Hanuman Bhajan

बाला जी दरस दिखा दो लिरिक्स (Bala Ji Daras Dikha Do Lyrics in Hindi) - Narendra Kausik Hanuman Bhajan - Bhaktilok

587 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

परिचय: बाला जी दरस दिखा दो भजन और हनुमान भक्ति की महिमा

कलयुग में प्रत्यक्ष फल देने वाले संकटमोचन श्री हनुमान जी महाराज की असीम कृपा प्राप्त करने का साधन उनकी भक्ति, स्मरण और उनके चरणों में अनन्य समर्पण है। प्रसिद्ध गायक नरेंद्र कौशिक जी द्वारा स्वरबद्ध एवं रचित यह पावन भजन "बाला जी दरस दिखा दो" हनुमान भक्तों के हृदय में अगाध श्रद्धा, भक्ति का प्रकाश और संकटों से पार पाने का अदम्य साहस जगाता है। कलयुग के जाग्रत देवता माने जाने वाले खाटू श्याम जी, मेहंदीपुर बाला जी और सालासर बाला जी के दरबार में हनुमान जी के बाल स्वरूप यानी 'बाला जी' की उपासना का विशेष महत्व है। जब भक्त जीवन की दुश्वारियों, मानसिक संतापों और बाधाओं से घिर जाता है, तब वह अपनी आर्त पुकार के साथ पवनसुत के चरणों में श्री हनुमान चालीसा के पाठ के समान ही विनीत भाव से प्रार्थना करता है कि हे प्रभु! हमें अपने दिव्य दर्शन देकर जीवन को कृतार्थ कर दो। इस भजन का प्रत्येक शब्द भक्त के भीतर छिपी निराशा को दूर कर आशा और भक्ति का संचार करता है। इस लेख में हम नरेंद्र कौशिक जी के इस लोकप्रिय भजन के संपूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ, भक्ति की महत्ता और जीवन पर पड़ने वाले इसके सकारात्मक प्रभावों का गंभीर अध्ययन करेंगे।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

बाला जी दरस दिखा दो, बाला जी दरस दिखा दो।
बुराई मिटा दो, भक्ति का दीप जला दो।
बाला जी दरस दिखा दो, बाला जी दरस दिखा दो।

जो तेरा भकत है, वो तेरा सच्चा साथी है।
कभी भी ना छोड़ना उसका साथ जरा भी।
बाला जी दरस दिखा दो, बाला जी दरस दिखा दो।

बुराई मिटा दो, भक्ति का दीप जला दो।
बाला जी दरस दिखा दो, बाला जी दरस दिखा दो।

हर संकट नाशक हो, तेरा नाम जब लेते।
सच्ची भक्ति से हम सबको, तू सामर्थ्य दे देता।
बाला जी दरस दिखा दो, बाला जी दरस दिखा दो।

जो परेशानी में हो, तू करें सहारा,
हनुमान जी का नाम ले, चढ़े चढ़ाई चारा।
बाला जी दरस दिखा दो, बाला जी दरस दिखा दो।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

नरेंद्र कौशिक जी द्वारा रचित इस सुंदर भजन में भक्त और भगवान के बीच के वात्सल्य, विनय और शरणागति के भाव को अत्यंत सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। भजन की मुख्य पंक्ति (मुखड़ा) 'बाला जी दरस दिखा दो, बुराई मिटा दो, भक्ति का दीप जला दो' में भक्त की मूल भावना छिपी हुई है। भौतिक संसार में रहते हुए मनुष्य के मन में कई बार काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसी आंतरिक बुराइयां घर कर जाती हैं। भक्त अपने आराध्य बाला जी से प्रार्थना करता है कि हे प्रभु! इन समस्त बुराइयों और दुर्गुणों का नाश कर मेरे हृदय में आपकी अनन्य भक्ति का अखंड दीप प्रज्वलित कर दीजिए।

भजन की दूसरी कड़ी में भक्त कहता है— 'जो तेरा भकत है, वो तेरा सच्चा साथी है, कभी भी ना छोड़ना उसका साथ जरा भी।' यह सनातन भक्ति परंपरा का मूल सत्य है कि जो मनुष्य भगवान का सच्चा भक्त बन जाता है, भगवान उसकी रक्षा का भार स्वयं अपने ऊपर ले लेते हैं। महाबली हनुमान जी अपने भक्तों के संकटों को हरने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। भक्त उनसे गुहार लगाता है कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, संकट की इस घड़ी में मेरा हाथ कभी मत छोड़ना।

