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जब कोई ना समभाले संभालता है श्याम लिरिक्स - Bhaktilok

662 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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जब कोई ना समभाले संभालता है श्याम लिरिक्स - Bhaktilok: हारे के सहारे की महिमा

श्री खाटू श्याम बाबा की असीम कृपा और करुणा का गान करने वाला अत्यंत लोकप्रिय भजन "जब कोई ना समभाले संभालता है श्याम" भक्तों के बीच गहरी आस्था और समर्पण का प्रतीक है। जब मनुष्य जीवन के संघर्षों, असफलताओं और विषम परिस्थितियों से घिर जाता है और चारों तरफ निराशा का अंधकार छा जाता है, तब कलयुग के धणी खाटू श्याम बाबा अपनी मोरछड़ी की जादूगरी से भक्तों की नैया को पार लगाते हैं। कुमार Deepak जी द्वारा गाये गए और श्री जयशंकर चौधरी जी द्वारा रचित इस सुंदर भजन में उस परम शक्ति का गुणगान किया गया है जो दुनिया द्वारा ठुकराए गए हर शख्स को गले लगाती है। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में हम इस पावन भजन के सम्पूर्ण बोल (Lyrics), सरल हिंदी अर्थ, भावार्थ, गायन विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व का संपूर्ण अध्ययन करेंगे।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics


जब कोई ना समभाले संभालता है श्याम
अजी कोई ना कोई रास्ता निकालता है श्याम
ऐसा कोई काम नहीं है श्याम धणी मेरा कर नहीं सकता
ऐसा दामन बना नहीं जिसे श्याम धणी मेरा भर नहीं सकता
हो चाहे जैसी किस्मत संवारता है श्याम
अरे कोई ना कोई रास्ता निकालता है श्याम।

थोड़ा वक़्त निकल जाने दे देवो का सरताज बनेगा
जो ना माने इसकी हुकूमत दर दर का मोहताज बनेगा
जनम जनम का रास्ता सुधारता है श्याम
कोई ना कोई रास्ता निकालता है श्याम।

मंदिर के पत्थर पत्थर पर लिखा हुआ हारे का सहारा
मंदिर बहुत बनेंगे लेकिन बने ना मंदिर ऐसा दोबारा
खुद मंदिर की नज़रें उतारता है श्याम
अरे कोई ना कोई रास्ता निकालता है श्याम।

बनवारी इसकी भक्ति से विपदा सारी पल में टलेगी
श्याम नाम का मंत्र सुना दे नैया अपने आप चलेगी
जादूगारी मोरछड़ी संभालता है श्याम
अरे कोई ना कोई रास्ता निकालता है श्याम।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन की प्रत्येक पंक्ति में भक्त और भगवान के बीच के अटूट प्रेम और विश्वास की गहराई छिपी हुई है। आइए इसके विस्तृत भावार्थ को समझें:

प्रथम अंतरा: जब दुनिया के सभी रिश्ते-नाते और अपने पराए साथ छोड़ देते हैं, और जीवन में कोई मार्ग नहीं सूझता, तब खाटू श्याम जी अपने भक्तों का हाथ थामते हैं। भजनकार कहते हैं कि जगत में ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान खाटू श्याम के दरबार में न हो। उनकी कृपा से सूने दामन खुशियों से भर जाते हैं, और बिगड़ी हुई किस्मत संवर जाती है.

द्वितीय अंतरा: समय परिवर्तनशील है। यदि आज बुरा वक्त है, तो धैर्य रखने की आवश्यकता है। जो मनुष्य श्याम बाबा की महिमा और उनकी शरण की महत्ता को समझ लेता है, वह जीवन में सर्वोच्च पद (देवों का सरताज) प्राप्त करता है। इसके विपरीत, जो उनके दरबार की उपेक्षा करता है, वह भटकता रहता है। श्याम बाबा केवल वर्तमान ही नहीं, बल्कि जन्म-जन्मांतर के संस्कारों और कर्मों के मार्ग को सुधार देते हैं.

तृतीय अंतरा: खाटू धाम की महिमा अपरंपार है। वहाँ के कण-कण और पत्थर पर 'हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा' अंकित है। खाटू श्याम का मंदिर अपनी अनूठी भव्यता और चमत्कारों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, जहाँ स्वयं भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं.

चतुर्थ अंतरा: अंत में भजनकार 'बनवारी' (या भक्त) को संदेश देते हैं कि श्याम नाम का स्मरण करने से जीवन के सभी संकट क्षणभर में दूर हो जाते हैं। श्याम बाबा की मोरछड़ी का फेरना मात्र ही सभी दुखों का निवारण कर देता है और जीवन की नैया भवसागर से पार हो जाती है.

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

खाटू श्याम भजन परंपरा में इस रचना का विशेष स्थान है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • अगाध विश्वास: यह भजन हताश और निराश व्यक्तियों में नई आशा का संचार करता है।
  • समर्पण भाव: यह सिखाता है कि किस प्रकार बिना किसी शर्त के भगवान पर भरोसा रखना चाहिए।
  • कलयुग के देवता: खाटू श्याम जी को कलयुग के जीवंत देवता के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो हारे हुए का साथ देते हैं।
  • अधिक जानकारी के लिए आप हमारे खाटू श्याम दर्शन विधि और हारे का सहारा बाबा श्याम महिमा लेखों का अध्ययन कर सकते हैं।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस पावन भजन को किसी भी समय सुना जा सकता है, परंतु विशेष अवसरों पर इसका गान अत्यधिक फलदायी माना जाता है:

