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Jogi Hath Dor I Punjabi Baba Balaknath Bhajan I PRATEEK SHAHZADA I Full HD Video Song - BhaktiLok

97 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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बाबा बालकनाथ जी की महिमा अपरंपार है। "जोगी हथ डोर" भजन बाबा के प्रति अनन्य प्रेम, पूर्ण शरणागति और उनके प्रति अटूट विश्वास का एक पावन प्रतीक है। यह भजन साधक के हृदय में वैराग्य और भक्ति का संचार करता है। बाबा बालकनाथ, जिन्हें 'सिद्ध बाबा' के नाम से भी जाना जाता है, भगवान शिव के अंश माने जाते हैं। इस भजन के माध्यम से भक्त अपनी आत्मा की डोर बाबा के हाथों में सौंप देता है, यह विश्वास करते हुए कि वही इस संसार सागर से पार लगाने वाले एकमात्र खेवनहार हैं। यह भजन न केवल एक संगीतमय प्रस्तुति है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक यात्रा है जो भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठाकर सिद्ध पुरुष के चरणों में ले जाती है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

जोगी हथ डोर, बाबा बालकनाथ जी,
साडी हथ डोर, बाबा बालकनाथ जी।
तू ही सहारा मेरा, तू ही किनारा मेरा,
तेरे बिना कौन सुने, अरज पुकार मेरी...

(स्थायी)
जोगी हथ डोर, बाबा बालकनाथ जी,
साडी हथ डोर, बाबा बालकनाथ जी।

(अंतरा 1)
सिद्धों के तुम सिद्ध हो स्वामी,
अंतर्यामी, सब के स्वामी।
तेरी महिमा गाऊं मैं, दर पे तेरे आऊं मैं,
भर दे झोली खुशियों से, बाबा बालकनाथ जी।

(अंतरा 2)
कलयुग में तुम रूप धरे हो,
भक्तों के तुम कष्ट हरे हो।
तेरी शरण में आया हूं, मन का दीप जलाया हूं,
रख लो लाज हमारी, बाबा बालकनाथ जी।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का केंद्रीय भाव 'शरणागति' है। भक्त कहता है कि मेरे जीवन की डोर अब मेरे हाथ में नहीं, बल्कि बाबा बालकनाथ के हाथों में है। जिस प्रकार एक कठपुतली का संचालन सूत्रधार करता है, उसी प्रकार भक्त अपने जीवन के सभी सुख-दुख बाबा को समर्पित कर देता है। "जोगी हथ डोर" का अर्थ है कि अब मेरे जीवन का नियंत्रण, मेरा मार्गदर्शन और मेरी रक्षा का दायित्व स्वयं बाबा बालकनाथ का है। यह समर्पण ही मोक्ष का मार्ग है। जब मनुष्य अहंकार त्याग कर स्वयं को ईश्वर के प्रति समर्पित कर देता है, तब उसके जीवन के सभी कष्ट स्वतः ही समाप्त होने लगते हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

यह भजन बाबा बालकनाथ की सिद्ध शक्ति और उनकी करुणा को रेखांकित करता है। बाबा बालकनाथ को 'बाल योगी' कहा जाता है, जो सदैव ध्यानमग्न रहते हैं। इस भजन को सुनने से मन को असीम शांति मिलती है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं। यह भजन विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रेरणादायक है जो जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं और ईश्वर का सहारा ढूंढ रहे हैं।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को आप बाबा बालकनाथ की पूजा, आरती या सत्संग के समय गा सकते हैं। विशेष रूप से रविवार के दिन, जो बाबा बालकनाथ को समर्पित है, इस भजन का श्रवण करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसे सुबह स्नान के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करके शांत मन से सुनना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
जोगी योगी/सिद्ध पुरुष बाबा बालकनाथ के लिए प्रयुक्त
डोर नियंत्रण/विश्वास जीवन का समर्पण
अंतर्यामी सबके मन की जानने वाला ईश्वर का गुण
अरज प्रार्थना/विनती भक्त की पुकार

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम Jogi Hath Dor
देवता बाबा बालकनाथ
भाषा पंजाबी/हिंदी मिश्रित
भाव शरणागति एवं भक्ति
उपयुक्त अवसर रविवार, पूजा, सत्संग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  • प्रश्न: बाबा बालकनाथ कौन हैं?
    उत्तर: बाबा बालकनाथ भगवान शिव के अंश और सिद्ध पुरुष माने जाते हैं।
  • प्रश्न: 'जोगी हथ डोर' का क्या अर्थ है?
    उत्तर: इसका अर्थ है कि भक्त ने अपना जीवन पूर्णतः बाबा बालकनाथ को समर्पित कर दिया है।
  • प्रश्न: यह भजन कब सुनना चाहिए?
    उत्तर: इसे किसी भी समय सुना जा सकता है, लेकिन रविवार को विशेष महत्व है।
  • प्रश्न: क्या यह भजन मन की शांति के लिए प्रभावी है?
    उत्तर: हाँ, भक्तिपूर्ण भजन मन को एकाग्र और शांत करने में सहायक होते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री लोक-भक्ति परंपराओं, बाबा बालकनाथ के भजनों के संकलन और आध्यात्मिक ग्रंथों के आधार पर तैयार की गई है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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