आज का पंचांग | सूर्योदय: ०५:४५ AM | सूर्यास्त: ०६:५० PM
khatu shayam bhajan

Galti Teri Hai Sarkar Lyrics (गलती तेरी है सरकार फागण दिखा दियो एक बार) – Jay Shankar Chaudhary Ji Shyam Bhajan 2026 | Fagan Mein Nahi Bulave

169 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
आकार:
कंट्रास्ट:

🙏 गलती तेरी है सरकार – फागण दिखा दियो एक बार

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

(Galti Teri Hai Sarkar Lyrics In Hindi) – Jay Shankar Chaudhary Ji Shyam Bhajan 2026 | Fagan Mein Nahi Bulave

लेखक: जय शंकर चौधरी जी || तर्ज: धमाल || श्याम फागुन भजन

📝 भजन विवरण

✍️ लेखक: जय शंकर चौधरी जी (Jay Shankar Chaudhary Ji)
🎵 तर्ज: धमाल (Dhamal)
🏷️ श्रेणी: फागुन भजन / श्याम होली भजन
📍 भाव: रूठना-मनाना, हास्य, प्रेम
🎨 विशेष: श्याम बाबा से अनूठी शिकायत

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

गलती तेरी है सरकार, फागण दिखा दियो एक बार…गलती तेरी है,
अब फागण में नही बुलावे, हो जा सी टकरार…गलती तेरी है ॥

तर्ज – धमाल

॥ अंतरा १ ॥

अगर फागण देखियो नही होतो, यो मनडो नही ललचातो,
क्या ताई तेरे पाछे पड़ता, क्यों करता मनुहार…गलती तेरी है,
गलती तेरी है सरकार, फागण दिखा दियो एक बार…गलती तेरी है ॥

॥ अंतरा २ ॥

श्याम धणी अब सोच समज ले, चाले न तेरी मन मानी,
थोड़ी लाज शर्म तो बुलावो, भेज दे अब की बार…गलती तेरी है,
गलती तेरी है सरकार, फागण दिखा दियो एक बार…गलती तेरी है ॥

॥ अंतरा ३ ॥

अब यो फागण रहो न थारो, फागण हो गया भगता को,
तै तो बेठ्यो बेठ्यो बाबा, लगा तेरा दरबार…गलती तेरी है,
गलती तेरी है सरकार, फागण दिखा दियो एक बार…गलती तेरी है ॥

॥ अंतरा ४ ॥

'बनवारी' थाणे हर फागण को, देनो पड़े बुलावो जी,
थारी इक गलती से बाबा, हो गया में हकदार…गलती तेरी है,
गलती तेरी है सरकार, फागण दिखा दियो एक बार…गलती तेरी है ॥

गलती तेरी है सरकार, फागण दिखा दियो एक बार…गलती तेरी है,
अब फागण में नही बुलावे, हो जा सी टकरार…गलती तेरी है ॥

✍️ लेखक :- जय शंकर चौधरी जी (Jay Shankar Chaudhary Ji)

तर्ज: धमाल | Tune: Dhamal

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अनूठा और हास्य-व्यंग्य से भरा फागुन भजन "गलती तेरी है सरकार" जय शंकर चौधरी जी द्वारा रचित है। यह भजन एक भक्त की श्याम बाबा से अनूठी शिकायत को दर्शाता है। भक्त कहता है कि बाबा ने उसे एक बार फागण (होली) दिखा दिया, जिससे उसका मन ललचा गया, और अब वे उसे फागण में बुलाते ही नहीं – यह सब बाबा की गलती है।

"गलती तेरी है सरकार, फागण दिखा दियो एक बार" – भक्त सीधे श्याम बाबा (सरकार) से कह रहा है कि यह गलती आपकी है। आपने एक बार मुझे फागण (होली का त्यौहार) दिखा दिया, जिससे मेरा मन ललचा गया। अब आप फागण में मुझे बुलाते ही नहीं, यह तो टकरार (झगड़ा) की बात हो गई।

"अगर फागण देखियो नही होतो, यो मनडो नही ललचातो" – भक्त कहता है कि अगर मैंने फागण देखा ही नहीं होता, तो यह मन ललचाता नहीं। फिर मैं आपके पीछे क्यों पड़ता, आपकी मनुहार (मनाना) क्यों करता?

"श्याम धणी अब सोच समज ले, चाले न तेरी मन मानी" – हे श्याम धणी (मालिक), अब आप सोच-समझ लीजिए। आपकी मनमानी नहीं चलेगी। थोड़ी लाज-शर्म तो करिए, इस बार बुलावा भेज दीजिए।

"अब यो फागण रहो न थारो, फागण हो गया भगता को" – भक्त कहता है कि अब यह फागण आपका नहीं रहा, यह फागण तो भक्तों (भगता) का हो गया है। आप तो बैठे-बैठे बाबा, अपना दरबार लगाए हैं।

"'बनवारी' थाणे हर फागण को, देनो पड़े बुलावो जी" – लेखक बनवारी (अपने नाम का प्रयोग करते हुए) कहते हैं कि आपको हर फागण में बुलावा देना पड़ेगा। आपकी एक गलती से (फागण दिखा देने से) मैं हकदार (अधिकारी) हो गया हूँ।

