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Holi Bhajan

होली खेल रहे नंदलाल मथुरा की कुंज गलीन में – होली भजन | Holi Khel Rahe Nandlal Mathura Ki Kunj Galiyon Mein

197 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 होली खेल रहे नंदलाल मथुरा की कुंज गलीन में – होली भजन

(Holi Khel Rahe Nandlal Mathura Ki Kunj Galiyon Mein) – Krishna Holi Bhajan

मथुरा की कुंज गलिन में, गोकुल की कुंज गलीन में ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/लेखक: पारम्परिक
🏷️ श्रेणी: होली भजन, कृष्ण भजन
📍 स्थान: मथुरा, गोकुल, ब्रज

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

होली खेल रहे नंदलाल मथुरा की कुंज गलीन में,
मथुरा की कुंज गलिन में गोकुल की कुंज गलीन में,
होली खेल रहे नंदलाल....

॥ अंतरा १ ॥

वो ग्वाल बाल संग आते गलियों में धूम मचाते,
ऐसे नटखट दीनदयाल मथुरा की कुंज गलीन में,
होली खेल रहे नंदलाल....

॥ अंतरा २ ॥

हम संग सखियों के जावे मार्ग में ठाड़े पांवे,
हमें रहता यही मलाल मथुरा की कुंज गलीन में,
होली खेल रहे नंदलाल....

॥ अंतरा ३ ॥

कभी बंसी मधुर बजावे कभी भारी रंग बरसावे,
कभी देवे उड़ाए गुलाल मथुरा की कुंज गलीन में,
होली खेल रहे नंदलाल....

॥ अंतरा ४ ॥

वो तो नए कलश मंगवाए और उन में जल भरवाए,
अरी रंग घोल रहे नंदलाल मथुरा की कुंज गलीन में,
होली खेल रहे नंदलाल....

॥ अंतरा ५ ॥

मेरे भर पिचकारी मारी चुंदर कि आव बिगाड़ी,
अरी मेरे माथे मलो गुलाल मथुरा की कुंज गलीन में,
होली खेल रहे नंदलाल....

॥ अंतरा ६ ॥

कोई ढोल सितार बजावे कोई हर्ष हर्ष होरी गावे,
अरे कोई नाचे दे दे ताल मथुरा की कुंज गलीन में,
होली खेल रहे नंदलाल....

🎵 मथुरा-गोकुल की होली भजन

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन मथुरा और गोकुल की कुंज गलियों में नंदलाल (कृष्ण) द्वारा खेली जा रही होली का वर्णन करता है। "होली खेल रहे नंदलाल मथुरा की कुंज गलीन में" – नंदलाल मथुरा की कुंज गलियों में होली खेल रहे हैं।

"वो ग्वाल बाल संग आते गलियों में धूम मचाते" – वे ग्वाल-बालों के संग आते हैं और गलियों में धूम मचाते हैं। वे नटखट हैं और दीनदयाल (दीनों पर दया करने वाले) हैं।

"हम संग सखियों के जावे मार्ग में ठाड़े पांवे" – गोपी कहती है कि हम सखियों के संग जाते हैं तो रास्ते में खड़े पाते हैं। हमें यही मलाल (अफ़सोस) रहता है।

"कभी बंसी मधुर बजावे कभी भारी रंग बरसावे, कभी देवे उड़ाए गुलाल" – कभी वे मधुर बांसुरी बजाते हैं, कभी भारी रंग बरसाते हैं, कभी गुलाल उड़ाते हैं।

"वो तो नए कलश मंगवाए और उन में जल भरवाए, अरी रंग घोल रहे नंदलाल" – उन्होंने नए कलश मंगवाए और उनमें जल भरवाया, और अब रंग घोल रहे हैं।

"मेरे भर पिचकारी मारी चुंदर कि आव बिगाड़ी, अरी मेरे माथे मलो गुलाल" – गोपी शिकायत करती है कि उसने भर-भरकर पिचकारी मारी और मेरी चुनरिया बिगाड़ दी। अब मेरे माथे पर गुलाल मलो।

"कोई ढोल सितार बजावे कोई हर्ष हर्ष होरी गावे, अरे कोई नाचे दे दे ताल" – कोई ढोल-सितार बजाता है, कोई हर्षित होकर होरी गाता है, और कोई ताल देकर नाचता है।

यह भजन मथुरा-गोकुल की गलियों में कृष्ण और ग्वाल-बालों के साथ खेली जाने वाली होली, गोपियों की शिकायतों, बांसुरी की धुन, रंग-गुलाल के उड़ान, और संगीत-नृत्य के उत्सव का अद्भुत चित्रण है।

📍 मथुरा-गोकुल की कुंज गलियाँ

मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मभूमि है। गोकुल वह स्थान है जहाँ उन्होंने अपना बचपन बिताया। यहाँ की कुंज गलियाँ (बेलों से घिरी संकरी गलियाँ) राधा-कृष्ण की लीलाओं का केंद्र हैं।

इन्हीं गलियों में कृष्ण ग्वाल-बालों के संग होली खेलते थे, बांसुरी बजाते थे, और गोपियों के साथ रास रचाते थे। यह भजन उन्हीं लीलाओं को जीवंत करता है।

"दीनदयाल" – दीनों पर दया करने वाले, यह कृष्ण का एक विशेषण है। वे नटखट हैं, लेकिन साथ ही दयालु भी हैं।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

🎶 संगीत और नृत्य

इस भजन में ढोल, सितार, ताल, होरी गाने और नाचने का वर्णन है। यह दर्शाता है कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि संगीत और नृत्य का भी त्यौहार है।

💕 गोपियों का मलाल

"हमें रहता यही मलाल" – गोपियों के मन में यह अफ़सोस है कि वे कृष्ण के साथ होली में शामिल होने से वंचित रह जाती हैं या उनकी चुनरिया बिगड़ जाती हैं। यह शिकायत और अफ़सोस भी प्रेम का ही रूप है।

🎯 संदेश : मथुरा-गोकुल की कुंज गलियों में नंदलाल की होली का दृश्य अद्भुत है। ग्वाल-बाल संग धूम, बांसुरी की धुन, रंग-गुलाल की बौछार, और संगीत-नृत्य का उत्सव – यह सब मिलकर उस दिव्य होली का निर्माण करते हैं जहाँ हर भक्त शामिल होना चाहता है।

॥ होली खेल रहे नंदलाल ॥
॥ मथुरा की कुंज गलीन में, गोकुल की कुंज गलीन में ॥
श्रेणियां: Holi Bhajan

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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