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Hanuman Bhajan

वो राम नाम मतवाला है, माँ अंजनी का लाला है (हनुमान भजन) लिरिक्स | Wo Ram Nam Matwala Hai Maa Anjani Ka Lala Hai Hanuman Bhajan Lyrics

2,601 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 वो राम नाम मतवाला है – माँ अंजनी का लाला

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

(Wo Ram Nam Matwala Hai – Maa Anjani Ka Lala) – Hanuman Bhajan

लोकप्रिय हनुमान भजन

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/लेखक: पारम्परिक / प्रस्तुतकर्ता अज्ञात
🏷️ श्रेणी: हनुमान भजन / आरती / प्रार्थना
📍 भाव: श्रद्धा, सुरक्षा, भक्ति, आशीर्वाद

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

वो राम नाम मतवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम मतवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो लाल लंगोटे वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो लाल लंगोटे वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।

॥ अंतरा १ – शरणागति एवं भय नाश ॥

सब सुख लहै तुम्हारी शरणा।
सब सुख लहै तुम्हारी शरणा।
तुम रक्षक काहू को डरना।
तुम रक्षक काहू को डरना।
वो तो, वो तो,
वो तो भय को भगाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम मतवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।

॥ अंतरा २ – भूत-पिशाच निकट न आवे ॥

भूत पिशाच निकट नहीं आवे।
भूत पिशाच निकट नहीं आवे।
महावीर जब नाम सुनावे।
महावीर जब नाम सुनावे।
वो तो, वो तो,
वो तो भूत भगाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम रखवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।

॥ अंतरा ३ – रोग एवं पीड़ा निवारण ॥

नासे रोग हरे सब पीरा।
नासे रोग हरे सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत वीरा।
जपत निरंतर हनुमत वीरा।
वो तो, वो तो,
वो तो रोग मिटाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम रखवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।

॥ अंतरा ४ – अष्ट सिद्धि, नवनिधि के दाता ॥

अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता।
अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता।
असवर दीन जानकी माता।
असवर दीन जानकी माता।
वो तो, वो तो,
वो तो कृपा बरसाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम रखवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।

॥ अंतरा ५ – संकट मोचन, रण विजय ॥

संकट कटे मिटे सब पीरा।
संकट कटे मिटे सब पीरा।
जो सुमिरे हनुमत बलबीरा।
जो सुमिरे हनुमत बलबीरा।
वो तो, जय हो, वो तो, जय हो,
वो तो रण को जिताने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो राम नाम मतवाला है।
माँ अंजनी का लाला है।

वो भय को भगाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो भूत भगाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो रोग मिटाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो कृपा बरसाने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो रण को जिताने वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।
वो लाल लंगोटे वाला है।
माँ अंजनी का लाला है।

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत लोकप्रिय हनुमान भजन भक्त के हृदय में बसे बालाजी के स्वरूप का वर्णन करता है। "वो राम नाम मतवाला है, माँ अंजनी का लाला है" – यह पंक्ति हनुमान जी की राम-भक्ति और माता अंजनी के पुत्र के रूप में उनकी पहचान को दर्शाती है। "लाल लंगोटे वाला" कहकर भक्त उनके बाल स्वरूप का स्मरण करता है।

हर अंतरे में बाबा के विभिन्न गुणों का गायन है – वे भय, भूत, रोग, संकट सबको दूर करने वाले हैं। शरणागत को सभी सुख प्राप्त होते हैं और वे रक्षक होने के कारण किसी से डरने की आवश्यकता नहीं। "अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता" कहकर उनकी दिव्य शक्तियों का बखान किया गया है।

यह भजन हनुमान जी की महिमा, उनके आशीर्वाद से मिलने वाली सुरक्षा, आरोग्य और समृद्धि का गुणगान करता है। अंत में सभी विशेषताओं को दोहराकर भक्ति रस को चरम पर पहुँचाया गया है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

राम नाम की मतवाली अवस्था: हनुमान जी सदा राम नाम में मग्न रहते हैं। यह भजन उनकी इस भक्ति अवस्था को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है।

संकटमोचन का आश्वासन: हर अंतरे में बताया गया है कि बाबा किस प्रकार विभिन्न संकटों (भय, भूत, रोग, संकट) को दूर करते हैं। यह भक्त को मानसिक शांति और सुरक्षा का अहसास कराता है।

सिद्धि-निधि के दाता: हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नवनिधि का स्वामी माना गया है। उनकी कृपा से भक्त को सांसारिक एवं आध्यात्मिक दोनों स्तरों पर लाभ प्राप्त होता है।

💖 भक्ति रस का संगम

🎯 संदेश

हनुमान जी का स्मरण मात्र से सभी कष्ट दूर होते हैं। वे भक्तों के रक्षक, संकटमोचक और कृपा के सागर हैं। यह भजन उनके प्रति समर्पण और विश्वास को दृढ़ करता है।

✨ आस्था का प्रतीक

हर पंक्ति में हनुमान जी की महिमा और उनकी लीला का गुणगान है। यह भजन उन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है जो जीवन में सुरक्षा, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

🙏 ॐ हनुमते नमः ।। श्री रामदूत हनुमान जी की जय ।।

॥ इति हनुमान भजनम् ॥
॥ जय बजरंगबली ।। जय श्री राम ।।
श्रेणियां: Hanuman Bhajan

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 11 Aug 2026

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(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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