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ये चमक, ये दमक, सब कुछ सरकार तुम्हई से है (राम भजन) लिरिक्स | Ye Chamak Ye Damak Sab Kuch Sarkar Tumhain Se Hai Ram Bhajan Lyrics

212 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 ये चमक, ये दमक, सब कुछ सरकार तुम्हई से है

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

(Ye Chamak, Ye Damak – Sab Kuch Sarkar Tumhain Se Hai) – राम भजन

🎵 राम को साजन, सरकार, सैयाँ के रूप में प्रेम भाव

📝 भजन विवरण

🏷️ श्रेणी: राम भजन / माधुर्य भक्ति
🎶 भाव: प्रेम, समर्पण, श्रृंगार, पूर्ण आश्रय
📍 विशेषता: राम को प्रियतम, सैयाँ, सरकार के रूप में संबोधित करने वाला भजन
📀 प्रचलन: राम भक्तों में अत्यंत प्रिय, विशेषकर माधुर्य भाव में लीन होने वालों के लिए

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

ये चमक, ये दमक, फूलवन मा महक,
सब कुछ सरकार, तुम्हई से है।
इठला के पवन चूमे सैयाँ के चरण,
बगियन मा बहार तुम्हई से है॥
तू है मोरा साजन, मैं हूँ तोरी,
अब लाज बलम रखियो मोरी।
चाहे इत जाऊँ, चाहे उत जाऊँ,
मेरे दिल को प्यार तुम्हई से है,
सब कुछ सरकार, तुम्हई से है॥

॥ अंतरा १ – थाम तोरी बहियाँ ॥

कहे जोगन, थाम तोरी बहियाँ,
तुम जानत हो सब कुछ सैयाँ।
तोरी प्रीत में रँग ये धाग लिया,
ये बनाव-श्रृंगार तुम्हई से है,
सब कुछ सरकार, तुम्हई से है॥

॥ अंतरा २ – प्रीत में रोवत नैना ॥

मैं तो भूल गई कुछ भी कहना,
तोरी प्रीत में रोवत हैं नैना।
रग-रग में बसी है प्रीत तोरी,
अँखियन मा खुमार तुम्हई से है,
सब कुछ सरकार, तुम्हई से है॥

॥ अंतरा ३ – दिल, जान, तन, मन सब अर्पण ॥

मेरा दिल ले लो, मेरी जान ले लो,
मेरा तन ले लो, मेरा मन ले लो।
मेरे इश्क़ को निस्बत है तुमसे,
मेरा हार-श्रृंगार तुम्हई से है,
सब कुछ सरकार, तुम्हई से है॥

ये चमक, ये दमक, फूलवन मा महक,
सब कुछ सरकार, तुम्हई से है।
इठला के पवन चूमे सैयाँ के चरण,
बगियन मा बहार तुम्हई से है,
सब कुछ सरकार, तुम्हई से है॥

🎵 रचनाकार : लोक परम्परा / माधुर्य भक्ति गीत

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह राम भजन माधुर्य भक्ति परम्परा का सुंदर उदाहरण है, जहाँ भक्त राम को अपने प्रियतम (साजन, सैयाँ, सरकार) के रूप में संबोधित करता है। “ये चमक, ये दमक, फूलवन मा महक, सब कुछ सरकार, तुम्हई से है” – भक्त कहता है कि सृष्टि की सारी चमक, महक, बहार – सब कुछ सरकार (राम) की कृपा से ही है। “इठला के पवन चूमे सैयाँ के चरण” – हवा भी इठलाकर राम के चरण चूमती है।

भक्त कहता है – “तू है मोरा साजन, मैं हूँ तोरी” – तुम मेरे साजन हो, मैं तुम्हारी हूँ। वह प्रार्थना करती है – “अब लाज बलम रखियो मोरी” – हे बलम (प्रियतम), मेरी लाज रखना। चाहे जिधर भी जाऊँ, मेरे दिल को प्यार तुमसे ही है।

पहले अंतरे में “कहे जोगन” – साध्वी स्वरूप में कहती है – तुम मेरी बाँह थामो, तुम सब कुछ जानते हो। तुम्हारी प्रीत में मैंने रंग लिया (सज-धज ली), यह सब श्रृंगार तुमसे ही है।

दूसरे अंतरे में – प्रेम में नैन रोते हैं, रग-रग में तुम्हारी प्रीत बसी है, आँखों में यह खुमार (नशा) तुमसे ही है।

तीसरे अंतरे में पूर्ण समर्पण – मेरा दिल, जान, तन, मन सब ले लो। मेरे प्रेम (इश्क) का संबंध तुमसे है, मेरा हार-श्रृंगार तुमसे ही है।

यह भजन सिखाता है कि राम के प्रति सच्ची भक्ति में प्रेम, श्रृंगार और समर्पण का भाव अद्वितीय है। यह राम को केवल देवता के रूप में नहीं, बल्कि प्रियतम के रूप में भी अनुभव करने का मार्ग है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

माधुर्य भक्ति का रस: यह भजन राम भक्ति के माधुर्य रस का सशक्त उदाहरण है। यह राम को प्रेमी के रूप में संबोधित करता है, जो कृष्ण भक्ति की तर्ज पर है पर राम के लिए भी यह भाव प्रचलित है।

प्रकृति से जुड़ाव: “चमक, दमक, महक, बहार, पवन” – इन शब्दों के माध्यम से भक्त सृष्टि की सुंदरता को राम की कृपा का परिणाम बताता है।

पूर्ण समर्पण: “दिल, जान, तन, मन ले लो” – यह अष्टांग योग में “प्रणिधान” (सब कुछ ईश्वर को अर्पण कर देने) के भाव को दर्शाता है।

💖 माधुर्य भक्ति का संगम

🎯 संदेश

राम केवल राजा या देवता नहीं, वे हमारे सच्चे साजन, सैयाँ और सरकार हैं। उनके प्रति प्रेम का रस ही जीवन की सारी सुंदरता और समृद्धि का स्रोत है।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन राम भक्तों को यह अहसास कराता है कि भक्ति में श्रृंगार, प्रेम और सौंदर्य का भी उतना ही महत्व है जितना शास्त्रीय साधना का। माधुर्य भक्ति में डूबकर राम का साक्षात्कार किया जा सकता है।

🙏 जय श्री राम ।। राम सैयाँ की जय ।। सब कुछ सरकार तुम्हई से है ।।

॥ इति माधुर्य राम भजनम् ॥
॥ ये चमक, ये दमक, सब कुछ सरकार तुम्हई से है ॥
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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 11 Aug 2026

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(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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