विष्णोः परायणम् ।। ९।।
आपदां पहरार्तारं दातारां सर्वसंपदाम् ।
लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम् ।। १०।।
यः श्रीरामचरितामृतसागरे ।
आकाशमाकाशवसुकवासुके ।
साङ्गमसाङमतरङ्गमतरङ्गे ।
सदा यस्याः परिवारः शुकस्यदुकस्यच।। ११।।
तापत्रयाग्निमहं दृष्ट्वा कृष्णपादाब्जसङ्गतः
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "राम रक्षा स्तोत्र (Ram raksha Stotra in Hindi) - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।
भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।
राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?
भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।
क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?
हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

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