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Krishna Bhajan

कान्हा किस्मत बदल दे (इतना करम कर दे तू कान्हा) भजन लिरिक्स | Kanha Kismat Badal De Itna Karam Kar De Tu Kanha Bhajan Lyrics

384 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 कान्हा किस्मत बदल दे – इतना करम कर दे तू कान्हा

श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य उपदेशों को जानने के लिए भगवद्गीता खंड अवश्य पढ़ें और भगवान कृष्ण की लीलाओं के गहन अध्ययन के लिए ब्रह्म पुराण का पाठ करें।

(Kanha Kismat Badal De – Itna Karam Kar De Tu Kanha) – कृष्ण भजन / प्रार्थना गीत

🌸 राधे कृष्णा – भक्त की करुण पुकार, किस्मत बदलने की प्रार्थना

📝 भजन विवरण

🏷️ श्रेणी: कृष्ण भजन / प्रार्थना गीत
🎶 भाव: करुणा, विश्वास, समर्पण, किस्मत बदलने की प्रार्थना
📍 विशेषता: कान्हा से अपनी किस्मत बदलने, झोली भरने, दुख हरने की मार्मिक विनती
📀 प्रचलन: कृष्ण भक्तों में अत्यंत प्रिय, दुख और निराशा में गाया जाने वाला भजन

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

राधे कृष्णा कृष्णा कृष्णा,
राधे कृष्णा कृष्णा कृष्णा
राधे कृष्णा कृष्णा कृष्णा
राधे कृष्णा...

दुनिया भर को देता है तू
मुझको ही क्यों तू तरसाए
माथ पे मेरे सूखी लकीरें
क्यों ना कृपा तू बरसाए
मुझ भटके को रैन बसर दे
मुझको भी सुख की एक सहर दे
दुख मेरे हर ले तू कान्हा
मेरी किस्मत बदल दे
इतना करम कर दे तू कान्हा
मेरी किस्मत बदल दे

॥ अंतरा १ ॥

अब तो पड़ा हूं मैं तेरे ही दर पे
खाली पड़ी मेरी झोली तू भर दे
अरज मेरी सुन लीजै कान्हा
मेरी किस्मत बदल दे
इतना करम कर दे तू कान्हा
मेरी किस्मत बदल दे

॥ अंतरा २ ॥

अंगारों पे कब तक मुझको
चलते जाना है
कुछ तो लकीरों में लिख दे
जो मुझको पाना है
अंगारों पे कब तक मुझको
चलते जाना है
कुछ तो लकीरों में लिख दे
जो मुझको पाना है
अब तो गले से नाथ लगा ले
सोई हुई तकदीर जगा दे
अब जादू कर दे तू कान्हा
मेरी किस्मत बदल दे
इतना करम कर दे तू कान्हा
मेरी किस्मत बदल दे

॥ अंतरा ३ ॥

आया था मैं तेरे दर पे
मांगने सब माया
भा गई तेरी सूरत के
कुछ और नहीं भाया
आया था मैं तेरे दर पे
मांगने सब माया
भा गई तेरी सूरत के
कुछ और नहीं भाया
अब लगता है माया क्या है
जब से तुझसे प्रेम हुआ है
शरण मुझे रख ले तू कान्हा
मेरी किस्मत बदल दे
इतना करम कर दे तू कान्हा
मेरी किस्मत बदल दे

कृष्णा कृष्णा कृष्णा राधे
कृष्णा कृष्णा कृष्णा राधे
कृष्णा कृष्णा कृष्णा राधे कृष्णा

🎵 रचनाकार : लोक परम्परा / कृष्ण भक्ति गीत

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत मार्मिक कृष्ण भजन है, जिसमें भक्त कान्हा (श्रीकृष्ण) से अपनी किस्मत बदलने की प्रार्थना करता है। “दुनिया भर को देता है तू, मुझको ही क्यों तू तरसाए” – भक्त कहता है कि तू सबको देता है, मुझे ही क्यों तरसाता है? मेरे माथे की लकीरें सूखी हैं, उन पर कृपा की बारिश क्यों नहीं करता?

“दुख मेरे हर ले तू कान्हा, मेरी किस्मत बदल दे” – यही मुख्य प्रार्थना है। भक्त कान्हा से इतना करम (कृपा) करने की विनती करता है कि उसकी किस्मत बदल जाए।

पहले अंतरे में – “अब तो पड़ा हूं मैं तेरे ही दर पे, खाली पड़ी मेरी झोली तू भर दे” – भक्त ने कान्हा के दर पर अपनी खाली झोली फैला रखी है, वह भरने की प्रार्थना करता है।

दूसरे अंतरे में – “अंगारों पे कब तक मुझको चलते जाना है” – भक्त ने जीवन में बहुत कष्ट झेले हैं, अंगारों पर चलने जैसी पीड़ा। वह चाहता है कि उसकी तकदीर जग जाए, कान्हा उसे गले लगा लें, और उसकी किस्मत में अच्छा लिख दें।

तीसरे अंतरे में – “आया था मैं तेरे दर पे मांगने सब माया” – भक्त माया (धन, सुख-सुविधा) मांगने आया था, लेकिन कान्हा की सूरत इतनी भा गई कि अब उसे माया क्या? प्रेम हो गया, अब वह केवल कान्हा की शरण चाहता है। यह भक्ति का उच्चतम स्तर है – माँगने से समर्पण तक।

यह भजन सिखाता है कि जीवन की कठिनाइयों में कान्हा ही एकमात्र सहारा हैं। उनसे सच्चे मन से प्रार्थना करने पर वे न केवल दुख हरते हैं, बल्कि किस्मत भी बदल देते हैं। और अंततः भक्त को माया से ऊपर उठाकर अपने प्रेम में लीन कर लेते हैं।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

“किस्मत बदल दे” – विश्वास का गीत: यह भजन उन सभी के लिए प्रेरणा है जो जीवन में असफलताओं और कठिनाइयों से गुजर रहे हैं। यह विश्वास दिलाता है कि कान्हा की कृपा से किस्मत बदल सकती है।

माया से प्रेम तक का सफर: तीसरा अंतरा बहुत महत्वपूर्ण है – भक्त पहले सांसारिक सुख माँगने आता है, लेकिन कृष्ण के रूप में इतना रम जाता है कि माया तुच्छ लगने लगती है। यह भक्ति की परिपक्वता का प्रतीक है।

करुण पुकार और समर्पण: इस भजन में करुणा और समर्पण दोनों का अद्भुत समन्वय है। भक्त एक ओर अपने दुखों की व्यथा सुनाता है, वहीं दूसरी ओर कान्हा के चरणों में पूर्ण समर्पण भी करता है।

💖 कान्हा की कृपा का विश्वास

🎯 संदेश

जब जीवन में अंधेरा हो, जब हर तरफ निराशा हो, तो कान्हा के दर पर जाओ। अपनी खाली झोली फैलाओ, अपना दुख सुनाओ। वे केवल सुनते ही नहीं, किस्मत भी बदल देते हैं – बस सच्चे मन से पुकारने की देर है।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन लाखों कृष्ण भक्तों के हृदय की आवाज़ है। “कान्हा किस्मत बदल दे” का उच्चारण मात्र विश्वास और उम्मीद जगा देता है।

🙏 राधे-राधे ।। जय श्री कृष्ण ।। कान्हा किस्मत बदल दे ।।

॥ इति कृष्ण प्रार्थना भजनम् ॥
॥ कान्हा किस्मत बदल दे – इतना करम कर दे तू कान्हा ॥
श्रेणियां: Krishna Bhajan

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 11 Aug 2026

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