प्रस्तावना एवं परिचय
सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक
शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें
🙏 जप ले मनवा बावरे – बालाजी का नाम
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।
(Jap Le Manwa Bavare – Balaji Ka Naam) – Hanuman Bhajan
विवरण एवं मुख्य बिंदु
📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)
॥ स्थायी ॥
जप ले मनवा बावरे,
बालाजी का नाम।
॥ दोहा ॥
पवन तनय संकट हरण,
मंगल मूरत रूप,
राम लखन सीता सहित,
हृदय बसहु सुर भूप।
जप ले मनवा बावरे,
बालाजी का नाम,
इस नाम के सुमिरन से ही,
इस नाम के सुमिरन से ही,
खुश हो जाते श्री राम,
जपलें मनवा बावरें,
बालाजी का नाम
॥ अंतरा १ ॥
यूं तो राम नाम को कितने,
ही भक्तों ने ध्याया है,
लेकिन राम का प्यारा केवल,
हनुमान कहलाया है,
सारे भक्तों में इनको,
सारे भक्तों में इनको,
है मिला अलग सम्मान,
जपलें मनवा बावरें,
बालाजी का नाम
॥ अंतरा २ ॥
श्री राम की आज्ञा को कभी,
हनुमत टाल ना पाएंगे,
तेरे जीवन में संजीवन,
हनुमान ही लाएंगे,
तू राम को राजी रख ले,
तू राम को राजी रख ले,
फिर राजी है हनुमान,
जपलें मनवा बावरें,
बालाजी का नाम
॥ अंतरा ३ ॥
राम नाम से दुनिया चलती,
इस पर हमें यकीन है,
पर यह भी तो सच है भगवन,
भक्तों के आधीन है,
‘सोनू’ ये भक्त निराला,
‘सोनू’ ये भक्त निराला,
तू कर इसका गुणगान,
जपलें मनवा बावरें,
बालाजी का नाम
जप ले मनवा बावरे,
बालाजी का नाम,
इस नाम के सुमिरन से ही,
इस नाम के सुमिरन से ही,
खुश हो जाते श्री राम,
जपलें मनवा बावरें,
बालाजी का नाम
🎤 गायिका: बुलबुल अग्रवाल
✍️ रचनाकार: आदित्य मोदी (सोनू)
🙏 भजन का अर्थ और संदेश
यह भजन बालाजी (हनुमान जी) के नाम जप की महिमा का वर्णन करता है। “जप ले मनवा बावरे, बालाजी का नाम” – भक्त अपने चंचल मन से कहता है कि हे मन, तू बालाजी का नाम जप ले।
दोहे में हनुमान जी का परिचय है – “पवन तनय संकट हरण, मंगल मूरत रूप”। वे पवन पुत्र, संकट हरने वाले और मंगलमूर्ति हैं। भक्त की प्रार्थना है कि राम, लक्ष्मण, सीता सहित वे हृदय में बसें।
पहले अंतरे में कहा गया है कि बहुत से भक्तों ने राम नाम का ध्यान किया, लेकिन राम के प्रिय होने का विशेष सम्मान केवल हनुमान जी को मिला है। “सारे भक्तों में इनको है मिला अलग सम्मान”।
दूसरे अंतरे में कहा गया है कि हनुमान जी श्री राम की आज्ञा को कभी टाल नहीं सकते। अतः यदि तू राम को राजी रख ले, तो हनुमान अपने आप राजी हैं। “तेरे जीवन में संजीवन हनुमान ही लाएंगे” – यह उनके संजीवनी बूटी लाने के प्रसंग की ओर संकेत है।
तीसरे अंतरे में रचनाकार ‘सोनू’ कहते हैं कि राम नाम से दुनिया चलती है, पर यह भी सच है कि भगवान अपने भक्तों के अधीन हैं। ‘सोनू’ जैसे भक्त की विशेषता यह है कि वह केवल बालाजी का गुणगान करता है।
भजन का मुख्य संदेश – बालाजी का नाम जपने से श्री राम प्रसन्न होते हैं, और हनुमान जी की कृपा से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व
राम-भक्ति और बालाजी का अनन्य संबंध: यह भजन स्पष्ट करता है कि बालाजी का नाम जपना ही श्री राम को प्रसन्न करने का सरल मार्ग है। “इस नाम के सुमिरन से ही खुश हो जाते श्री राम” – यह पंक्ति हनुमान जी की राम से अभिन्नता को दर्शाती है।
संजीवनी का संकेत: “तेरे जीवन में संजीवन हनुमान ही लाएंगे” – यह न केवल लक्ष्मण के प्रसंग से जोड़ता है, बल्कि जीवन में आने वाली हर मुश्किल में हनुमान जी की मदद का आश्वासन भी देता है।
रचनाकार का नामोल्लेख: ‘सोनू’ का उल्लेख इसे व्यक्तिगत भक्ति का रूप देता है और भक्तों को जोड़ता है।
💖 भक्ति रस का संगम
🎯 संदेश
बालाजी का नाम जपना ही सबसे सरल साधना है। यह नाम श्री राम को प्रसन्न करता है और जीवन की हर कठिनाई का समाधान लाता है।
✨ आस्था का प्रतीक
यह भजन हर उस भक्त के लिए प्रेरणा है जो अपने मन को एकाग्र करना चाहता है। ‘मनवा बावरा’ (चंचल मन) को भी बालाजी के नाम में लगाने का आह्वान यह भजन करता है।
🙏 ॐ हनुमते नमः ।। जप ले मनवा बावरे, बालाजी का नाम ।। जय श्री राम ।।
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ
संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "जप ले मनवा बावरे बालाजी का नाम (हनुमान भजन) लिरिक्स | Jap Le Manwa Bavare Balaji Ka Naam Lyrics in Hindi" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।
भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।
🕒 साधना एवं गायन विधि
हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?
शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।
क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?
हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।
शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?
हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।
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