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Man Bhaj Le Shyam Pyare Ko Lyrics (मन भज ले श्याम प्यारे को तेरी नैया पार लगेगी) – Ayushi Goel Shyam Bhajan 2026 | Khatu Wale Ko

184 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 मन भज ले श्याम प्यारे को – तेरी नैया पार लगेगी

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

(Man Bhaj Le Shyam Pyare Ko Lyrics In Hindi) – Ayushi Goel Shyam Bhajan 2026 | Tere Khatu Wale Ko

गायिका: आयुषी गोयल || रचनाकार: रसिक

📝 भजन विवरण

🎤 गायिका: आयुषी गोयल (Ayushi Goel)
✍️ रचनाकार: रसिक (Rasik)
🏷️ श्रेणी: खाटू श्याम भजन

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ दोहा ॥

श्याम नाम का दीप जला, अंधेरा सब मिट जाएगा,
जो डोले मन बस श्याम कह, हर संकट कट जाएगा॥

॥ स्थायी ॥

मन भज ले श्याम प्यारे को,
तेरी नैया पार लगेगी,
तेरी नैया पार लगेगी,
अटकी हुई नाव चलेगी॥

॥ अंतरा १ ॥

गर भव से पार है जाना,
तो भाव से श्याम रिझाना,
गर नजर श्याम की पड़ेगी,
बन जाएगा दीवाना,
सब सौंप दे पालन हारे को,
तेरी नैया पार लगेगी,
मन भज ले श्याम प्यारे को,
तेरी नैया पार लगेगी॥

॥ अंतरा २ ॥

कोई नजर नहीं जब आए,
मन श्याम की रटन लगाए,
कितना भी हो अंधियारा,
उजियारा श्याम दिखाए,
तेरी खबर है खाटू वाले को,
तेरी नैया पार लगेगी,
मन भज ले श्याम प्यारे को,
तेरी नैया पार लगेगी॥

॥ अंतरा ३ ॥

है रसिक श्याम रखवाला,
सबके संकट हरने वाला,
पल पल रक्षा करता है,
ये बाबा खाटू वाला,
तेरी डोर दे खाटू वाले को,
तेरी नैया पार लगेगी॥

मन भज ले श्याम प्यारे को,
तेरी नैया पार लगेगी,
तेरी नैया पार लगेगी,
अटकी हुई नाव चलेगी॥

🎤 गायिका :- आयुषी गोयल (Ayushi Goel)

✍️ रचनाकार :- रसिक (Rasik)

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन "मन भज ले श्याम प्यारे को" आयुषी गोयल की सुरीली आवाज़ में खाटू श्याम बाबा के प्रति अगाध श्रद्धा और विश्वास को दर्शाता है। भजन का मूल संदेश है कि श्याम बाबा का नाम स्मरण ही जीवन रूपी नैया को पार लगाने वाला है।

"श्याम नाम का दीप जला, अंधेरा सब मिट जाएगा" – प्रारंभिक दोहे में कहा गया है कि श्याम नाम रूपी दीपक जलाने से जीवन का सारा अंधेरा मिट जाता है। जो मन डगमगाता है, वह श्याम नाम लेकर स्थिर हो जाता है और हर संकट कट जाता है।

"मन भज ले श्याम प्यारे को, तेरी नैया पार लगेगी" – यह मुखड़ा सीधा संदेश देता है कि हे मन! तू श्याम प्यारे का भजन कर ले, तेरी जीवन रूपी नैया पार लग जाएगी और अटकी हुई नाव चल पड़ेगी।

"गर भव से पार है जाना, तो भाव से श्याम रिझाना" – अगर इस संसार सागर से पार जाना है, तो सच्चे भाव से श्याम को रिझाना होगा। एक बार श्याम की नज़र पड़ जाए, तो जीव दीवाना हो जाता है। सब कुछ पालनहार को सौंप देने से ही नैया पार लगती है।

