चोला मैंने पहना है तेरे नाम का
चोला मैंने पहना है तेरे नाम का
चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम का ॥
बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥
तुम्हें, मेरे भगवन, भूल नहीं पाऊँगा,
बिना, भजन तेरे, रह नहीं पाऊँगा ॥
हृदय में, दिखा दूँ फोटो, सियाराम का ।
बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥
चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...
सीता, माता का, पता ले आऊँगा,
लक्ष्मण, भईया के, प्राण बचाऊँगा ॥
मिल जाए, मुझे बस, आदेश आपका ।
बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥
चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...
रावण, को मार, सिया राम से मिलाएंगे,
लंका का, राज्य, विभीषण को दे आएंगे ॥
बजा देंगे, डंका जब, सिया राम का ।
बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥
चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...
राम से, मुक्ति शक्ति, लक्ष्मण से मिलेगी.
हनुमान, से भक्ति, भक्तों को मिलेगी ॥
मिल जाए, खज़ाना प्रभु, तेरे नाम का ।
बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥
चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।
🙏 भजन का अर्थ और संदेश
यह निर्गुण भजन भगवान राम के प्रति गहरी भक्ति और समर्पण को व्यक्त करता है। भजन में भक्त अपने आप को राम के नाम का दीवाना बताता है और भगवान राम की भक्ति में लीन हो जाता है। भजन में रामायण केVarious episodes का उल्लेख है और भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के प्रति भक्ति की अभिव्यक्ति है।
भजन में भक्त भगवान राम से अपने हृदय में बसने की प्रार्थना करता है और उन्हें अपनी जिंदगी का अभाव महसूस नहीं होने देता। भजन में रामायण के पात्रों जैसे सीता, लक्ष्मण और हनुमान का भी उल्लेख है और भगवान राम की कृपा और आशीर्वाद की कामना की गई है।
🎵 गायक: अनिल रामूर्ति भोपाल
अनिल रामूर्ति भोपाल एक प्रसिद्ध भजन गायक हैं जिन्होंने कई भजनों और कीर्तनों को अपनी मधुर आवाज से सजाया है। उनके गायन में भक्ति और भावना की गहराई है जो श्रोताओं के दिलों को छू लेती है।
पाठकों के विचार (0)
भक्ति रस चर्चा में भाग लें