सनातन श्रेणी संग्रह · पृष्ठ 30
1,810+ पावन रचनाएँ

Krishna Stotram
पावन भक्ति संग्रह

भक्तिलोक पर Krishna Stotram के अंतर्गत सभी भक्ति रचनाओं, लोकप्रिय भजनों, आरतियों, चालीसा और मंत्रों का प्रामाणिक संकलन सरल हिंदी भावार्थ एवं शास्त्रीय संदर्भ सहित पढ़ें।

शास्त्र-सम्मत एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

शुद्ध पाठ, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ सहित भक्ति साहित्य।

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Krishna Stotram परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा में Krishna Stotram का स्थान अत्यंत पावन है। कलियुग में नाम संकीर्तन और प्रभु वंदना को समस्त क्लेशों से मुक्ति तथा आत्मिक शांति का सबसे सुलभ साधन बताया गया है।

भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह के प्रत्येक भजन, पद, स्तुति एवं कथा को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि श्रद्धालुजन सुगमता से भक्ति रस का अनुभव कर सकें।

Krishna Stotram संग्रह (1810)

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ऊँ
Krishna Stotram

ऊँचे कुल का जनमिया करनी ऊँची न होय दोहे का अर्थ(Unche Kul Ka Janamaiya Karani Unchi Hoy Dohe Ka Arth in Hindi) - Bhaktilok

कबीर दास जी की यह साखी भारतीय अध्यात्म और भक्ति परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है। 'ऊँचे कुल का जनमिया, करनी ऊँची न होय' के …

गौ
Krishna Stotram

गौरा नू व्याहोंन चलिए(Gaura Nu Vyohn Chaliye Lyrics in Hindi)| Hemant Brijwasi - Bhaktilok

"गौरा नू व्याहोंन चलिए" एक अत्यंत भावपूर्ण और आनंदमयी पंजाबी लोक-भजन है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव को समर्पित है…

तू
Krishna Stotram

तू सुमिरन कर राधे राधे तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे (Tu sumiran kar raadhe raadhe tere Kasth sabhi mit jayenge Lyrics in Hindi) - Bhaktilok

होम कृष्ण स्तोत्र एवं भजन तू सुमिरन कर राधे राधे तू सुमिरन कर राधे राधे तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे (Tu sumiran kar raadhe raadhe te…

सा
Krishna Stotram

साधु ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय दोहे का अर्थ(Sadhu Aisha Chahiye Jaisha Sup Subhay Dohe Ka Arth in Hindi) - Bhaktilok

संत कबीरदास जी के दोहे न केवल साहित्यिक दृष्टि से अमूल्य हैं, बल्कि वे व्यावहारिक जीवन और आध्यात्मिक साधना के मार्गदर्शक स्तंभ भी …

सा
Krishna Stotram

साईं इतना दीजिये जा मे कुटुम समाय दोहे का अर्थ(Sai Itana Dijiye Jame Kutumb Samay Dohe Ka Arth in Hindi)

साईं इतना दीजिये जा मे कुटुम समाय दोहे का अर्थ — परिचय एवं आध्यात्मिक पृष्ठभूमि शिरडी के संत शिरोमणि साईं बाबा का यह अमर दोहा — "स…

तन
Krishna Stotram

तन को जोगी सब करे मन को विरला कोय दोहे का अर्थ(Tan Ko Jogi Sab Kare Man Ko Viralaa Koy Dohe Ka Arth in Hindi)

संत कबीरदास जी द्वारा रचित यह साखी आध्यात्मिक जगत का एक अत्यंत गहरा और मर्मस्पर्शी सत्य उद्घाटित करती है। 'तन को जोगी सब करे, मन क…

ती
Krishna Stotram

तीरथ गए से एक फल संत मिले फल चार दोहे का अर्थ(Tirath Gaye Se Ek Phal Sant Mile Phal Char Dohe Ka Arth in Hindi) - Bhaktilok

कबीर दास जी का यह कालजयी दोहा—"तीरथ गए से एक फल, संत मिले फल चार। सतगुरु मिले अनेक फल, कहे कबीर विचार"—सनातन धर्म की भक्ति परंपरा …

Krishna Stotram से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

भगवान कृष्ण के सबसे लोकप्रिय भजनों में "अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं", "यशोमती मैया से बोले नंदलाला", "राधे राधे जपा करो", "मीठे रस से भरोरी राधा रानी लागे", और "हरे कृष्ण महामंत्र" प्रमुख हैं।

कृष्ण भजन और ध्यान के लिए सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) एवं संध्या काल सबसे उत्तम माना जाता है, परंतु निष्काम भक्ति और नाम संकीर्तन किसी भी समय किया जा सकता है।

अष्टछाप महाप्रभु वल्लभाचार्य और गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा स्थापित आठ प्रमुख कृष्णभक्त कवियों का समूह था, जिसमें सूरदास, कुम्भनदास, परमानन्ददास आदि शामिल थे। इन्होंने ब्रजभाषा में मधुर कृष्ण पदों की रचना की।

“हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे” महामंत्र कलियुग में मानसिक शांति और प्रभु प्राप्ति का सबसे सरल व प्रभावशाली साधन माना गया है।