अंतिम पंक्तियों में भजनकार ने हनुमान जी के संकटमोचन स्वरूप का स्मरण कराते हुए कहा है कि आपका नाम मात्र लेने से ही बड़े से बड़े संकट नष्ट हो जाते हैं। जब मनुष्य सच्चे मन से आपकी आराधना करता है, तो आप उसे सांसारिक दुखों से लड़ने की आन्तरिक सामर्थ्य (शक्ति) प्रदान करते हैं। जीवन के किसी भी मार्ग पर, जब व्यक्ति कठिनाइयों रूपी चढ़ाई पर चढ़ रहा होता है और चारों तरफ से परेशानियों से घिर जाता है, तब एकमात्र श्री हनुमान जी का नाम ही ऐसा सहारा बनता है जो जीवन की नैया को पार लगा देता है। इसके साथ ही नियमित रूप से श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से साधक को मानसिक शांति और अपार ऊर्जा की प्राप्ति होती है.

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति का भाव: यह भजन साधक के भीतर समर्पण, विनय और अटूट विश्वास की भावना को जागृत करता है।
  • संकट निवारण: हनुमान जी को संकटमोचन कहा गया है, और इस भजन का गायन या श्रवण मानसिक संतापों से मुक्ति दिलाता है।
  • आंतरिक शुद्धि: भजन की पंक्तियां 'बुराई मिटा दो, भक्ति का दीप जला दो' मनुष्य को आंतरिक रूप से पवित्र बनने की प्रेरणा देती हैं।
  • लोकप्रियता: गायक नरेंद्र कौशिक की मधुर आवाज में यह भजन देश भर के हनुमान भक्तों, विशेषकर मंगलवार और शनिवार के जागरणों में अत्यंत चाव से गाया जाता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस पावन भजन को किसी भी समय सुना या गाया जा सकता है, परंतु इसकी आध्यात्मिक ऊर्जा को पूरी तरह अनुभव करने के लिए कुछ विशेष समय और नियम उत्तम माने गए हैं:

  • नित्य प्रातःकाल: स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा कक्ष में दीपक प्रज्वलित करने के बाद इस भजन का श्रवण मन को पूरे दिन ऊर्जावान रखता है।
  • मंगलवार और शनिवार: हनुमान जी को समर्पित इन दोनों वारों पर विशेष पूजा, सुंदरकांड पाठ या हनुमान चालीसा के उपरांत इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।
  • सत्संग एवं जागरण: रात्रि चौकियों, सुंदरकांड पाठ के आयोजनों और धार्मिक अनुष्ठानों में समूह में इस भजन को गाने से सामूहिक भक्ति का वातावरण बनता है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के केंद्र में भगवान श्री राम के परम भक्त, केसरी नंदन, अंजनी पुत्र, महाबली श्री हनुमान जी (बाला जी) हैं। कलयुग में हनुमान जी को अष्टसिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस भजन की रचना लोकप्रिय भजन गायक नरेंद्र कौशिक जी ने की है, जिन्होंने अपनी सुमधुर वाणी से हरियाणा, राजस्थान और उत्तर भारत के लाखों भक्तों तक हनुमान भक्ति की इस अलख को पहुँचाया है। उनकी गायन शैली में ग्रामीण परिवेश की मिठास और शास्त्रीय भक्ति रस का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ संधर्भ / भाव
बाला जी श्री हनुमान जी का बाल रूप संकटमोचन हनुमान जी का स्नेहिल संबोधन
दरस दर्शन भगवान के साक्षात दर्शन की लालसा
संकट नाशक समस्याओं और दुखों को दूर करने वाला हनुमान जी की कृपा का स्वरूप
सामर्थ्य बल, शक्ति और क्षमता भक्ति से मिलने वाली आंतरिक ऊर्जा
सहारा आश्रय या संबल कठिन समय में भगवान का साथ

