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Krishna Bhajan

ओ पालनहारे, निर्गुण और न्यारे (प्रार्थना) लिरिक्स - लता मंगेशकर | O Palan Hare Nirgun Aur Nyare Lata Mangeshkar Prayer Lyrics

446 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 ओ पालनहारे, निर्गुण और न्यारे

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

(O Palan Hare, Nirgun Aur Nyare) – लता मंगेशकर की अमर प्रार्थना

🎤 स्वर: लता मंगेशकर | भाव: शरणागति, विश्वास, प्रार्थना

📝 भजन विवरण

🎤 गायिका: लता मंगेशकर
🏷️ श्रेणी: प्रार्थना / भजन / शरणागति गीत
🎶 भाव: करुण पुकार, आत्मसमर्पण, विश्वास
📀 विशेषता: स्वर्गीय लता मंगेशकर के सुमधुर स्वर में ईश्वर से प्रार्थना – “तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं”

📜 गीत लिरिक्स (हिन्दी में)

ओ पालनहारे,
निर्गुण और न्यारे,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं।
हमरी उलझन सुलझाओ भगवन,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं॥

तुम्हीं हमका हो संभाले,
तुम्हीं हमरे रखवाले,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं॥

तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं॥

चन्दा में तुम्हीं तो भरे हो चाँदनी,
सूरज में उजाला तुम्हीं से।
ये गगन है मगन,
तुम्हीं तो दिए हो इसे तारे।

भगवन, ये जीवन
तुम्हीं न सँवारोगे,
तो क्या कोई सँवारे।

ओ पालनहारे,
निर्गुण और न्यारे,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं॥

जो सुनो तो कहे,
प्रभुजी हमरी है बिनती।
दुखी जन को धीरज दो,
हारे नहीं वो कभी दुःख से।

तुम निर्बल को रक्षा दो,
रह पाएं निर्बल सुख से।
भक्ति को शक्ति दो,
भक्ति को शक्ति दो॥

जग के जो स्वामी हो,
इतनी तो अरज सुनो।
हैं पथ में अँधियारे,
दे दो वरदान में उजियारे॥

ओ पालनहारे,
निर्गुण और न्यारे,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं।
हमरी उलझन सुलझाओ भगवन,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं॥

ओ पालनहारे,
निर्गुण और न्यारे,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं।
हमरी उलझन सुलझाओ भगवन,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं॥

ओ पालनहारे,
निर्गुण और न्यारे,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं।
हमरी उलझन सुलझाओ भगवन,
तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं॥

🎤 गायिका : लता मंगेशकर (स्वर्गीय)

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह लता मंगेशकर के स्वर में अमर प्रार्थना गीत है, जो ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और विश्वास को व्यक्त करता है। “ओ पालनहारे, निर्गुण और न्यारे, तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं” – हे पालनहारे (पालन करने वाले), तुम निर्गुण (गुणों से परे) और न्यारे (अद्वितीय) हो। तुम्हारे बिना हमारा कोई नहीं है। भक्त प्रार्थना करता है – “हमरी उलझन सुलझाओ भगवन” – हमारी उलझनों को सुलझाओ।

पहले अंतरे में – चाँद में चाँदनी तुम्हीं भरते हो, सूरज में उजाला तुम्हीं से है। आकाश तुम्हीं से तारों से भरा है। यदि तुम यह जीवन नहीं सँवारोगे, तो और कौन सँवारेगा? यह भक्त की मार्मिक विनती है।

दूसरे अंतरे में – दुखियों को धीरज दो, वे दुःख से कभी न हारें। निर्बल को रक्षा दो, वे सुख से रह सकें। भक्ति को शक्ति दो।

तीसरे अंतरे में – हे जग के स्वामी, यह प्रार्थना सुनो। रास्ते में अंधियारे हैं, हमें उजियारे का वरदान दो।

यह गीत हर उस व्यक्ति के दिल की आवाज़ है जो जीवन की कठिनाइयों में ईश्वर को पुकारता है। यह हमें सिखाता है कि जब कोई सहारा नहीं होता, तब भी ईश्वर हमारे साथ है, बस उसे पुकारने की आवश्यकता है।

🔍 गीत का विशेष महत्त्व

लता मंगेशकर की अमर आवाज़: यह प्रार्थना गीत लता जी के सुमधुर और भावपूर्ण स्वर में रिकॉर्ड हुआ था, जो आज भी करोड़ों लोगों के दिलों को छूता है।

“तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं” – शरणागति का मंत्र: यह पंक्ति सरल भाषा में पूर्ण समर्पण का भाव व्यक्त करती है। यह हमें बताती है कि ईश्वर के अलावा हमारा कोई सच्चा सहारा नहीं है।

निर्गुण और सगुण का समन्वय: “निर्गुण और न्यारे” कहकर ईश्वर के निराकार, सगुण से परे स्वरूप का आह्वान किया गया है, फिर भी भक्त उनसे अपनी उलझन सुलझाने की प्रार्थना करता है।

💖 भक्ति का सरलतम रूप

🎯 संदेश

जब जीवन में अंधियारा हो, उलझनें हों, और कोई सहारा न हो, तो बस एक ही सहारा है – ओ पालनहारे। उससे प्रार्थना करो, वह तुम्हारी सुनता है।

✨ आस्था का प्रतीक

यह गीत भारतीय जनमानस में इतना लोकप्रिय हुआ कि यह लगभग हर घर की प्रार्थना बन गया। लता दीदी के स्वर में यह प्रार्थना आज भी उतनी ही सजीव और मार्मिक है।

🙏 ॐ सर्वेश्वराय नमः ।। ओ पालनहारे, हमरी उलझन सुलझाओ भगवन ।।

॥ इति लता मंगेशकर प्रार्थना गीतम् ॥
॥ तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं – ओ पालनहारे, निर्गुण और न्यारे ॥
श्रेणियां: Krishna Bhajan hari bhajan

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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