श्री हनुमान गायत्री मंत्र (Shri Hanuman Gayatri Mantra in Hindi) - Abhay Jodhpurkar Hanuman Mantra -
श्री हनुमान गायत्री मंत्र (Shri Hanuman Gayatri Mantra in Hindi) -
"ऊँ आञ्जनेयाय विद्महे,वायुपुत्राय धीमहि।
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्।"
श्री हनुमान गायत्री मंत्र:-
दुनिया के सारे मुश्किल काम सिर्फ श्री हनुमान की कृपा व स्मरण से ही आसान होती हैं मंगलवार का दिन श्री हनुमान के ध्यान से जीवन मंगलमय बहुत ही शुभ माना जाता है इस दिन श्री हनुमान जी का ध्यान ग्रह, मन, कर्म व विचारों के दोषों को दूर कर सुख शांति - सफलता मिलते है हनुमान जी के भक्ति से सारे कस्ट दूर हो जाते है ||
श्री हनुमान चालीसा में चौपाई:-
वर्णित "दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।"
चौपाई का अर्थ:-
इस चौपाई का जाप परेशानी, कष्ट, किसी भी प्रकार के अभाव में करने से समस्त भय, बाधा, चिंता व क्षोभ नष्ट हो जाते हैं और मुश्किल काम भी बन जाते हैं।
हनुमान गायत्री मंत्र का जाप कब और किस दिन करने से लाभ मिलता है:-
इस मंत्र का जाप मंगलवार और शनिवार को करना चाहिए क्योंकि मंगलवार को श्री हनुमान जी की भक्ति, रविवार श्री हनुमान जी के गुरु सूर्य की भक्ति व शनिवार को हनुमान जी की भक्ति करने वाले पर शनिदेव जी ने स्वयं कृपा करने का वचन श्री हनुमान को दिया था।
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "श्री हनुमान गायत्री मंत्र (Shri Hanuman Gayatri Mantra in Hindi) - Abhay Jodhpurkar Hanuman Mantra - Bhaktilok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।
भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?
शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।
क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?
हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।
शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?
हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

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