Hanuman Bhajan

हर तरफ तेरा डंका है बाजे, मेरे मरघट वाले बाबा - Har Taraf Tera Danka Hai Baje, Mere Marghat Wale Baba Lyrics (Hanuman Bhajan)

160 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah
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प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

🙏 हर तरफ तेरा डंका है बाजे – मेरे मरघट वाले बाबा

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।

(Har Taraf Tera Danka Hai Baje, Mere Marghat Wale Baba) – Hanuman Bhajan

प्रचलित लोक भजन ॥

विवरण एवं मुख्य बिंदु

🎤 गायक/लेखक:प्रचलित लोक भजन
🏷️ श्रेणी:हनुमान भजन / बजरंग बली भजन
📍 भाव:शक्ति, रक्षा, अटूट आस्था

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

॥ अंतरा १ ॥

सब तेरे आगे थर-थर हैं कांपें,
मेरे मरघट वाले बाबा!
सब तेरे आगे थर-थर हैं कांपें,
मेरे मरघट वाले बाबा!

॥ अंतरा २ ॥

तेरे घेरे में जो भी हैं रहते,
उनके संकट मोचन तुम ही हो!
तेरे घेरे में जो भी हैं रहते,
उनके संकट मोचन तुम ही हो!
भूत-प्रेत निकट नहीं आएं,
बाबा तेरी गदा के आगे!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

बालाजी जय जय श्री राम,
बजरंगी जय श्री राम!
हनुमंता जय श्री राम!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

॥ अंतरा ३ ॥

जिसने पढ़ ली तेरी चालीसा,
उसके घर में है आनंद हमेशा!
जिसने पढ़ ली तेरी चालीसा,
उसके घर में है आनंद हमेशा!
राहु-केतु शनि देव देखते,
हमेशा, हमेशा!
राहु-केतु शनि जी न देखे,
डर का रहता नहीं है अंदेशा।

॥ अंतरा ४ ॥

वीर बजरंग बली,
तोड़े दुश्मन की नली!
हार गए असुर दानव,
नहीं थी किसी की चली!
वीर बजरंग बली,
तोड़े दुश्मन की नली!
हार गए असुर दानव,
नहीं थी किसी की चली!

॥ अंतरा ५ ॥

ओ नाम सुन के तुम्हारा
भाग जाती हर बला,
देख तुमको सभी कष्ट भागे!
मेरे मरघट वाले बाबा!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

॥ अंतरा ६ ॥

केसरी अंजनी लाडले मेरी सुन,
हे पवन पुत्र मुझको लगा अपनी धुन!
केसरी अंजनी लाडले मेरी सुन,
हे पवन पुत्र मुझको लगा अपनी धुन!

रुद्र अंशी अपना बना ले मुझे,
छत्र छाया में अपनी बिठा ले मुझे!
रुद्र अंशी अपना बना ले मुझे,
छत्र छाया में अपनी बिठा ले मुझे!
राम जी सीता माँ से मिला दे मुझे,
शौक पर कर दो अपनी दृष्टि!
भाग्य मेरा बीस बार जागे!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!
हर तरफ तेरा डंका है बाजे,
मेरे मरघट वाले बाबा!

✍️ रचनाकार :- प्रचलित लोक भजन (अज्ञात)

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह शक्तिशाली हनुमान भजन बजरंग बली के रौद्र और रक्षक स्वरूप का वर्णन करता है। "हर तरफ तेरा डंका है बाजे" – अर्थात हनुमान जी की महिमा और प्रभाव चारों ओर फैला हुआ है। "मेरे मरघट वाले बाबा" उनके उस स्वरूप की ओर संकेत करता है जो श्मशान (मरघट) में भी निवास करते हैं, जो भूत-प्रेत, बाधाओं और भय से मुक्ति दिलाने वाले हैं।

भजन में कहा गया है कि उनके आगे सब कांपते हैं, उनके घेरे में रहने वालों के संकट दूर हो जाते हैं। भूत-प्रेत उनकी गदा के आगे नहीं टिकते। हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले के घर सदा आनंद रहता है और ग्रहों (राहु, केतु, शनि) का कोई भय नहीं रहता।

भजन के अंत में भक्त हनुमान जी से प्रार्थना करता है कि वे उसे अपना बना लें, अपनी छत्रछाया में स्थान दें, और राम-सीता से मिला दें। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा और हनुमान जी का आशीर्वाद हर विपत्ति को दूर कर सकता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

मरघट वाले बाबा – हनुमान का रौद्र रूप: यह भजन हनुमान जी को "मरघट वाले बाबा" कहकर संबोधित करता है, जो उनके भैरव स्वरूप और भूत-प्रेतों के नियंत्रक के रूप में उनकी महिमा को दर्शाता है। यह रूप विशेषकर उन लोगों के लिए आश्वस्ति देता है जो अदृश्य बाधाओं, भय या ग्रह दोषों से पीड़ित हैं।

डंका बाजना – प्रभाव का प्रतीक: "डंका बाजना" का अर्थ है हनुमान जी की कीर्ति और शक्ति का सर्वत्र प्रसार। वे हर जगह विराजमान हैं और उनकी लीला का डंका हर ओर बजता है।

हनुमान चालीसा का महत्व: भजन में स्पष्ट किया गया है कि हनुमान चालीसा का नियमित पाठ घर में आनंद लाता है और ग्रहों के अशुभ प्रभाव को समाप्त करता है। यह उन सभी भक्तों के लिए प्रेरणा है जो संकटों से मुक्ति चाहते हैं।

💖 भक्ति रस का संगम

🎯 संदेश

हनुमान जी का नाम सुनते ही सारी विपदाएँ भाग जाती हैं। वे सच्चे भक्तों के रक्षक हैं, चाहे वे कहीं भी हों। उनकी गदा के आगे कोई बल नहीं टिकता, और उनकी कृपा से जीवन का हर संकट दूर हो जाता है।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन उन सभी के लिए प्रेरणा है जो हनुमान जी की शरण में आते हैं। "रुद्र अंशी अपना बना ले मुझे" – यह पंक्ति भक्त की पूर्ण समर्पण भावना को दर्शाती है, जहाँ वह हनुमान जी से स्वयं को उनकी संतान बनाने की प्रार्थना करता है।

🙏 ॐ हनुमते नमः ।। श्री बालाजी जय बालाजी जय जय बालाजी ।।

॥ इति हनुमान भजनम् ॥
॥ जय बजरंग बली, जय हनुमान ।।
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "हर तरफ तेरा डंका है बाजे, मेरे मरघट वाले बाबा - Har Taraf Tera Danka Hai Baje, Mere Marghat Wale Baba Lyrics (Hanuman Bhajan)" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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