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Tum Utho Siya Shringar Karo Lyrics (तुम उठो सिया शृंगार करो) – Ram-Sita Vivah Geet 2026 | Shiv Dhanush Ram Ne Toda Hai

322 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah
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प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

🙏 तुम उठो सिया शृंगार करो – शिव धनुष राम ने तोड़ा है

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

(Tum Utho Siya Shringar Karo Lyrics In Hindi) – Ram-Sita Vivah Geet 2026 | Shiv Dhanush Ram Ne Toda Hai

राम-सीता विवाह गीत || लोक परंपरा

विवरण एवं मुख्य बिंदु

🎤 शैली:राम-सीता विवाह गीत / लोक भजन
🏷️ श्रेणी:राम भजन / विवाहोत्सव गीत
📍 भाव:उल्लास, शृंगार, विवाहोत्सव

📜 गीत लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

तुम उठो सिया शृंगार करो,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है।
तुम उठो सिया शृंगार करो,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है।

तोड़ा है भाई तोड़ा है,
सीता से नाता जोड़ा है।
तोड़ा है भाई तोड़ा है,
सीता से नाता जोड़ा है॥

॥ अंतरा १ (शीश) ॥

शीश सिया के चुनर सोहे,
टीके की छवि न्यारी है।
शीश सिया के चुनर सोहे,
टीके की छवि न्यारी है।
न्यारी न्यारी क्या कहिए,
रघुवर को जानकी प्यारी है।
तुम उठो सिया शृंगार करो,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है॥

॥ अंतरा २ (हाथ) ॥

हाथ सिया के चूड़ी सोहे,
कंगन की छवि न्यारी है।
हाथ सिया के चूड़ी सोहे,
कंगन की छवि न्यारी है।
न्यारी न्यारी क्या कहिए,
रघुवर को जानकी प्यारी है।
तुम उठो सिया शृंगार करो,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है॥

॥ अंतरा ३ (कमर) ॥

कमर सिया के तगड़ी सोहे,
झुमके की छवि न्यारी है।
कमर सिया के तगड़ी सोहे,
झुमके की छवि न्यारी है।
न्यारी न्यारी क्या कहिए,
रघुवर को जानकी प्यारी है।
तुम उठो सिया शृंगार करो,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है॥

॥ अंतरा ४ (पैर) ॥

पैर सिया के पायल सोहे,
बिछिया की छवि न्यारी है।
पैर सिया के पायल सोहे,
बिछिया की छवि न्यारी है।
न्यारी न्यारी क्या कहिए,
रघुवर को जानकी प्यारी है।
तुम उठो सिया शृंगार करो,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है॥

तोड़ा है भाई तोड़ा है,
सीता से नाता जोड़ा है।
तुम उठो सिया शृंगार करो,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है॥

🙏 गीत का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत मधुर और उत्साहपूर्ण गीत "तुम उठो सिया शृंगार करो" राम-सीता विवाह के अवसर पर गाया जाता है। यह राजा जनक की पुत्री सीता को संबोधित है, जिन्हें सखियाँ बताती हैं कि शिव धनुष को राम ने तोड़ दिया है – अब विवाह का समय आ गया है।

"तुम उठो सिया शृंगार करो, शिव धनुष राम ने तोड़ा है" – यह मुखड़ा सीता को शृंगार करने के लिए उठने का आह्वान करता है, क्योंकि राम ने शिव धनुष तोड़कर विवाह की शर्त पूरी कर दी है।

"तोड़ा है भाई तोड़ा है, सीता से नाता जोड़ा है" – यह उल्लास की पंक्ति है – राम ने धनुष तोड़कर सीता से नाता (रिश्ता) जोड़ लिया है।

सीता के शृंगार का वर्णन: चार अंतरों में सीता के विभिन्न अंगों के आभूषणों का वर्णन है – सिर पर चुनर और टीका, हाथों में चूड़ी और कंगन, कमर पर तगड़ी और झुमके, पैरों में पायल और बिछिया। हर अंतरे में कहा गया है कि उनकी छवि न्यारी (अद्वितीय) है, और रघुवर (राम) को जानकी प्यारी है।

यह गीत रामायण के विवाह प्रसंग का सजीव चित्रण करता है और विवाहोत्सव के उल्लास को बखूबी प्रस्तुत करता है।

🔍 इस विवाह गीत का विशेष महत्व

राम-सीता विवाह का प्रसंग: रामायण में राजा जनक ने शिव धनुष तोड़ने की शर्त रखी थी। राम ने न केवल धनुष तोड़ा, बल्कि उसे भी तोड़ डाला। यह गीत उसी आनंदमय क्षण का वर्णन करता है।

शृंगार के चार अंग: गीत में सीता के सिर, हाथ, कमर और पैर के आभूषणों का वर्णन है – जो किसी भी भारतीय विवाह में दुल्हन के शृंगार के अभिन्न अंग हैं।

"न्यारी न्यारी क्या कहिए, रघुवर को जानकी प्यारी है" – यह पंक्ति बताती है कि सीता की शोभा का वर्णन करना कठिन है, क्योंकि राम स्वयं उनसे प्रेम करते हैं।

लोक परंपरा का गीत: यह गीत उत्तर भारत में रामलीलाओं और विवाहोत्सवों में बड़े चाव से गाया जाता है। इसकी सरल धुन और सहज शब्द इसे सभी वर्गों में लोकप्रिय बनाते हैं।

💖 राम-सीता विवाह का आनंद

🎯 संदेश

यह गीत हमें सिखाता है कि सच्ची खुशी के क्षणों को शृंगार और उल्लास के साथ मनाना चाहिए। सीता के शृंगार का वर्णन हमें याद दिलाता है कि प्रेम और विवाह जीवन के सबसे सुंदर पलों में से एक है। राम ने धनुष तोड़कर सीता का हाथ जीता, और यह विजय पूरे संसार के लिए कल्याणकारी साबित हुई।

✨ लोक परंपरा की अमूल्य धरोहर

तुम उठो सिया शृंगार करो केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय लोक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह राम-सीता के विवाह को हर वर्ष लाखों घरों में उसी उल्लास के साथ जीवंत करता है जैसे कि वह विवाह आज ही संपन्न हुआ हो।

🙏 जय श्री राम || जय माता सीता || राम-सीता विवाह की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏

॥ राम-सीता विवाह गीत ॥
॥ तोड़ा है भाई तोड़ा है, सीता से नाता जोड़ा है ॥

रामायण से प्रेरित लोक गीत | Ram-Sita Vivah Geet

॥ शिव धनुष राम ने तोड़ा है, तुम उठो सिया शृंगार करो ॥

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "Tum Utho Siya Shringar Karo Lyrics (तुम उठो सिया शृंगार करो) – Ram-Sita Vivah Geet 2026 | Shiv Dhanush Ram Ne Toda Hai" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ and अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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