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Meri Karni Mata Araj Suno Lyrics (मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो थाने निवण करा) – Karni Mata Bhajan 2026 | Deshnok Wali Maa

377 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो – थाने निवण करा बारंबार

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

(Meri Karni Mata Araj Suno Lyrics In Hindi) – Karni Mata Bhajan 2026 | Deshnok Wali Maa

राजस्थानी माता भजन

📝 भजन विवरण

🎤 शैली: माता भजन / राजस्थानी लोक भजन
🏷️ श्रेणी: करणी माता भजन / शक्ति भजन
📍 स्थान: देशनोक, बीकानेर, राजस्थान

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

थाने निवण करा मैं बारंबार
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो
अर्जी सुनो मैया विनती सुनो
थानें निवण करा मैं बारंबार
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो॥

॥ अंतरा १ - विकाजी का वचन ॥

विकाजी ने वचन दियो
माँ गढ़ रे नीव लगाए
देशनोक में भवन बनायो
बीकानो नगर बसायो
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो
थानें निवण करा मैं बारंबार
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो॥

॥ अंतरा २ - सेखो जी की कथा ॥

सेखो जी मुल्तान कैद में
घर बाई रो ब्याव
बनके कावली उड़ रही अकसा
पीरा से पहले पहुचायो
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो
थानें निवण करा मैं बारंबार
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो॥

॥ अंतरा ३ - गंगा सिंह की लड़ाई ॥

गंगा सिंह रे रही मदद में
अँग्रेज़ा रे माय
अँग्रेज़ा ने दगा कमाया
सुतोडो शेर जगायो
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो
थानें निवण करा मैं बारंबार
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो॥

॥ अंतरा ४ - शेर का प्राकट्य ॥

सिह गरज के आयो भूप पर
हथल रो पीयाय
गंगा सिंह रो मान बढ़ायो
सिहनेडे ने चीर भगायो
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो
थानें निवण करा मैं बारंबार
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो॥

॥ अंतरा ५ - दलूराम की वंदना ॥

गांव सीयाणो जात ब्राह्मण
दलूराम जस गाय
करणी सिंह रो मान राख जो
देशनोक री माई
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो
थानें निमण करा मैं बारंबार
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो॥

थाने निवण करा मैं बारंबार
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो
अर्जी सुनो मैया विनती सुनो
थानें निवण करा मैं बारंबार
मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो॥

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन "मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो" राजस्थान की प्रसिद्ध लोक देवी करणी माता को समर्पित है। करणी माता को राजस्थान में विशेष रूप से पूजा जाता है और इनका प्रसिद्ध मंदिर बीकानेर के पास देशनोक में स्थित है। इस भजन में भक्त बार-बार माता के सामने निवण (निवेदन/प्रार्थना) करता है।

"विकाजी ने वचन दियो" – यह पंक्ति करणी माता के विक्रम सिंह (विकाजी) से जुड़े इतिहास की ओर संकेत करती है। कहा जाता है कि करणी माता ने विकाजी को दर्शन देकर उन्हें बीकानेर राज्य की स्थापना का आशीर्वाद दिया था। उन्होंने देशनोक में माता का मंदिर बनवाया और बीकानेर नगर बसाया।

"सेखो जी मुल्तान कैद में" – यह करणी माता के एक और चमत्कार की कथा है। सेखो जी मुल्तान में कैद थे और उनके घर में बेटी का ब्याह था। माता ने कावली (गीदड़) का रूप धारण करके आकाश में उड़ते हुए समय पर पहुंचकर उनकी पीड़ा दूर की।

"गंगा सिंह रे रही मदद में" – गंगा सिंह करणी माता के परम भक्त थे। अंग्रेजों ने उनके साथ विश्वासघात किया तो करणी माता ने सुतोडो शेर (सिंह) जगाया। जब माता सिंह के रूप में प्रकट हुईं और गरजीं, तो सिहनेडा (अंग्रेज सेना) भाग खड़ी हुई।

"गांव सीयाणो जात ब्राह्मण, दलूराम जस गाय" – अंत में भक्त दलूराम (संभवतः इस भजन के रचयिता) द्वारा करणी माता का गुणगान किया गया है। वे कहते हैं कि हे देशनोक की माई, करणी सिंह का मान रखने वाली माता, मेरी अर्ज सुनो।

