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Hanuman Bhajan

हर तरफ तेरा डंका है बाजे, मेरे मरघट वाले बाबा - Har Taraf Tera Danka Hai Baje, Mere Marghat Wale Baba Lyrics (Hanuman Bhajan)

150 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 हर तरफ तेरा डंका है बाजे – मेरे मरघट वाले बाबा

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।

(Har Taraf Tera Danka Hai Baje, Mere Marghat Wale Baba) – Hanuman Bhajan

प्रचलित लोक भजन ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/लेखक: प्रचलित लोक भजन
🏷️ श्रेणी: हनुमान भजन / बजरंग बली भजन
📍 भाव: शक्ति, रक्षा, अटूट आस्था

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

॥ अंतरा १ ॥

सब तेरे आगे थर-थर हैं कांपें,
मेरे मरघट वाले बाबा!
सब तेरे आगे थर-थर हैं कांपें,
मेरे मरघट वाले बाबा!

॥ अंतरा २ ॥

तेरे घेरे में जो भी हैं रहते,
उनके संकट मोचन तुम ही हो!
तेरे घेरे में जो भी हैं रहते,
उनके संकट मोचन तुम ही हो!
भूत-प्रेत निकट नहीं आएं,
बाबा तेरी गदा के आगे!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

बालाजी जय जय श्री राम,
बजरंगी जय श्री राम!
हनुमंता जय श्री राम!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

॥ अंतरा ३ ॥

जिसने पढ़ ली तेरी चालीसा,
उसके घर में है आनंद हमेशा!
जिसने पढ़ ली तेरी चालीसा,
उसके घर में है आनंद हमेशा!
राहु-केतु शनि देव देखते,
हमेशा, हमेशा!
राहु-केतु शनि जी न देखे,
डर का रहता नहीं है अंदेशा।

॥ अंतरा ४ ॥

वीर बजरंग बली,
तोड़े दुश्मन की नली!
हार गए असुर दानव,
नहीं थी किसी की चली!
वीर बजरंग बली,
तोड़े दुश्मन की नली!
हार गए असुर दानव,
नहीं थी किसी की चली!

॥ अंतरा ५ ॥

ओ नाम सुन के तुम्हारा
भाग जाती हर बला,
देख तुमको सभी कष्ट भागे!
मेरे मरघट वाले बाबा!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

॥ अंतरा ६ ॥

केसरी अंजनी लाडले मेरी सुन,
हे पवन पुत्र मुझको लगा अपनी धुन!
केसरी अंजनी लाडले मेरी सुन,
हे पवन पुत्र मुझको लगा अपनी धुन!

रुद्र अंशी अपना बना ले मुझे,
छत्र छाया में अपनी बिठा ले मुझे!
रुद्र अंशी अपना बना ले मुझे,
छत्र छाया में अपनी बिठा ले मुझे!
राम जी सीता माँ से मिला दे मुझे,
शौक पर कर दो अपनी दृष्टि!
भाग्य मेरा बीस बार जागे!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

✍️ रचनाकार :- प्रचलित लोक भजन (अज्ञात)

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह शक्तिशाली हनुमान भजन बजरंग बली के रौद्र और रक्षक स्वरूप का वर्णन करता है। "हर तरफ तेरा डंका है बाजे" – अर्थात हनुमान जी की महिमा और प्रभाव चारों ओर फैला हुआ है। "मेरे मरघट वाले बाबा" उनके उस स्वरूप की ओर संकेत करता है जो श्मशान (मरघट) में भी निवास करते हैं, जो भूत-प्रेत, बाधाओं और भय से मुक्ति दिलाने वाले हैं।

भजन में कहा गया है कि उनके आगे सब कांपते हैं, उनके घेरे में रहने वालों के संकट दूर हो जाते हैं। भूत-प्रेत उनकी गदा के आगे नहीं टिकते। हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले के घर सदा आनंद रहता है और ग्रहों (राहु, केतु, शनि) का कोई भय नहीं रहता।

भजन के अंत में भक्त हनुमान जी से प्रार्थना करता है कि वे उसे अपना बना लें, अपनी छत्रछाया में स्थान दें, और राम-सीता से मिला दें। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा और हनुमान जी का आशीर्वाद हर विपत्ति को दूर कर सकता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

मरघट वाले बाबा – हनुमान का रौद्र रूप: यह भजन हनुमान जी को "मरघट वाले बाबा" कहकर संबोधित करता है, जो उनके भैरव स्वरूप और भूत-प्रेतों के नियंत्रक के रूप में उनकी महिमा को दर्शाता है। यह रूप विशेषकर उन लोगों के लिए आश्वस्ति देता है जो अदृश्य बाधाओं, भय या ग्रह दोषों से पीड़ित हैं।

डंका बाजना – प्रभाव का प्रतीक: "डंका बाजना" का अर्थ है हनुमान जी की कीर्ति और शक्ति का सर्वत्र प्रसार। वे हर जगह विराजमान हैं और उनकी लीला का डंका हर ओर बजता है।

हनुमान चालीसा का महत्व: भजन में स्पष्ट किया गया है कि हनुमान चालीसा का नियमित पाठ घर में आनंद लाता है और ग्रहों के अशुभ प्रभाव को समाप्त करता है। यह उन सभी भक्तों के लिए प्रेरणा है जो संकटों से मुक्ति चाहते हैं।

💖 भक्ति रस का संगम

🎯 संदेश

हनुमान जी का नाम सुनते ही सारी विपदाएँ भाग जाती हैं। वे सच्चे भक्तों के रक्षक हैं, चाहे वे कहीं भी हों। उनकी गदा के आगे कोई बल नहीं टिकता, और उनकी कृपा से जीवन का हर संकट दूर हो जाता है।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन उन सभी के लिए प्रेरणा है जो हनुमान जी की शरण में आते हैं। "रुद्र अंशी अपना बना ले मुझे" – यह पंक्ति भक्त की पूर्ण समर्पण भावना को दर्शाती है, जहाँ वह हनुमान जी से स्वयं को उनकी संतान बनाने की प्रार्थना करता है।

🙏 ॐ हनुमते नमः ।। श्री बालाजी जय बालाजी जय जय बालाजी ।।

॥ इति हनुमान भजनम् ॥
॥ जय बजरंग बली, जय हनुमान ।।
श्रेणियां: Hanuman Bhajan

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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