"कोई नजर नहीं जब आए, मन श्याम की रटन लगाए" – जब कोई सहारा नजर नहीं आता, तब मन को श्याम नाम का जाप करना चाहिए। कितना भी अंधियारा हो, श्याम उजियारा दिखा ही देते हैं। खाटू वाले बाबा को हर पल हमारी खबर है।

"है रसिक श्याम रखवाला, सबके संकट हरने वाला" – रचनाकार रसिक कहते हैं कि श्याम रखवाला है, सबके संकट हरने वाला है। ये बाबा खाटू वाला पल-पल रक्षा करता है। अपनी डोर (रस्सी) खाटू वाले को देने से ही नैया पार लगती है।

🔍 श्याम भजन का विशेष महत्त्व

"नैया पार लगाने" का भाव: यह भजन जीवन को एक नैया (नाव) के रूप में चित्रित करता है जो भवसागर में फंसी हुई है। श्याम बाबा का नाम स्मरण ही वह खिवैया (मल्लाह) है जो इस नैया को पार लगाता है।

श्याम नाम का दीपक: प्रारंभिक दोहे में श्याम नाम को दीपक कहा गया है। जैसे दीपक अंधेरे को मिटाता है, वैसे ही श्याम नाम जीवन की सभी कठिनाइयों और अज्ञानता रूपी अंधकार को दूर करता है।

भाव से रिझाने की बात: "गर भव से पार है जाना, तो भाव से श्याम रिझाना" – यह पंक्ति बताती है कि श्याम बाबा को दिखावे या बाहरी आडंबर से नहीं, बल्कि सच्चे भाव और हृदय की श्रद्धा से रिझाया जा सकता है।

खाटू वाले बाबा की खबर: "तेरी खबर है खाटू वाले को" – यह पंक्ति भक्त को यह विश्वास दिलाती है कि श्याम बाबा को उसकी हर पीड़ा, हर समस्या की खबर है। वे पल-पल रक्षा करते हैं।

रचनाकार रसिक: "है रसिक श्याम रखवाला" पंक्ति में रचनाकार ने अपना नाम रसिक दिया है। यह दर्शाता है कि वे स्वयं श्याम प्रेम में रसिक (आनंदित) हैं और सबको यही रस पीने का संदेश देते हैं।

आयुषी गोयल का गायन: युवा गायिका आयुषी गोयल ने अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज़ से इस भजन को सजीव कर दिया है। उनके गायन में श्रद्धा और समर्पण का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

💖 श्याम नाम की महिमा

🎯 संदेश

इस भजन का मूल संदेश यह है कि श्याम बाबा का नाम स्मरण ही जीवन की हर समस्या का समाधान है। चाहे कितना भी अंधियारा हो, श्याम नाम का दीपक जलाने से सब मिट जाता है। सच्चे भाव से श्याम को रिझाने पर वे अपने भक्त की नैया पार लगा ही देते हैं। खाटू वाले बाबा पल-पल रक्षा करते हैं, बस भक्त को अपनी डोर उन्हें सौंपनी होती है।

✨ आस्था का प्रतीक

मन भज ले श्याम प्यारे को केवल एक भजन नहीं, बल्कि उन लाखों श्याम भक्तों की आस्था का प्रतीक है जो जीवन की अटकी हुई नाव को चलाने के लिए बाबा का सहारा लेते हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि जब कोई नजर नहीं आता, तब भी खाटू वाले बाबा की नजर हम पर होती है। बस जरूरत है मन से श्याम को भजने की।

🙏 ॐ श्री खाटू श्याम महाराज की जय। हारे का सहारा, श्री श्याम उद्धारा।।

॥ रसिक कृत श्याम भजन ॥
॥ मन भज ले श्याम प्यारे को, तेरी नैया पार लगेगी ॥

गायिका: आयुषी गोयल | रचनाकार: रसिक

॥ तेरी डोर दे खाटू वाले को, तेरी नैया पार लगेगी ॥

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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