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Parvati Stotram

Sunta Hai Tu Sada Haro Ki Sanware Lyrics (Khatu Shyam Bhajan) – सुनता है तू सदा, हारो की सांवरे

320 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

🎵 सुनता है तू सदा, हारो की सांवरे

(Sunta Hai Tu Sada, Haro Ki Sanware) – Khatu Shyam Bhajan 2026

ॐ श्री श्याम देवाय नमः ॥ जय श्री श्याम ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायक: सन्नी श्याम दीवाना (Sunny Shyam Deewana)
✍️ लेखक: कमल जी (Kamal Ji)
🏷️ श्रेणी: खाटू श्याम भजन

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

दर पे आया हूं मैं.. हो
दर पे आया हूं मैं,
दुनिया से हार के,
सुनता है, तू सदा,
हारों की सांवरे

॥ अंतरा १ ॥

खाटू की, अदालत में,
बैठा है मेरा सांवरिया,
उसके हाथों, छोड़ दिया,
जीवन का हर फैसला,
श्याम धनी के होते कोई ग़म,
मुझको तो नहीं,
पूरा विश्वास है... हो ओ ओ
पूरा विश्वास है, मुझको तो श्याम पे,
सुनता है, तू सदा, हारों की सांवरे

॥ अंतरा २ ॥

चाहे मुझको, गले लगा ले,
चाहे ठोकर मार दे,
खाली न, लौटूंगा, बाबा मैं तेरे द्वार से,
इसके द्वार से खाली कोई भगत,
लौटा ही नहीं,
मिलते है, सारे सुख हो .. हो ओ ओ
मिलती है, सारे सुख, श्याम दातार से
सुनता है, तू सदा, हारों की सांवरे

॥ अंतरा ३ ॥

तेरे इश्क में, सांवरे,
सब कुछ लुटाके बैठा हूं
आके इक बार, अपना कह दे,
आखिर तेरा बेटा हूं,
जैसे सन्नी की, हर बात बनाई,
मेरे श्याम धनी
कमल की, नाव भी, ..हो ओ ओ
कमल की, नाव भी, हो पार मझधार से
सुनता है, तू सदा, हारों की सांवरे

॥ गायक : सन्नी श्याम दीवाना ॥ लेखक : कमल जी ॥ जय श्री श्याम ॥

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन खाटू श्याम बाबा के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण को दर्शाता है। "सुनता है तू सदा, हारो की सांवरे" – भक्त कहता है कि श्याम बाबा हमेशा हारे हुए लोगों की सुनते हैं। वे उनके सहारा हैं जो दुनिया से हारकर उनके दरबार में आते हैं।

भक्त ने दुनिया से हारकर श्याम बाबा के दरबार में आने का भाव व्यक्त किया है। वह कहता है कि खाटू की अदालत में मेरा सांवरिया बैठा है और उसने जीवन का हर फैसला उनके हाथों छोड़ दिया है। श्याम धनी के होते उसे कोई गम नहीं। उसे श्याम पर पूरा विश्वास है।

भक्त की गहरी आस्था है – चाहे बाबा उसे गले लगाएं या ठोकर मारें, वह खाली नहीं लौटेगा। क्योंकि खाटू श्याम के द्वार से कोई भक्त कभी खाली नहीं लौटा। श्याम दातार से सारे सुख मिलते हैं।

भक्त ने श्याम के इश्क में सब कुछ लुटा दिया है। वह प्रार्थना करता है कि बाबा एक बार आकर उसे "अपना" कह दें, क्योंकि वह उनका बेटा है। गायक सन्नी श्याम दीवाना की हर बात श्याम धनी ने बनाई है। लेखक कमल जी की नाव (जीवन रूपी) को भी श्याम ने मझधार से पार कर दिया है।

यह भजन हमें सिखाता है कि श्याम बाबा हारे का सहारा हैं। उनके दरबार में आने वाला कभी खाली नहीं जाता। उनपर पूरा विश्वास रखो, वे सब सुख देंगे और जीवन की हर मझधार से पार लगाएंगे।

📍 खाटू श्याम बाबा – हारे का सहारा

खाटू श्याम जी: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी का मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध है। यहाँ बाबा श्याम (बर्बरीक) विराजमान हैं, जिन्हें "हारे का सहारा" कहा जाता है।

अदालत का प्रतीक: भजन में "खाटू की अदालत" कहकर इस बात को दर्शाया गया है कि बाबा का दरबार एक न्यायालय की तरह है, जहाँ हर भक्त की सुनवाई होती है और उसे न्याय मिलता है।

कमल की नाव का प्रतीक: "कमल की नाव भी हो पार मझधार से" – कमल के पत्ते पर नाव की कल्पना असंभव सी लगती है, लेकिन श्याम बाबा असंभव को भी संभव कर देते हैं। वे अपने भक्तों की नाव को सबसे कठिन परिस्थितियों से भी पार लगा देते हैं।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

🙏 हारों के सहारे

"सुनता है तू सदा हारों की सांवरे" – यह पंक्ति खाटू श्याम बाबा की सबसे बड़ी विशेषता को दर्शाती है। वे उनकी सुनते हैं जो दुनिया से हार चुके हैं, जिनके पास कोई नहीं बचा।

⚖️ खाटू की अदालत

खाटू श्याम के दरबार को "अदालत" कहना यह दर्शाता है कि यहाँ न्याय होता है। भक्तों की हर फरियाद सुनी जाती है और उचित फैसला सुनाया जाता है।

🚣 कमल की नाव

यह अद्भुत प्रतीक है। कमल का पत्ता नाजुक होता है, उस पर नाव की कल्पना असंभव है। लेकिन श्याम बाबा अपने भक्तों के लिए असंभव को भी संभव कर देते हैं।

👪 पिता-पुत्र का रिश्ता

"आखिर तेरा बेटा हूं" – भक्त श्याम बाबा से पिता-पुत्र का रिश्ता स्थापित करता है। यह गहरे आत्मीय संबंध और अधिकार को दर्शाता है जो भक्त को अपने ईष्ट से होता है।

🎯 संदेश : श्याम बाबा हारे का सहारा हैं। दुनिया से हारकर भी यदि कोई सच्चे मन से उनके दरबार में आता है, तो वह कभी खाली नहीं जाता। वे जीवन का हर फैसला अपने हाथों ले लेते हैं और अपने भक्त की नाव को हर मझधार से पार लगा देते हैं। उनपर पूरा विश्वास रखो, वे सब सुख देंगे। जय श्री श्याम!

ॐ श्री श्याम देवाय नमः ॥ इति खाटूश्यामभजनम् ॥
॥ जय श्री श्याम जय श्री श्याम जय जय श्री श्याम ॥

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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