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Shyam Sharan Mein Rehne Wale Kabhi Nahi Ghabrate Hain Lyrics (श्याम शरण में रहने वाले कभी नही घबराते है) – Kailash Sharma Shyam Bhajan 2026 | Hum Khatu Chale Jate Hain

458 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 श्याम शरण में रहने वाले – कभी नही घबराते है

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

(Shyam Sharan Mein Rehne Wale Kabhi Nahi Ghabrate Hain Lyrics In Hindi) – Kailash Sharma Shyam Bhajan 2026 | Hum Khatu Chale Jate Hain

गायक एवं गीतकार: कैलाश शर्मा || तर्ज: क्या मिलिए ऐसे लोगो से

📝 भजन विवरण

🎤 गायक: कैलाश शर्मा (Kailash Sharma)
✍️ गीतकार: कैलाश शर्मा (Kailash Sharma)
📞 संपर्क: 9608722111
🎵 तर्ज: क्या मिलिए ऐसे लोगो से
🏷️ श्रेणी: खाटू श्याम भजन

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

श्याम शरण में रहने वाले,
कभी नही घबराते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है॥

तर्ज – क्या मिलिए ऐसे लोगो से

॥ अंतरा १ ॥

लिखे विधी का लेख प्रभु जो,
उसका क्या कर पायेंगे,
सुख दुख से भगवान बचे ना,
हम कैसे बच पायेंगे,
जब दिल भर आता है कभी तो,
दो आंसू छलकाते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है॥

॥ अंतरा २ ॥

माना ये माया का चक्कर,
जीवन भर ना छूटेगा,
असल खुशी के पल वो होंगे,
जो खाटू में बीतेगा,
भुल के दुनियादारी हम,
खाटू में मौज उड़ाते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है॥

॥ अंतरा ३ ॥

दुनियां वाले पूछते हमसे,
क्या है ऐसा खाटू में,
हम कहते है प्यारे हमारा,
बाप है बैठा खाटू में,
अपने जीवन की उलझन को,
खाटू में सुलझाते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है॥

॥ अंतरा ४ ॥

हारे हुए का साथ निभाना,
बाबा की पहचान है,
भटके हुए को राह दिखाना,
श्याम धनी का काम है,
यूँ ही नहीं 'कैलाश' द्वार,
कोई बेमतलब से आते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है॥

श्याम शरण में रहने वाले,
कभी नही घबराते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है॥

🎤 गायक एवं गीतकार :- कैलाश शर्मा (Kailash Sharma)

📞 संपर्क :- 9608722111

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह सुंदर भजन "श्याम शरण में रहने वाले कभी नही घबराते है" कैलाश शर्मा की सुरीली आवाज़ में खाटू श्याम बाबा की शरण में रहने वालों के निडर जीवन का वर्णन करता है। भजन का मूल स्वर यह है कि जिन्होंने श्याम की शरण ले ली, वे कभी घबराते नहीं, और जब भी मन भारी होता है, वे खाटू चले जाते हैं।

"श्याम शरण में रहने वाले, कभी नही घबराते है" – भक्त कहते हैं कि जो लोग श्याम बाबा की शरण में रहते हैं, वे जीवन में कभी घबराते नहीं हैं। और अगर कभी मन भारी हो जाए, तो वे सीधे खाटू चले जाते हैं।

"लिखे विधी का लेख प्रभु जो, उसका क्या कर पायेंगे" – भक्त कहता है कि विधाता ने जो कुछ लिख दिया है, उसका कोई क्या कर सकता है। जब भगवान स्वयं सुख-दुख से बचे नहीं, तो हम कैसे बच सकते हैं? जब दिल भर आता है, तो दो आंसू छलक जाते हैं, और फिर हम खाटू चले जाते हैं।

"माना ये माया का चक्कर, जीवन भर ना छूटेगा" – यह सच है कि माया का चक्कर जीवन भर नहीं छूटेगा। लेकिन असली खुशी के पल वही होंगे जो खाटू में बितेंगे। दुनियादारी को भूलकर, हम खाटू में मौज उड़ाते हैं।