🔍 इस अनूठे भजन का विशेष महत्त्व

भक्ति में हास्य और रूठना: यह भजन भक्ति के एक अनूठे पहलू को दर्शाता है – भक्त का अपने आराध्य से रूठना और उन पर गलती थोपना। यह भक्त और भगवान के बीच के प्रेमपूर्ण संबंध को दर्शाता है जहाँ भक्त बेझिझक अपनी बात रख सकता है।

तर्ज "धमाल": यह भजन लोकप्रिय "धमाल" तर्ज पर बनाया गया है। यह तर्ज बहुत ही उत्साहपूर्ण और नृत्य-प्रधान है, जो इस भजन को और भी जीवंत और मनोरंजक बनाती है।

"फागण" – होली का त्यौहार: फागण (फाल्गुन) महीने में होली का त्यौहार मनाया जाता है। खाटू श्याम बाबा का मेला भी इसी महीने में विशेष रूप से लगता है। भक्त को फागण में बाबा के दरबार में जाने की तीव्र इच्छा है।

"हो जा सी टकरार": यह पंक्ति भक्त के बेबाक अंदाज को दर्शाती है। वह कहता है कि अब तो यह टकरार (झगड़े) जैसी बात हो गई कि आपने एक बार दिखाया और अब बुलाते ही नहीं।

"बनवारी" – लेखक का नाम: लेखक ने "बनवारी" नाम का उल्लेख करके इस भजन को व्यक्तिगत स्पर्श दिया है। बनवारी कृष्ण का भी एक नाम है, और यहाँ यह लेखक के नाम के रूप में प्रयुक्त हुआ है। वे कहते हैं कि बाबा की एक गलती से वे हकदार हो गए हैं।

जय शंकर चौधरी जी की रचना: लेखक जय शंकर चौधरी जी ने इस भजन के माध्यम से भक्ति में हास्य और प्रेम का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया है। उनकी सरल भाषा और अनूठा अंदाज इस भजन को विशेष बनाते हैं।

💖 भक्ति में रूठने का आनंद

🎯 संदेश

इस भजन का मूल संदेश यह है कि भक्त और भगवान का रिश्ता इतना घनिष्ठ होता है कि भक्त उनसे रूठ भी सकता है, उन पर गलती भी थोप सकता है। श्याम बाबा ने एक बार फागण का आनंद दिखा दिया, और अब भक्त हर फागण में उनके पास जाने का हकदार हो गया है। यह भजन हमें सिखाता है कि भक्ति में सिर्फ विनती ही नहीं, बल्कि प्रेमपूर्ण शिकायत और रूठना भी शामिल है।

✨ अनूठी शैली का भजन

गलती तेरी है सरकार केवल एक भजन नहीं, बल्कि भक्ति की उस अनूठी शैली का प्रतीक है जहाँ भक्त अपने आराध्य से बेबाकी से पेश आता है। यह भजन हमें बताता है कि श्याम बाबा के दरबार में दिखावा नहीं, बल्कि सच्चा प्रेम और अपनापन चलता है। चाहे भक्त रूठे, चाहे मनुहार करे, बाबा सब सुनते हैं और अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते।

🙏 ॐ श्री खाटू श्याम महाराज की जय। थोड़ी लाज शर्म तो बुलावो, भेज दे अब की बार।।

॥ जय शंकर चौधरी जी कृत श्याम फागुन भजन ॥
॥ गलती तेरी है सरकार, फागण दिखा दियो एक बार ॥

लेखक: जय शंकर चौधरी जी | Jay Shankar Chaudhary Ji | तर्ज: धमाल

॥ थारी इक गलती से बाबा, हो गया में हकदार ॥

श्रेणियां: khatu shayam bhajan

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
`; body.appendChild(typingIndicator); body.scrollTop = body.scrollHeight; // Response Delay setTimeout(() => { if (body.contains(typingIndicator)) { body.removeChild(typingIndicator); } const responseText = matchResponse(query); const guruMsg = document.createElement('div'); guruMsg.className = 'chat-msg guru'; voiceCounter++; const btnId = `global-guru-speech-${voiceCounter}`; guruMsg.innerHTML = `
${responseText}
`; body.appendChild(guruMsg); body.scrollTop = body.scrollHeight; }, 1200); } } if (document.readyState === 'loading') { document.addEventListener('DOMContentLoaded', initChatbot); } else { initChatbot(); } })(); �थ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } let voiceCounter = 0; window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; utterance.onend = () => { btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
`; body.appendChild(typingIndicator); body.scrollTop = body.scrollHeight; // Response Delay setTimeout(() => { body.removeChild(typingIndicator); const responseText = matchResponse(query); const guruMsg = document.createElement('div'); guruMsg.className = 'chat-msg guru'; voiceCounter++; const btnId = `global-guru-speech-${voiceCounter}`; guruMsg.innerHTML = `
${responseText}
`; body.appendChild(guruMsg); body.scrollTop = body.scrollHeight; }, 1200); } });