मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी लिरिक्स (meree vinatee suno saanvare raam jee Lyrics in HIndi)
मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी,
वरना जाके कचहरी अपील करूँगा,
मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी,
वरना जाके कचहरी अपील करूंगा,
हार जाओगे खुद का मुकदमा प्रभु,
श्री हनुमंत जी को अपना वकील करूँगा…….
दीनों का दुःख हरा, दीनबंधु हुए,
कृपा दुखियों पे की, कृपासिंधु हुए,
मुझ दुखी की दशा, आप को ना दिखी,
यही कहके, सभा में ज़लील करूँगा,
मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी,
वरना जाके कचहरी अपील करूंगा……
जितना मैंने तुम्हारा, लिया नाम है,
उतना मेरा प्रभु, ना हुआ काम है,
सामना जिस दिन, होगा हमारा प्रभु,
सामने आपके दलील रखूँगा,
मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी,
वरना जाके कचहरी अपील करूंगा…..
मानता हूँ की ये मेरी खुदगर्जी है,
चाहता हूँ कृपा ये मेरी मर्जी है,
पवन की अर्जी, पर अब विचार करो,
मैं भी दुनिया में, भक्ति की कील रखूँगा,
मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी,
वरना जाके कचहरी अपील करूंगा….
मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी,
वरना जाके कचहरी अपील करूँगा,
मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी,
वरना जाके कचहरी अपील करूंगा,
हार जाओगे खुद का मुकदमा प्रभु,
श्री हनुमंत जी को अपना वकील करूँगा……
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी लिरिक्स (meree vinatee suno saanvare raam jee Lyrics in HIndi) - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।
भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।
राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?
भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।
क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?
हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

पाठकों के विचार (0)
भक्ति रस चर्चा में भाग लें