  • ब्रह्म मुहूर्त एवं संध्या वंदन: सुबह उठकर या शाम को दीपक प्रज्वलित करते समय इसे सुनने से मन को असीम शांति मिलती है।
  • खाटू श्याम कीर्तन एवं जागरण: मासिक एकादशी, द्वादशी और फाल्गुन मेले के दौरान इस भजन को सामूहिक रूप से गाना बहुत आनंददायक होता है।
  • मानसिक अशांति के समय: जब भी जीवन में तनाव या संकट महसूस हो, इस भजन के बोलों का स्मरण करने से साहस की प्राप्ति होती है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

यह भजन महाभारत काल के वीर योद्धा बर्बरीक जी को समर्पित है, जिन्हें कलयुग में भगवान श्रीकृष्ण के वरदान स्वरूप 'खाटू श्याम' के रूप में पूजा जाता है। श्री जय Shankar चौधरी द्वारा रचित और कुमार Deepak द्वारा स्वरबद्ध यह रचना आधुनिक श्याम भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हो चुकी है।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

इस भजन की भाषा सरल, सहज और आम बोलचाल की हिंदी तथा राजस्थानी-ब्रज मिश्रित भावों से परिपूर्ण है। इसमें अनुप्रास और रूपक अलंकारों का सुंदर प्रयोग किया गया है जैसे 'हारे का सहारा' और 'मोरछड़ी संभालता है श्याम'। शब्दों की यह लयबद्धता श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती है।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

इस रचना से हमें निम्नलिखित जीवन मूल्य प्राप्त होते हैं:

  • धीरज और संयम रखना, क्योंकि कठिन समय अस्थायी होता है।
  • परमात्मा की न्याय व्यवस्था पर अटूट विश्वास रखना।
  • अहंकार त्यागकर शरणागत होना।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल अर्थ संदर्भात्मक अर्थ
समभाले संभालना, रक्षा करना संकट के समय थामना
दामन पल्ला / झोली जीवन की मनोकामनाएं
देवों का सरताज देवों में श्रेष्ठ उच्चतम आध्यात्मिक स्थिति
मोरछड़ी मोर के पंखों से बनी छड़ी श्याम बाबा का जादुई अस्त्र

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

भजन की शुरुआत इस यथार्थ सत्य से होती है कि जब इस भौतिक संसार में कोई मददगार नहीं बचता, तब खाटू नरेश स्वतः आकर राह दिखाते हैं। उनकी शक्ति असीम है और वे किसी भी असंभव कार्य को संभव कर सकते हैं। समय के चक्र को कोई नहीं टाल सकता, और जो श्याम की शरण में आ जाता है, उसके जन्मों के बंधन कट जाते हैं.

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

श्याम आराधना के समय निम्नलिखित पावन मंत्र का स्मरण करना चाहिए:

ॐ श्री श्याम देवाय नमः

हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम जब कोई ना समभाले संभालता है श्याम
आराध्य देव श्री खाटू श्याम बाबा (बर्बरीक जी)
गायक कुमार Deepak
गीतकार श्री जय Shankar चौधरी
भाषा हिंदी
मुख्य भाव भक्ति, समर्पण और विश्वास
उपयुक्त अवसर एकादशी, श्याम कीर्तन, दैनिक पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

'जब कोई ना समभाले संभालता है श्याम' भजन के गायक कौन हैं?

इस लोकप्रिय भजन को गायक कुमार Deepak जी ने अपनी मधुर आवाज में गाया है।

इस भजन के रचयिता कौन हैं?

इस भजन के गीतकार श्री जय Shankar चौधरी जी हैं।

खाटू श्याम बाबा को किसका अवतार माना जाता है?

खाटू श्याम बाबा को महाभारत के वीर योद्धा बर्बरीक जी का रूप माना जाता है जिन्हें भगवान कृष्ण का वरदान प्राप्त है।

खाटू श्याम जी के दर्शन का सबसे उत्तम समय कौन सा है?

कार्तिक मास, फाल्गुन मेला और प्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को खाटू श्याम दर्शन का विशेष महत्व है।

मोरछड़ी का क्या आध्यात्मिक महत्व है?

मोरछड़ी श्याम बाबा का पवित्र प्रतीक है, जिसके फेरने मात्र से भक्तों के सारे कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है.

क्या यह भजन घर पर अकेले गाया जा सकता है?

हाँ, इस भजन को आप अपने घर पर पूजा के समय या मानसिक शांति के लिए कभी भी सुन या गा सकते हैं।

श्याम बाबा को 'हारे का सहारा' क्यों कहा जाता है?

क्योंकि बर्बरीक जी ने भगवान कृष्ण को वचन दिया था कि वे युद्ध में हमेशा हारे हुए पक्ष का साथ देंगे, इसीलिए उन्हें हारे का सहारा कहा जाता है।

इस भजन से हमें क्या मुख्य शिक्षा मिलती है?

यह भजन सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर पर अटूट विश्वास रखना चाहिए, वे अवश्य मार्ग निकालते हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री विभिन्न पारंपरिक स्रोतों, खाटू श्याम भजन संग्रह और भक्तों के अनुभवों के आधार पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य पाठकों को शुद्ध और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध जानकारी प्रदान करना है। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री के अंतर्गत इसकी भाषा और प्रामाणिकता का विशेष ध्यान रखा गया है.

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • श्री खाटू श्याम मंदिर समिति के ऐतिहासिक दस्तावेज एवं जनश्रुतियाँ।
  • समकालीन भक्ति संगीत प्रकाशन एवं रचनाकार अभिलेख।
  • सनातन धर्म एवं कलयुग के चमत्कारी देवताओं की कथा परंपरा।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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