"मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर" एक अत्यंत भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी भजन है, जो माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के प्रति भक्त की अनन्य निष्ठा और पुकार को व्यक्त करता है। यह भजन केवल एक प्रार्थना नहीं, बल्कि एक भक्त की वह आकुलता है जिसमें वह अपनी आराध्या माँ भवानी को अपने जीवन के अभावों को दूर करने के लिए आमंत्रित करता है। इस भजन में माँ के विभिन्न रूपों—लक्ष्मी, सरस्वती, अन्नपूर्णा, वैष्णवी, काली, दुर्गा और संतोषी—का आह्वान किया गया है, जो यह दर्शाता है कि भक्त अपनी हर भौतिक और आध्यात्मिक आवश्यकता के लिए केवल माँ की शरण में ही जाता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, दुर्गा पूजा, और देवी जागरण के कार्यक्रमों में अत्यंत श्रद्धा के साथ गाया जाता है।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर,
मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर॥
जिस घर में मैया धन की कमी हो,
उस घर आना भवानी माँ लक्ष्मी बनकर,
मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर॥
जिस घर में मैया विद्या की कमी हो,
उस घर आना भवानी माँ सरस्वती बनकर,
मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर॥
जिस घर में मैया अन्न की कमी हो,
उस घर आना भवानी माँ अन्नपूर्णा बनकर,
मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर॥
जिस घर में मैया कन्या की कमी हो,
उस घर आना भवानी माँ वैष्णवी बनकर,
मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर॥
जिस घर में मैया कष्ट कलेश हो,
उस घर आना भवानी माँ काली बनकर,
मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर॥
जिस घर में मैया तेरा भजन हो,
उस घर आना भवानी माँ दुर्गा बनकर,
मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर॥
जिस घर में मैया सुख की कमी हो,
उस घर आना भवानी माँ संतोषी बनकर,
मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर॥
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth
इस भजन का मूल भाव 'शरणागति' है। भक्त माँ भवानी से प्रार्थना करता है कि वे उसके घर पधारें। यहाँ 'फूलों में चलकर' आने का अर्थ है—प्रेम, कोमलता और भक्ति के मार्ग से आना। भक्त अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए माँ के विशिष्ट स्वरूपों का स्मरण करता है। जब वह कहता है कि 'धन की कमी हो तो लक्ष्मी बनकर आना', तो इसका अर्थ है कि माँ की कृपा से ही ऐश्वर्य प्राप्त होता है। इसी प्रकार, विद्या के लिए सरस्वती, पोषण के लिए अन्नपूर्णा और दुखों के नाश के लिए काली माँ का आह्वान किया गया है। यह भजन सिखाता है कि जीवन की हर स्थिति में माँ का ही आश्रय सर्वोपरि है।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance
यह भजन देवी के 'सर्वशक्तिमान' स्वरूप को समर्पित है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि यह सरल भाषा में गहन आध्यात्मिक सत्य को पिरोता है। यह भजन भक्त को यह विश्वास दिलाता है कि माँ भवानी अपने भक्तों की पुकार सुनकर अवश्य आती हैं। इसे सुनने या गाने से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और देवी के प्रति समर्पण भाव जागृत होता है।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing
इस भजन को किसी भी समय गाया जा सकता है, परंतु नवरात्रि के नौ दिनों में, शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की पूजा के समय, या घर में किसी भी मांगलिक कार्य के दौरान इसका गायन विशेष फलदायी माना जाता है। इसे शुद्ध मन से, दीप प्रज्वलित करके और माँ की प्रतिमा के समक्ष बैठकर गाना चाहिए।
भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings
| शब्द/पद | सरल अर्थ | संदर्भ |
|---|---|---|
| भवानी | माँ दुर्गा का एक नाम | संसार को धारण करने वाली |
| फूलों में चलकर | प्रेम और कोमलता से | भक्ति का मार्ग |
| कष्ट कलेश | दुख और मानसिक तनाव | जीवन की बाधाएं |
| अन्नपूर्णा | भोजन प्रदान करने वाली | माता पार्वती का स्वरूप |
एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information
| भजन का नाम | मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर |
| आराध्य देवी | माँ दुर्गा (भवानी) |
| भाषा | हिंदी |
| विषय | भक्ति, शरणागति, प्रार्थना |
| उपयुक्त अवसर | नवरात्रि, देवी जागरण, नित्य पूजा |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- प्रश्न: यह भजन किस देवी को समर्पित है?
उत्तर: यह भजन माँ दुर्गा (भवानी) के विभिन्न स्वरूपों को समर्पित है। - प्रश्न: क्या इस भजन को घर पर गाया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, इसे घर पर नित्य पूजा या विशेष अवसरों पर श्रद्धापूर्वक गाया जा सकता है। - प्रश्न: 'फूलों में चलकर' का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि माँ भवानी प्रेम और कोमलता के साथ भक्त के घर पधारें। - प्रश्न: नवरात्रि में इस भजन का क्या महत्व है?
उत्तर: नवरात्रि में देवी के आह्वान के लिए यह भजन अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। - प्रश्न: क्या यह भजन किसी विशेष राग में गाया जाता है?
उत्तर: इसे किसी भी सरल और मधुर धुन में गाया जा सकता है, मुख्य भाव भक्ति होना चाहिए। - प्रश्न: माँ के किन स्वरूपों का वर्णन है?
उत्तर: लक्ष्मी, सरस्वती, अन्नपूर्णा, वैष्णवी, काली, दुर्गा और संतोषी माँ का वर्णन है। - प्रश्न: क्या इस भजन को सुनने से मानसिक शांति मिलती है?
उत्तर: हाँ, देवी के भजनों का श्रवण मन को शांति और सकारात्मकता प्रदान करता है। - प्रश्न: इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: माँ की शरण में जाने से जीवन के सभी अभाव और कष्ट दूर हो जाते हैं।
संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।
स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References
यह सामग्री पारंपरिक भक्ति साहित्य और लोक भजनों के संकलन पर आधारित है।
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