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फागुन आयो रंग रंगीलो – खाटू श्याम होली भजन | Fagun Ayo Rang Rangilo Khatu Shyam Bhajan

304 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

🙏 फागुन आयो रंग रंगीलो – खाटू श्याम होली भजन

(Fagun Ayo Rang Rangilo) – Khatu Shyam Holi Bhajan 2026

खाटू पैदल जाना है, मोह माया से जान हटा बाबा से प्रेम बढ़ानो है ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/लेखक: लोक भजन
🏷️ श्रेणी: खाटू श्याम भजन, होली भजन
📍 स्थान: खाटू श्याम जी, रींगस

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

फागुन आयो रंग रंगीलो,
खाटू पैदल जाना है,
मोह माया से जान हटा
बाबा से प्रेम बढ़ानो है,

अरे रे मेरे नीले वाले श्याम
अरे रे मेरे खाटू वाले श्याम,

॥ अंतरा १ ॥

फागण को मेलो आयो
भगता को मन हरसायो है,
मने चाव घणो बड़ो लागियो
बाबा को संदेशा आयो है,
जय श्री श्याम की रटन लगा कर
श्याम निशान चढ़ानो है,
मोह माया से जान हटा
बाबा से प्रेम बढ़ानो है,

॥ अंतरा २ ॥

रींगस से खाटू ताहि
सेवा में भगत उड़ीके है,
है बात-बात की झांकी
सब नजर मिला के निरके है,
भगता के संग नाचा गावा
श्याम ने आज रिजानो है,
मोह माया से जान हटा
बाबा से प्रेम बढ़ानो है,

॥ अंतरा ३ ॥

खाटू में श्याम विराजे
दुनिया में डंको बाजे रे,
एह मोर छड़ी के आगे
सारी दुनिया झुक जावे रे,
भाग जगा लू मैं भी म्हारा,
अब झाड़ो लगवानो है,
मोह माया से जान हटा
बाबा से प्रेम बढ़ानो है,

॥ अंतरा ४ ॥

खाटू में स्वर्ग से सुंदर
बाबा की छवि मनोहर है,
म्हारा श्याम प्रभु की ज्योति
कलयुग में देखो घर-घर है,
सोनी बाबो शीश को दानी
पल का बीच रमानो है,
मोह माया से जान हटा
बाबा से प्रेम बढ़ानो है,

🎵 खाटू श्याम जी का फागुन मेला भजन

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन फागुन (होली) के अवसर पर खाटू श्याम जी के भक्तों द्वारा गाया जाने वाला लोकप्रिय भजन है। "फागुन आयो रंग रंगीलो, खाटू पैदल जाना है" – फागुन का रंगीन महीना आ गया है, अब खाटू पैदल चलकर जाना है। "मोह माया से जान हटा बाबा से प्रेम बढ़ानो है" – मोह-माया से ध्यान हटाकर बाबा (श्याम जी) से प्रेम बढ़ाना है।

"फागण को मेलो आयो, भगता को मन हरसायो है" – फागुन का मेला आया है, भक्तों का मन हर्षित हो गया है। मुझे बहुत चाव (उत्साह) हुआ है, बाबा का संदेश आया है। "जय श्री श्याम की रटन लगा कर श्याम निशान चढ़ानो है" – जय श्री श्याम का जाप करते हुए श्याम का निशान (ध्वज) चढ़ाना है।

"रींगस से खाटू ताहि सेवा में भगत उड़ीके है" – रींगस से खाटू तक (यह पैदल यात्रा का मार्ग है) सेवा में भक्त उड़े (दौड़े) चले जा रहे हैं। हर बात की झाँकी सब नजर मिलाकर देख रहे हैं। "भगता के संग नाचा गावा श्याम ने आज रिजानो है" – भक्तों के संग नाच-गाकर श्याम ने आज सबको रिझाया है।

"खाटू में श्याम विराजे दुनिया में डंको बाजे रे" – खाटू में श्याम विराजमान हैं, उनका डंका (धाक) पूरी दुनिया में बजता है। "एह मोर छड़ी के आगे सारी दुनिया झुक जावे रे" – इस मोर-पंख वाली छड़ी (श्याम बाबा की प्रसिद्ध छड़ी) के आगे सारी दुनिया झुक जाती है। "भाग जगा लू मैं भी म्हारा, अब झाड़ो लगवानो है" – मैं भी अपना भाग्य जगा लूँ, अब झाड़ा (मन्नत, सेवा) लगवाना है।

"खाटू में स्वर्ग से सुंदर बाबा की छवि मनोहर है" – खाटू में स्वर्ग से भी सुंदर बाबा की छवि मनोहर है। "म्हारा श्याम प्रभु की ज्योति कलयुग में देखो घर-घर है" – हमारे श्याम प्रभु की ज्योति कलयुग में घर-घर देखने को मिलती है। "सोनी बाबो शीश को दानी पल का बीच रमानो है" – सोने (सुन्दर) बाबा शीश के दानी हैं, उन्हें पल भर में (मन में) रमाना है।

यह भजन खाटू श्याम जी के प्रति भक्तों की अगाध श्रद्धा, फागुन मेले में पैदल यात्रा, और मोह-माया त्याग कर केवल श्याम प्रेम में डूब जाने का संदेश देता है।

📍 खाटू श्याम जी का फागुन मेला

खाटू श्याम जी का मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है। यहाँ हर साल फागुन मास में विशाल मेला लगता है। हजारों की संख्या में भक्त पैदल यात्रा करके (विशेषकर रींगस से खाटू) दर्शन के लिए आते हैं।

मोर छड़ी खाटू श्याम जी की विशेष पहचान है। ऐसी मान्यता है कि इस छड़ी के आगे सारी दुनिया झुकती है। झाड़ा लगवाना – यह मन्नत या सेवा का एक रूप है, जहाँ भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर श्याम बाबा को झाड़ा (विशेष भोग या सेवा) चढ़ाते हैं।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

🚶 पैदल यात्रा का महत्व

"खाटू पैदल जाना है" – यह भक्तों की श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है। पैदल यात्रा करके श्याम बाबा के दरबार में पहुँचना एक तपस्या और प्रेम का प्रतीक है।

🎭 मोह-माया का त्याग

बार-बार "मोह माया से जान हटा" का उल्लेख बताता है कि सच्ची भक्ति के लिए सांसारिक आसक्तियों का त्याग आवश्यक है। केवल बाबा से प्रेम बढ़ाने पर ही जीवन सफल होता है।

🎯 संदेश : फागुन का रंगीन महीना आया है, अब खाटू पैदल जाना है। मोह-माया को त्यागकर केवल श्याम प्रेम में डूब जाना है। भक्तों के संग नाच-गाकर श्याम रिझाते हैं और सबकी मनोकामनाएँ पूरी करते हैं। श्याम बाबा की ज्योति कलयुग में घर-घर है, बस उन्हें पल भर में मन में रमाना है।

॥ फागुन आयो रंग रंगीलो ॥
॥ खाटू पैदल जाना है, मोह माया से जान हटा बाबा से प्रेम बढ़ानो है ॥
श्रेणियां: Holi Geet

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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