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

  • बाला जी दरस दिखा दो...: भक्त अपने आराध्य से विनती कर रहा है कि हे प्रभु! अपनी कृपा दृष्टि मुझ पर डालिए और अपने दिव्य दर्शन दीजिए।
  • बुराई मिटा दो, भक्ति का दीप जला दो...: मेरे भीतर के दुर्गुणों को समाप्त कर दीजिये और मेरे मन के मंदिर में अपनी अनन्य भक्ति का प्रकाश भर दीजिए।
  • जो तेरा भकत है, वो तेरा सच्चा साथी है...: जो जीव आपकी शरण में आ गया और आपका सच्चा भक्त बन गया, आप सदा उसके रक्षक बने रहते हैं।
  • हर संकट नाशक हो, तेरा नाम जब लेते...: आपके पावन नाम के स्मरण मात्र से जीवन के सभी कष्ट स्वतः नष्ट हो जाते हैं।
  • जो परेशानी में हो, तू करें सहारा...: जीवन की विकट परिस्थितियों में जब कोई मार्ग नहीं सूझता, तब आपका नाम ही एकमात्र नौका पार लगाने वाला बनता है।

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

इस भजन के साथ हनुमान जी के निम्नलिखित पावन मंत्रों का स्मरण करना अत्यंत लाभप्रद माना गया है:

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्री रामदूतम शरणं प्रपद्ये॥

इसके अतिरिक्त भगवान हनुमान के प्रसिद्ध बीज मंत्र 'ॐ हम हनुमते नमः' का नित्य 108 बार जाप करने से साधक को मानसिक दृढ़ता और निर्भयता प्राप्त होती है। विशेष अवसरों पर सुंदरकांड का पाठ करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

विशेषता विवरण
भजन का नाम बाला जी दरस दिखा दो (Bala Ji Daras Dikha Do Lyrics)
आराध्य देव श्री हनुमान जी (बाला जी)
रचियता / गायक नरेंद्र कौशिक (Narendra Kausik)
भाषा सरल हिंदी / हरियाणवी मिश्रित भाव
मुख्य भाव भक्ति, शरणागति, संकट निवारण और दर्शन की लालसा
गायन का उपयुक्त समय मंगलवार, शनिवार, प्रातःकालीन वंदना और जागरण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस लोकप्रिय भजन के रचयिता और प्रसिद्ध गायक नरेंद्र कौशिक (Narendra Kausik) जी हैं, जिन्होंने अपनी सुमधुर आवाज में इसे गाया है।

यह भजन संकटमोचन श्री हनुमान जी (जिन्हें उत्तर भारत में विशेष रूप से 'बाला जी' के रूप में पूजा जाता है) को समर्पित है।

इस भजन को मंगलवार और शनिवार के दिन विशेष पूजा, हनुमान चालीसा पाठ या जागरण के समय गाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।

इस भजन का मुख्य संदेश जीवन के समस्त संकटों के बीच ईश्वर पर अटूट विश्वास रखना, आंतरिक बुराइयों को मिटाना और भगवान हनुमान की शरण में आकर भक्ति का मार्ग अपनाना है।

हाँ, प्रातःकालीन या संध्याकालीन आरती और पूजा के समय इस भजन को सरलता से गाया जा सकता है, जिससे घर का वातावरण पवित्र और सकारात्मक बनता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख श्री हनुमान जी की महिमा और नरेंद्र कौशिक जी द्वारा गाए गए लोकप्रिय भजन "बाला जी दरस दिखा दो" के भक्ति भाव को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। पाठकों की सुविधा के लिए इसमें प्रामाणिक बोल, सरल हिंदी अर्थ, भावार्थ और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों को शामिल किया गया है। यह सामग्री संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है, जिसका उद्देश्य सनातन संस्कृति और devotional साहित्य का प्रसार करना है।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • पारंपरिक हनुमान भक्ति साहित्य एवं लोक भजन परंपरा
  • श्री हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड गुटका, गीता प्रेस गोरखपुर
  • भक्त नरेंद्र कौशिक जी के लोकगीत एवं भजन संग्रह
  • सनातन धर्म एवं संकटमोचन उपासना पद्धति के ग्रंथ

संबंधित भजन एवं लेख

यदि आपको यह भजन और इसका भावार्थ पसंद आया, तो आप हमारे अन्य पावन लेखों को भी पढ़ सकते हैं:

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!