🔍 करणी माता का विशेष महत्त्व

करणी माता कौन हैं? करणी माता राजस्थान की एक प्रसिद्ध लोक देवी हैं। इन्हें "चूहों वाली माता" के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इनके मंदिर में चूहे पवित्र माने जाते हैं और उनकी पूजा होती है। वे राजपूतों की कुलदेवी हैं और विशेष रूप से बीकानेर और जोधपुर के शाही परिवारों द्वारा पूजी जाती हैं।

देशनोक का मंदिर: बीकानेर से लगभग 30 किमी दूर देशनोक में करणी माता का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। यहाँ माता की मूर्ति के साथ हजारों चूहे (काबा) रहते हैं जिन्हें पवित्र माना जाता है। सफेद चूहा दिखना विशेष शुभ माना जाता है।

"निवण करा" का अर्थ: राजस्थानी भाषा में "निवण करना" का अर्थ है निवेदन करना, प्रार्थना करना या सिर झुकाना। भक्त बार-बार माता के सामने निवेदन कर रहा है कि वह उसकी अर्ज (प्रार्थना) सुनें।

ऐतिहासिक संदर्भ: इस भजन में करणी माता से जुड़ी कई ऐतिहासिक घटनाओं और चमत्कारों का उल्लेख है - विकाजी द्वारा बीकानेर की स्थापना, सेखो जी की कैद से मुक्ति, और गंगा सिंह की अंग्रेजों से लड़ाई में माता का सिंह रूप में प्रकट होना।

दलूराम: "गांव सीयाणो जात ब्राह्मण, दलूराम जस गाय" से संकेत मिलता है कि इस भजन के रचयिता दलूराम नामक एक ब्राह्मण भक्त थे जिन्होंने करणी माता का यश गाया।

📖 करणी माता की प्रसिद्ध कथाएं

विकाजी और बीकानेर

विक्रम सिंह (विकाजी) ने करणी माता से आशीर्वाद मांगा। माता ने कहा "गढ़ री नीव लगा" (किले की नींव रखो)। उनके आशीर्वाद से विकाजी ने देशनोक में माता का मंदिर बनवाया और बीकानेर नगर बसाया।

सेखो जी की कैद से मुक्ति

सेखो जी मुल्तान में कैद थे। उनकी बेटी का ब्याह था। माता ने कावली (गीदड़) बनकर आकाश में उड़ान भरी और पीड़ा से पहले पहुंचकर उन्हें मुक्त कराया।

गंगा सिंह और अंग्रेज

गंगा सिंह अंग्रेजों की मदद कर रहे थे, लेकिन अंग्रेजों ने विश्वासघात किया। करणी माता ने सुतोडो शेर (सिंह) जगाया, सिंह गरजा और अंग्रेज सेना भाग गई।

देशनोक री माई

देशनोक का मंदिर करणी माता का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। यहाँ माता को "देशनोक री माई" के नाम से पुकारा जाता है। हजारों चूहे यहाँ पवित्र रूप में रहते हैं।

💖 करणी माता की भक्ति

🎯 संदेश

इस भजन का मूल संदेश यह है कि करणी माता अपने भक्तों की हर पुकार सुनती हैं। चाहे विकाजी का बीकानेर बसाने का कार्य हो, सेखो जी की कैद से मुक्ति हो, या गंगा सिंह की अंग्रेजों से लड़ाई - माता हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। भक्त बार-बार निवण (निवेदन) करता है कि माता उसकी अर्ज सुनें।

✨ राजस्थानी श्रद्धा

मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो केवल एक भजन नहीं, बल्कि राजस्थान की जनता की अपनी कुलदेवी के प्रति अपार श्रद्धा का प्रतीक है। यह भजन पीढ़ियों से राजस्थानी लोक संस्कृति का हिस्सा रहा है और आज भी लाखों भक्तों के द्वारा गाया जाता है।

🙏 जय करणी माता की !! देशनोक वाली माँ !! बीकानेर की कुलदेवी !! जय राजस्थान देवी 🙏

॥ राजस्थानी लोक भजन ॥
॥ थाने निवण करा मैं बारंबार, मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो ॥

रचना: दलूराम (गांव सीयाणो, जात ब्राह्मण)

श्रेणियां: durga amritvani

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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