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देवीगीत | अंजली भारद्वाज & मोना सिंह Bhojpuri Bhakti Song | Bhakti Bhajan - BhaktiLok

68 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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देवीगीत, विशेष रूप से भोजपुरी लोक-परंपरा में रचे गए गीत, माता दुर्गा की असीम कृपा और शक्ति का साक्षात स्वरूप हैं। अंजली भारद्वाज और मोना सिंह की सुमधुर आवाज़ में प्रस्तुत यह भोजपुरी भक्ति गीत न केवल कानों को तृप्त करता है, बल्कि हृदय में भक्ति का संचार भी करता है। भोजपुरी अंचल में देवी गीतों का विशेष महत्व है, जहाँ नवरात्रि के पावन पर्व पर घर-घर में माता के जयकारे गूंजते हैं। यह गीत माता के ममतामयी स्वरूप और दुष्टों का संहार करने वाली शक्ति का सुंदर समन्वय है। इस लेख में हम इस भक्ति गीत के भावार्थ, इसके आध्यात्मिक महत्व और भोजपुरी लोक-संस्कृति में इसके स्थान पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

सम्पूर्ण गीत के बोल | Complete Lyrics

(मुखड़ा)
मैया के चुनरिया ओढ़ के, हम त भवानी के द्वार जाईब,
अंजली, मोना संग मिल के, मैया के गुण हम गाईब।
झुकेला संसार मैया, तोहरे चरनवा में,
शक्ति के सागर बाड़ू, तू ही त मनवा में।

(अंतरा 1)
पर्वत से आईल बाड़ी, सिंह पे सवार हो,
भक्तन के कष्ट हरे, मैया के प्यार हो।
दुष्टन के काल तू ही, जग के आधार तू,
ममता के मूरत, तू ही त संसार तू।

(अंतरा 2)
भोजपुरी माटी में, भक्ति के रंग बा,
मैया के दरस पावे, मनवा उमंग बा।
अंजली भारद्वाज, मोना के पुकार बा,
मैया के कृपा से, बेड़ा पार हो।

गीत का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Song Meaning & Bhavarth

इस गीत का भाव अत्यंत गहरा और समर्पण से भरा है। भक्त कहता है कि वह मैया की चुनरी ओढ़कर उनके द्वार पर जाना चाहता है, जो भक्ति के मार्ग पर चलने का प्रतीक है। 'अंजली' और 'मोना' का उल्लेख गायिकाओं के माध्यम से भक्त की व्यक्तिगत पुकार को दर्शाता है। गीत में माता को 'शक्ति का सागर' कहा गया है, जो यह सिद्ध करता है कि संसार की समस्त ऊर्जा का स्रोत वही हैं। अंतरा में माता के सिंह पर सवार होकर आने का वर्णन है, जो उनके रौद्र और रक्षक स्वरूप को दर्शाता है। अंत में, भोजपुरी माटी और भक्ति के रंग का उल्लेख यह बताता है कि कैसे लोक-संस्कृति में देवी की उपासना एक उत्सव की तरह मनाई जाती है।

गीत की मुख्य भावना एवं संदेश | Theme, Emotion & Message

इस गीत की मुख्य भावना 'शरणागति' (Surrender) है। यह गीत संदेश देता है कि जब भक्त पूरी श्रद्धा के साथ माता की शरण में जाता है, तो उसके समस्त कष्ट स्वतः ही दूर हो जाते हैं। यह गीत धैर्य, विश्वास और निरंतर भक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।

गीत की जानकारी | Song Information

विवरण जानकारी
गीत का नामदेवीगीत (भोजपुरी भक्ति)
गायिकाअंजली भारद्वाज एवं मोना सिंह
भाषाभोजपुरी
विषयमाता दुर्गा भक्ति
शैलीलोक-भक्ति गीत

गीत का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व | Spiritual & Cultural Significance

भोजपुरी अंचल में देवी गीतों का गायन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक साधना है। नवरात्रि के दौरान इन गीतों को सुनने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह गीत हमें याद दिलाता है कि देवी केवल एक शक्ति नहीं, बल्कि एक ममतामयी माँ हैं जो अपने बच्चों के दुखों को हरने के लिए सदैव तत्पर रहती हैं।

गीत से मिलने वाली जीवन सीख | Life Lessons

  • समर्पण: जीवन की कठिनाइयों में माता पर अटूट विश्वास रखना चाहिए।
  • सात्विकता: भक्ति के माध्यम से मन को शुद्ध और शांत रखा जा सकता है।
  • सांस्कृतिक जुड़ाव: अपनी जड़ों और लोक-परंपराओं के प्रति सम्मान रखना चाहिए।

गीत सुनने का अवसर एवं परंपरा | When to Listen / Sing

यह गीत नवरात्रि के नौ दिनों में, माता की चौकी सजाते समय, या किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में सुना जा सकता है। प्रातःकाल की पूजा के समय इसे सुनने से मन में सकारात्मकता आती है।

एक नजर में गीत की जानकारी | Song at a Glance

तत्व विवरण
मुख्य देवतामाता दुर्गा
भावभक्ति एवं समर्पण
उपयुक्त अवसरनवरात्रि, दैनिक पूजा
प्रभावमानसिक शांति एवं शक्ति

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

देवीगीत सुनने से क्या लाभ होता है?

देवीगीत सुनने से मन को शांति मिलती है और माता की कृपा का अनुभव होता है।

क्या यह गीत नवरात्रि में सुना जा सकता है?

हाँ, यह गीत विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान सुनने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख भक्ति और लोक-संस्कृति के समन्वय को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें प्रयुक्त जानकारी पारंपरिक स्रोतों और भोजपुरी लोक-परंपराओं पर आधारित है। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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