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Krishna Bhajan

Radhe Bolo To Sahi Shyam Bolo To Sahi Lyrics (Krishna Bhajan) – राधे बोलो तो सही श्याम बोलो तो सही

253 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

🎵 राधे बोलो तो सही श्याम बोलो तो सही

(Radhe Bolo To Sahi Shyam Bolo To Sahi) – Krishna Bhajan 2026

ॐ श्री कृष्णाय नमः ॥ राधे राधे ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायक: पारम्परिक
🏷️ श्रेणी: कृष्ण भजन / राधा-कृष्ण होली भजन
🎵 विशेष: फागुन होली विशेष

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

राधे बोलो तो सही श्याम बोलो तो सही
बोलो फागुन में होली खेलोगे नहीं
होली नहीं खेलोगे तो बिंदिया बन जाऊंगा
बिंदिया बन जाऊंगा माथे पर लग जाऊंगा
बोलो तो सही राधे बोलो तो सही

॥ अंतरा १ ॥

बोलो फागुन में होली खेलोगे नहीं
होली नहीं खेलोगे तो गुलाल बन जाऊंगा
गुलाल बन जाऊंगा गालों में लग जाऊंगा
बोलो तो सही राधे बोलो तो सही

॥ अंतरा २ ॥

बोलो फागुन में होली खेलोगे नहीं
होली नहीं खेलोगे तो काजल बन जाऊंगा
काजल बन जाऊंगा नैनों में लग जाऊंगा
बोलो तो सही राधे बोलो तो सही

॥ अंतरा ३ ॥

बोलो और फागुन में होली खेलोगे नहीं
होली नहीं खेलेगी तो चुनरी बन जाऊंगा
चुनरी बन जाऊंगा अंगों से लिपट जाऊंगा
बोलो तो सही राधे बोलो तो सही

॥ अंतरा ४ ॥

बोलो और फागुन में होली खेलोगे नहीं
होली नहीं खेलोगे तो पायल बन जाऊंगा
पायल बन जाऊंगा पैरों में लग जाऊंगा
बोलो तो सही राधे बोलो तो सही
बोलो और फागुन में होली खेलोगे नहीं

॥ राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे ॥

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन राधा-कृष्ण के बीच प्रेमपूर्ण होली के आग्रह को दर्शाता है। "राधे बोलो तो सही श्याम बोलो तो सही" – भक्त या यहाँ कृष्ण राधा से कह रहे हैं कि ज़रा बोलो तो सही, क्या इस फागुन में होली खेलोगे या नहीं?

यह भजन एक अनोखे प्रेम प्रसंग को दर्शाता है जहाँ कृष्ण राधा से होली खेलने का आग्रह कर रहे हैं। जब राधा होली खेलने से मना कर देती हैं, तो कृष्ण कहते हैं – अगर होली नहीं खेलोगी तो मैं बिंदिया बनकर तुम्हारे माथे पर लग जाऊँगा। गुलाल बनकर तुम्हारे गालों पर लग जाऊँगा। काजल बनकर तुम्हारी आँखों में समा जाऊँगा। चुनरी बनकर तुम्हारे अंगों से लिपट जाऊँगा। पायल बनकर तुम्हारे पैरों में लग जाऊँगा।

यह भजन प्रेम के उस अद्भुत रूप को दर्शाता है जहाँ प्रेमी हर रूप में अपने प्रियतम के करीब रहना चाहता है। बिंदी, गुलाल, काजल, चुनरी, पायल – ये सभी ऐसी चीज़ें हैं जो सदा राधा के साथ रहती हैं। कृष्ण इन रूपों में भी राधा के साथ रहना चाहते हैं।

यह भजन हमें सिखाता है कि सच्चा प्रेम हर रूप में, हर अवस्था में प्रियतम के साथ रहना चाहता है। फागुन की होली तो बस एक बहाना है, असल में तो प्रेमी प्रियतम के साथ हर पल, हर रूप में जुड़े रहना चाहता है।

🎨 राधा-कृष्ण की होली – प्रेम का उत्सव

राधा-कृष्ण की होली: ब्रज की होली विश्व प्रसिद्ध है, और राधा-कृष्ण की होली तो प्रेम का सर्वोच्च उत्सव माना जाता है। यह मान्यता है कि कृष्ण सबसे पहले राधा के साथ ही होली खेलते थे।

बिंदिया, गुलाल, काजल, चुनरी, पायल: ये सभी श्रृंगार की वस्तुएँ हैं। कृष्ण का इन रूपों में राधा के साथ रहना चाहना यह दर्शाता है कि वे हर पल, हर रूप में उनके साथ जुड़े रहना चाहते हैं।

फागुन का महीना: फाल्गुन मास को प्रेम और उल्लास का महीना माना जाता है। इस महीने में होली खेलने की विशेष परम्परा है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

💝 प्रेम का अनूठा आग्रह

"राधे बोलो तो सही" – यह प्रेमी का अपनी प्रेमिका से कोमल आग्रह है। वह बार-बार पूछता है कि क्या वह होली खेलेगी।

✨ रूपांतरण का सौंदर्य

होली न खेलने पर कृष्ण का बिंदी, गुलाल, काजल, चुनरी, पायल बन जाना – यह प्रेम में समर्पण और रूपांतरण का अद्भुत सौंदर्य है।

🎭 श्रृंगार का प्रतीकवाद

माथे पर बिंदी, गालों पर गुलाल, आँखों में काजल, अंगों पर चुनरी, पैरों में पायल – ये सब प्रियतम के श्रृंगार के अंग हैं। कृष्ण इन्हीं में बसना चाहते हैं।

🎵 पुनरावृत्ति का प्रभाव

हर अंतरे में "बोलो फागुन में होली खेलोगे नहीं" की पुनरावृत्ति प्रेमी की व्याकुलता और आग्रह को दर्शाती है।

🎯 संदेश : सच्चा प्रेम हर रूप में प्रियतम के साथ रहना चाहता है। चाहे प्रियतम होली खेले या न खेले, प्रेमी उसके हर अंग में, हर श्रृंगार में, हर रूप में समा जाना चाहता है। प्रेम का यही सर्वोच्च रूप है – प्रियतम में ही समा जाना।

ॐ श्री कृष्णाय नमः ॥ इति कृष्णभजनम् ॥
॥ राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे ॥

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 11 Aug 2026

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