सनातन श्रेणी संग्रह · पृष्ठ 19
1,240+ पावन रचनाएँ

Krishna Bhajan
पावन भक्ति संग्रह

भक्तिलोक पर Krishna Bhajan के अंतर्गत सभी भक्ति रचनाओं, लोकप्रिय भजनों, आरतियों, चालीसा और मंत्रों का प्रामाणिक संकलन सरल हिंदी भावार्थ एवं शास्त्रीय संदर्भ सहित पढ़ें।

शास्त्र-सम्मत एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

शुद्ध पाठ, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ सहित भक्ति साहित्य।

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Krishna Bhajan परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा में Krishna Bhajan का स्थान अत्यंत पावन है। कलियुग में नाम संकीर्तन और प्रभु वंदना को समस्त क्लेशों से मुक्ति तथा आत्मिक शांति का सबसे सुलभ साधन बताया गया है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह के प्रत्येक भजन, पद, स्तुति एवं कथा को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि श्रद्धालुजन सुगमता से भक्ति रस का अनुभव कर सकें।

Krishna Bhajan संग्रह (1240)

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श्री कृष्ण अमृतवाणी (Shree Krishna Amritwani Lyrics in Hindi) - तूं कैसे पावे चैन Anuradha Paudwal Krishna Amritawani - Bhaktilok

श्री कृष्ण अमृतवाणी (Shree Krishna Amritwani Lyrics in Hindi) -  रे मन कृष्ण कृपामृत बरस रहयो दिन रैनकृष्ण कृपा से विमु…

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हे गोपाल कृष्ण करूँ आरती तेरी लिरिक्स (Hey Gopal Krishna Karu Aarti Teri Lyrics in Hindi) - Shree Krishna Bhajan - Bhaktilok

सनातन धर्म की समृद्ध भक्ति परंपरा में भगवान श्री कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और शरणागति को दर्शाने वाला भजन "हे गोपाल कृष्ण करूँ आर…

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घनश्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है लिरिक्स ( Ghanshyam Teri Bansi Pagal Kar Jati Hai Lyrics )

घनश्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है: भजन का परिचय एवं आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य सनातन भक्ति परंपरा में संकीर्तन और प्रभु नाम का स्मरण …

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कैसा चक्र चलाया रे श्याम तेरी उंगली ने लिरिक्स (Kaisa Chakkar Chalaya Re Shyam Teri Ungali Ne Lyrics in Hindi) - Anjali Jain krishna Bhajan - Bhaktilok

 कैसा चक्र चलाया रे श्याम तेरी उंगली ने लिरिक्स (Kaisa Chakkar Chalaya Re Shyam Teri Ungali Ne Lyrics in Hindi) - कैसा च…

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दुनिया चले न श्री राम के बिना राम जी चले ना हनुमान के बिना भजन लिरिक्स (Duniya chale na shri ram ke bina lyrics in Hindi) - by Jai Shankar Chaudhary - Bhaktilok

 दुनिया चले न श्री राम के बिना राम जी चले ना हनुमान के बिना भजन लिरिक्स (Duniya chale na shri ram ke bina lyrics in Hindi) -&…

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फूलों में सज रहे हैं श्री वृन्दावन बिहारी भजन लिरिक्स (Phoolo Me Saj Rahe Hain Shree Vrindavan Bihari Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan - Bhaktilok

फूलों में सज रहे हैं श्री वृन्दावन बिहारी भजन लिरिक्स (Phoolo Me Saj Rahe Hain Shree Vrindavan Bihari Lyrics in Hindi) - Krishna B…

हर
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हरी सूंदर नन्द मुकुन्दा भजन लिरिक्स (Hari Sunder Nand Mukunda Lyrics in Hindi) - Radha Krishna Bhajan Krishna Bhajan - Bhaktilok

हरी सुंदर नन्द मुकुन्दा भजन परिचय एवं भक्ति भाव श्री राधा-कृष्ण के चरणों में समर्पित 'हरी सुंदर नन्द मुकुन्दा भजन लिरिक्स (Hari Su…

सा
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साँवरे सरकार को प्रणाम भजन लिरिक्स (Saanware Sarkar Ko Pranam Lyrics in Hindi) - Raj Pareek Shyam Bhajan - BhaktiLok

साँवरे सरकार को प्रणाम भजन लिरिक्स (Saanware Sarkar Ko Pranam Lyrics in Hindi) - सांवरे सरकार को प्रणाम ये हमारा हैसांवरे सरक…

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तेरी गलियों का हु आशिक तू एक नगीना है लिरिक्स (Teri Galiyon Ka Hu Aashiq Tu Aik Nagina Hai Lyrics in Hindi) - Baba Rasika Pagal Krishna Bhajan - Bhaktilok

 तेरी गलियों का हु आशिक तू एक नगीना है लिरिक्स (Teri Galiyon Ka Hu Aashiq Tu Aik Nagina Hai Lyrics in Hindi) -तेरी गलियों का …

कन
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कन्हैया तुम्हे इक नजर देखना है (Kanhaiya Tumhe Ek Najar Dekhna Hai Hai Lyrics in Hindi) - SHRI KRISHNA PRIYA JI MAHARAJ - Bhaktilok

हिंदू सनातन धर्म की पावन भक्ति परंपरा में भगवान श्री कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम, विरह और पूर्ण समर्पण को दर्शाने वाले भजनों का एक …

Krishna Bhajan से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

भगवान कृष्ण के सबसे लोकप्रिय भजनों में "अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं", "यशोमती मैया से बोले नंदलाला", "राधे राधे जपा करो", "मीठे रस से भरोरी राधा रानी लागे", और "हरे कृष्ण महामंत्र" प्रमुख हैं।

कृष्ण भजन और ध्यान के लिए सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) एवं संध्या काल सबसे उत्तम माना जाता है, परंतु निष्काम भक्ति और नाम संकीर्तन किसी भी समय किया जा सकता है।

अष्टछाप महाप्रभु वल्लभाचार्य और गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा स्थापित आठ प्रमुख कृष्णभक्त कवियों का समूह था, जिसमें सूरदास, कुम्भनदास, परमानन्ददास आदि शामिल थे। इन्होंने ब्रजभाषा में मधुर कृष्ण पदों की रचना की।

“हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे” महामंत्र कलियुग में मानसिक शांति और प्रभु प्राप्ति का सबसे सरल व प्रभावशाली साधन माना गया है।