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हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता (राम भजन) लिरिक्स | Hamare Saath Shri Raghunath To Kis Baat Ki Chinta Ram Bhajan Lyrics

331 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

(Hamare Saath Shri Raghunath To – Kis Baat Ki Chinta) – राम भजन

🎵 श्री राम में पूर्ण विश्वास – चिंता मुक्ति का संदेश

📝 भजन विवरण

🏷️ श्रेणी: राम भजन / प्रार्थना
🎶 भाव: आश्वासन, चिंता मुक्ति, शरणागति
📍 विशेषता: रघुनाथ (राम) के साथ होने पर निःशंकता का भाव
📀 प्रचलन: राम भक्तों में अत्यंत प्रिय, चिंता और भय दूर करने वाला भजन

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता,
शरण में रख दिया जब माथ तो,
किस बात की चिंता ॥

॥ अंतरा १ – स्वामी को हर बात की चिंता ॥

किया करते हो तुम दिन रात क्यों,
बिन बात की चिंता..
तेरे स्वामी, तेरे स्वामी
तेरे स्वामी को रहती है,
तेरी हर बात की चिंता..
हमारे साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता ॥

॥ अंतरा २ – हर स्वाँस पर राम नाम की चिंता ॥

ना खाने की ना पीने की,
ना मरने की ना जीने की..
रहे हर स्वाँस, रहे हर स्वाँस
रहे हर स्वाँस पर भगवान के,
प्रिय नाम की चिंता..
हमारे साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता ॥

॥ अंतरा ३ – विभीषण को अभय वर ॥

विभीषण को अभय वर दे किया,
लंकेश पल भर में..
उन्ही का कर रहे गुणगान तो,
किस बात की चिंता..
हमारे साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता ॥

॥ अंतरा ४ – ब्रजेश (प्रह्लाद?) पर कृपा – दास बनाया ॥

हुई ब्रजेश पर कृपा,
बनाया दास प्रभु अपना..
उन्ही के हाथ, उन्ही के हाथ
उन्ही के हाथ में अब हाथ तो,
किस बात की चिंता..
हमारे साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता ॥

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता,
शरण में रख दिया जब माथ तो,
किस बात की चिंता ॥

🎵 रचनाकार : लोक परम्परा / राम भक्ति काव्य

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत आश्वासन देने वाला राम भजन है। “हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता” – भक्त कहता है कि जब स्वयं रघुनाथ (श्री राम) हमारे साथ हैं, तो फिर किसी बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अपना माथा (शीश) राम की शरण में रख दिया है, अब वे निश्चिंत हैं।

पहले अंतरे में कहा गया है कि तुम बिना बात की चिंता क्यों करते हो? तुम्हारे स्वामी (राम) को तुम्हारी हर बात की चिंता रहती है। अर्थात राम स्वयं अपने भक्तों का ध्यान रखते हैं, फिर भक्त क्यों चिंता करे?

दूसरे अंतरे में – न खाने की चिंता, न पीने की, न मरने की, न जीने की। केवल एक ही चिंता रहे – हर सांस पर भगवान के प्रिय नाम (राम नाम) की चिंता, यानी राम नाम सदा स्मरण में रहे।

तीसरे अंतरे में विभीषण का उदाहरण – जिन्हें राम ने पल भर में लंकेश बना दिया (अभय वर देकर)। जब हम उन्हीं राम का गुणगान कर रहे हैं, तो किस बात की चिंता?

चौथे अंतरे में “ब्रजेश” (संभवतः प्रह्लाद या किसी भक्त) पर कृपा का उल्लेख – प्रभु ने उन्हें अपना दास बनाया। जब उनके हाथ में हमारा हाथ है, तो चिंता कैसी?

यह भजन राम भक्ति में पूर्ण विश्वास और समर्पण का संदेश देता है – जिसने सच्चे मन से राम को अपना सहारा बना लिया, उसे किसी भी बात की चिंता नहीं रहती।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

चिंता मुक्ति का सशक्त मंत्र: यह भजन उन सभी के लिए है जो जीवन में चिंता, भय या अवसाद से ग्रस्त हैं। यह आश्वासन देता है कि राम साथ हैं तो सब ठीक है।

शरणागति का भाव: “शरण में रख दिया जब माथ तो, किस बात की चिंता” – राम की शरण में जाने के बाद सारी चिंताएँ समाप्त हो जाती हैं।

विभीषण प्रसंग: विभीषण ने राम की शरण ली और रावण का वध होने पर वे लंकेश बने। यह उदाहरण बताता है कि राम की शरण में जाने वाले का कभी अहित नहीं होता।

💖 राम भक्ति का विश्वास

🎯 संदेश

जब प्रभु स्वयं हमारे साथ हैं और हमारी हर बात की चिंता करते हैं, तो हमें किसी भी बात की चिंता नहीं करनी चाहिए। बस एक ही चिंता हो – हर सांस में राम नाम का स्मरण।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन राम भक्तों को आत्मबल और निश्चिंतता प्रदान करता है। यह गीत मानसिक शांति और आध्यात्मिक सुरक्षा का अहसास कराता है।

🙏 जय श्री राम ।। श्री रघुनाथ की जय ।। हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता ।।

॥ इति राम भजनम् ॥
॥ शरण में रख दिया जब माथ तो, किस बात की चिंता ॥
श्रेणियां: Letest ram bhajan

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 11 Aug 2026

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