श्री गणेश रक्षा स्तोत्रम (Shree ganesh raksha stotram lyrics in hindi) -
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश पाहिमाम,
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश रक्षमाम l
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश पाहिमाम,
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश रक्षमाम,
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश रक्षमाम l
मुदा करात्त मोदकं, सदा विमुक्ति साधकं,
कला धरा वतं सकं, विलासि लोक रक्षकम् l
अनाय कैक नायकं, विनाशिते भदैत्यकं,
नता शुभाशु नाशकं, नमामितं विनायकम् ll जय गणेश ll
नतेत राति भीकरं, नवो दितार्क भास्वरं,
नमत्सुरारि निर्जरं, नताधिका पदुद्धरम् l
सुरेश्वरं निधीश्वरं, गजेश्वरं गणेश्वरं,
महेश्वरं तमाश्रये, परात्परं निरन्तरम् ll जय गणेश ll
समस्त लोक शंकरं, निरस्त दैत्य कुँजरं,
दरे तरो दरं वरं वरे, भवक्त्र मक्षरम् l
कृपा करं क्षमा करं, मुदा करं यशस्करं,
मनस्करं नमस्कृतां, नमस्क रोमि भास्वरम् ll जय गणेश ll
अकिं चनार्ति मार्जनं, चिरन्त नोक्ति भाजनं,
पुरारि पूर्व नन्दनं, सुरारिगर्व चर्वणम् l
प्रपंच नाश भीषणं, धनंजयादि भूषणम्,
कपोल दान वारणं, भजे पुराण वारणम् ll जय गणेश ll
नितान्त कान्त दन्त कान्ति, मन्त कान्त कात्मजं,
अचिन्त्य रूप मन्तहीन, मन्त राय कृन्तनम् l
हृदन्तरे निरन्तरं, वसन्त मेव योगिनां,
तमेक दन्त मेवतं, विचिन्त यामि सन्ततम् ll जय गणेश ll
महा गणेश पंच रत्न, माद रेण योयानवहं,
प्रजल्पति प्रभात के, हृदि स्मरन् गणेश्वरम् l
अरोग ताम दोषतां, सुसाहितीं सुपुत्रतां,
समाहि तायुरष्ट भूति, मभ्यु पैति सोयाचिरात् ll जय गणेश ll
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "श्री गणेश रक्षा स्तोत्रम (Shree ganesh raksha stotram lyrics in hindi) - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।
भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।
राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?
भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।
क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?
हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।
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