"दुनियां वाले पूछते हमसे, क्या है ऐसा खाटू में" – दुनिया वाले पूछते हैं कि आखिर खाटू में ऐसा क्या है? हम जवाब देते हैं कि हमारा प्यारा बाप (श्याम बाबा) खाटू में बैठा है। अपने जीवन की उलझनों को हम खाटू में जाकर सुलझाते हैं।

"हारे हुए का साथ निभाना, बाबा की पहचान है" – यह बाबा की पहचान है कि वे हारे हुए का साथ निभाते हैं। भटके हुए को राह दिखाना श्याम धनी का काम है। गीतकार कैलाश कहते हैं कि यूँ ही नहीं कोई बेमतलब उनके द्वार पर आता है।

🔍 श्याम भजन का विशेष महत्त्व

"श्याम शरण" का महत्व: यह भजन श्याम बाबा की शरण में रहने के महत्व को बताता है। जो भी उनकी शरण में आ जाता है, वह जीवन की सभी कठिनाइयों में निडर हो जाता है। यह शरणागति का सिद्धांत है।

तर्ज "क्या मिलिए ऐसे लोगो से": यह भजन लोकप्रिय गीत "क्या मिलिए ऐसे लोगो से" की धुन पर बनाया गया है। यह धुन बहुत ही मधुर और भावपूर्ण है, जो इस भजन के संदेश को और गहरा करती है।

"बाप है बैठा खाटू में": यह पंक्ति बहुत ही सरल और हृदयस्पर्शी है। भक्त श्याम बाबा को अपना पिता (बाप) मानता है और कहता है कि उसका पिता खाटू में बैठा है। यह अटूट विश्वास और आत्मीयता को दर्शाता है।

हारे हुए का साथ: "हारे हुए का साथ निभाना, बाबा की पहचान है" – यह पंक्ति खाटू श्याम बाबा की सबसे बड़ी पहचान "हारे का सहारा" को दर्शाती है। जो हार चुके हैं, जिनका कोई नहीं है, उनका साथ निभाना ही बाबा का स्वभाव है।

कैलाश शर्मा की रचना: गायक और गीतकार कैलाश शर्मा ने इस भजन के माध्यम से श्याम भक्ति के प्रति अपने गहरे लगाव को व्यक्त किया है। अंतिम अंतरे में "यूँ ही नहीं कैलाश द्वार" कहकर उन्होंने स्वयं को भी इस भजन का हिस्सा बना लिया है। उनके संपर्क नंबर के साथ यह भजन और भी व्यक्तिगत हो जाता है।

💖 श्याम की शरण में निडरता

🎯 संदेश

इस भजन का मूल संदेश यह है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, जो लोग श्याम बाबा की शरण में हैं, वे कभी घबराते नहीं। माया का चक्कर भले ही जीवन भर न छूटे, लेकिन असली खुशी के पल वही हैं जो खाटू में बितते हैं। जब दिल भर आता है, मन भारी होता है, तो भक्त सीधे खाटू चला जाता है क्योंकि वह जानता है कि वहाँ उसका बाप बैठा है, जो हारे हुए का साथ निभाता है और भटके हुए को राह दिखाता है।

✨ खाटू का महत्व

श्याम शरण में रहने वाले कभी नही घबराते है केवल एक भजन नहीं, बल्कि खाटू धाम के प्रति अटूट आस्था और विश्वास का प्रतीक है। यह भजन हर उस श्याम भक्त के दिल की आवाज़ है जो जीवन की उलझनों में, मन के भारी होने पर, बस एक ही जगह जाना चाहता है – खाटू, अपने बाबा के पास। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्ची शरण वही है जहाँ जाकर सारी उलझनें सुलझ जाएँ, सारा दर्द दूर हो जाए, और मन को असली सुकून मिले।

🙏 ॐ श्री खाटू श्याम महाराज की जय। हारे का सहारा, श्री श्याम उद्धारा।।

॥ कैलाश शर्मा कृत श्याम भजन ॥
॥ अगर कभी मन भारी हो तो, हम खाटू चले जाते है ॥

गायक एवं गीतकार: कैलाश शर्मा | Kailash Sharma | 📞 9608722111

तर्ज: क्या मिलिए ऐसे लोगो से | Tune: Kya Milie Aise Logo Se

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सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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