सनातन श्रेणी संग्रह · पृष्ठ 40
1,098+ पावन रचनाएँ

Devi Geet
पावन भक्ति संग्रह

भक्तिलोक पर Devi Geet के अंतर्गत सभी भक्ति रचनाओं, लोकप्रिय भजनों, आरतियों, चालीसा और मंत्रों का प्रामाणिक संकलन सरल हिंदी भावार्थ एवं शास्त्रीय संदर्भ सहित पढ़ें।

शास्त्र-सम्मत एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

शुद्ध पाठ, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ सहित भक्ति साहित्य।

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Devi Geet परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा में Devi Geet का स्थान अत्यंत पावन है। कलियुग में नाम संकीर्तन और प्रभु वंदना को समस्त क्लेशों से मुक्ति तथा आत्मिक शांति का सबसे सुलभ साधन बताया गया है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह के प्रत्येक भजन, पद, स्तुति एवं कथा को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि श्रद्धालुजन सुगमता से भक्ति रस का अनुभव कर सकें।

Devi Geet संग्रह (1098)

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विदाई कैसे करी जुदाई कैसे सही (Bidai Kaise Kari) - पवन सिंह Pawan Singh Devi Geet - Bhaktilok

आदिशक्ति माता दुर्गा, महालक्ष्मी और महासरस्वती को समर्पित यह भजन "विदाई कैसे करी जुदाई कैसे सही (Bidai Kaise Kari)" जगत जननी की कृ…

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जागी मईया भोर हो गईल | Jaagi Maiya Bhor Ho Gail Lyrics | Kiran Singh Bhojpuri Devigeet | Bhakti Song 2022 - BhaktiLok

"जागी मईया भोर हो गईल" भोजपुरी देवी गीतों की उस समृद्ध परंपरा का हिस्सा है, जो भोर की पहली किरण के साथ ही माता के जागरण और उनकी स्…

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सजल मईया के प्यारा दरबार | Sajal Maiya Ke Pyara Darabar | Sonam Raj Devigeet Bhakti Song | Bhojpuri Superhit Song - BhaktiLok

"सजल मईया के प्यारा दरबार" भोजपुरी भक्ति संगीत की उस समृद्ध और जीवंत परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो लोक-संस्कृति और पराशक्ति …

Devi Geet से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

Devi Geet श्रेणी में इस विषय से संबंधित सभी प्रामाणिक भजन, स्तुतियां, आरतियां, चालीसा और कथाएं शुद्ध पाठ व सरल हिंदी भावार्थ के साथ संकलित की गई हैं।

नियमित भक्ति संकीर्तन से मानसिक तनाव कम होता है, अंतःकरण शुद्ध होता है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।