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Punjabi Devi Bhajan

हिमाचली भजन (Himachali bhajan Lyrics in Hindi) - New Bhakti Bhajan - Bhaktilok

728 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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ओ माँ पहाड़ा वालिये सुन ले मेरा तराना लिरिक्स (O maa pahada waliye Sun Le Tarana Lyrics in Hindi) - 

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ओ माँ पहाड़ा वालिये

सुन ले मेरा तराना


सुन ले मेरा तराना

सुन ले मेरा तराना

ओ माँ पहाड़ा वालिये

सुन ले मेरा तराना


अपने हुए पराए

दुश्मन हुआ जमाना

कष्टो से मेरी मईया

तू ही मुझे बचाना

ओ माँ पहाड़ा वालिये

सुन ले मेरा तराना


फूलो में तुझको ढूंढा

कलियों मे तुझको ढूंढा

तू कही नज़र न आई

ओ माँ पहाड़ा वालिये

ओ माँ पहाड़ा वालिये

सुन ले मेरा तराना


सबकी सुने तू मईया

राजा हो या फकीरा

बाबा की ये तम्मन्ना

मेरा भी सुन तराना ||

मोर तेरे बागान दा लिरिक्स (Mor tere bagan da Lyrics in Hindi) - 


मोर तेरे बागां दा मोर तेरे बागां दा
जे मैं हुंदा दातिए मोर तेरे बागां दा ।।

नी मैं चुनिया जे बंन जावां
तेरे सिरां ते लग जावां
तेरे रज रज दर्शन पौंदा पौंदा
जे मैं हुंदा दातिए मोर तेरे बागां दा ।।

मोर तेरे बागां दादातीमोर तेरे बागां दा

नी मैं चूड़ियां जे बन जावां
तेरी बयियां ते लग जावां
तेरे रज रज दर्शन पौंदा पौंदा
जे मैं हुंदा दातिए मोर तेरे बागां दा ।।

मोर तेरे बागां दादातीमोर तेरे बागां दा

नी मैं बिंदिया जे बन जावां
तेरे माथे ते लग जवां
तेरे रज रज दर्शन पौंदा पौंदा
जे मैं हुंदा दातिए मोर तेरे बागां दा ।।

मोर तेरे बागां दादातीमोर तेरे बागां दा
जे मैं हुंदा दातिए मोर तेरे बागां दा ।।


ओ चकेया ढोल कते चिमटा लिरिक्स (Chakeya dholak te chimta Lyrics in Hindi) - 


ओ चकेया ढोल कते चिमटा मईया दे द्वारे जाना हों..2
मईया दे द्वारे जाना हो दाती दे द्वारे जाना हो..2

ओ राही राही जादेंआ राहिया
मईयां जो चुनियाँ ले आई जाया..2
मईयां जो चुनियाँ ओढ़ाई जाया हो जीवन सफल बनाई जाया ।

ओ राही राही जादेंआ राहिया
मईयां जो बिंदिया ले आई जाया..2
मईयां जो बिंदिया लगाई जाया हो जीवन सफल बनाई जाया ।

ओ राही राही जादेंआ राहिया
मईयां जो चूड़ियाँ ले आई जाया..2
मईयां जो चूड़ियाँ पहनाई जाया हो जीवन सफल बनाई जाया ।

ओ राही राही जादेंआ राहिया
मईयां जो साड़ियां ले आई जाया..2
मईयां जो साड़ियां लगाई जाया हो जीवन सफल बनाई जाया ।

देयी देदे मेरी बांसुरीराधा तेरे किस काम की लिरिक्स (Dede dede meri bansuri radha kis kaam ki lyrics in Hindi) -


देयी दे देयी दे मेरी बांसुरी .. 
राधा तेरे किस काम की 
ओ देयी दे देयी दे मेरी बांसुरी .. 
राधा तेरे किस काम की ..
राधा तेरे किस काम की.. 
राधा तेरे किस काम की..2
ओ देयी दे देयी दे मेरी बांसुरी .. 
राधा तेरे किस काम की ….

1] ना सोने की ना चांदी की  
ना सोने की ना चांदी की…2
ओ ये तो वृंदावन ये तो वृंदावन की लकड़ी..
राधा तेरे किस काम की…
ओ देयी दे देयी दे मेरी बांसुरी .. 
राधा तेरे किस काम की ….

2] ना हीरे की ना मोती की 
ना हीरे की ना मोती की ..2
ओ ये तो दिलवर की ..
ये तो दिलवर की तारागिनी…
राधा तेरे किस काम की…
ओ देयी दे देयी दे मेरी बांसुरी .. 
राधा तेरे किस काम की ….

3] इस बंसी की गंउआ 
दीवानी इस बंसी की गंउआ दीवानी 2
वो चरती ना.. वो तो 
चरती ना बिन बांसुरी ..
राधा तेरे किस काम की…..
ओ देयी दे देयी दे मेरी बांसुरी .. 
राधा तेरे किस काम की ….

मन वृंदावन की ओर चले लिरिक्स (Man vrindavan ki or chale lyrics in Hindi) - 


गोकुल की गोपियां रास रचावे  
गोकुल की गोपियां रास रचावे
राधा संग श्याम चले….
कान्हा जब जब शाम ढले 
मन वृंदावन की ओर चले…2
1] बंसी बजावे श्याम मुरारी 
बंसी बजावे श्याम मुरारी
वृंदावन की छांव तले….
कान्हा जब जब शाम ढले 
मन वृंदावन की ओर चले…
2] मटकी फोड़े श्याम मुरारी
मटकी फोड़े श्याम मुरारी
गोकूल की गलियों में…..
कान्हा जब जब शाम ढले 
मन वृंदावन की ओर चले…
3] रास रचावे श्याम मुरारी
रास रचावे श्याम मुरारी
वृंदावन की गलियों में….
कान्हा जब जब शाम ढले मन 
वृंदावन की ओर चले… ||

अज माँ जालपा ने आऊणा हैं लिरिक्स (Aaj maa jalpa ne aana hai lyrics in Hindi) - Devi Bhajan - Bhaktilok


कालेया कागा मीठा मीठा बोल
अज माँ जालपा ने आऊणा हैं।–2

सरेया बुलाया आज मईयां नू
मिलके मनाया अज मईयां नू–2
पाई लेने दर्शन माँ दे अनमोल।
अज माँ जालपा ने आऊणा हैं।
भक्त जदो भी बुलावे माँ
दौड़ी–दौड़ी चली आवे माँ–2
सुतिया नशीबा देदीं माँं खोल
अज माँ जालपा ने आऊणा हैं।
बच्चेया ते माँ बड़ी मेहरा करदी
तार दी ये बेड़े नईयों देर करदी –2
मुंह बिच मिश्री लै तू घोल 
अज माँ जालपा ने आऊणा हैं

माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है बाल लिरिक्स (Maaye Tere Kundalu Kundalu Hai Baal Lyrics in Hindi) - 


माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है 
बाल सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है 
बाल सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु…

माँये तेरे बाँही दा चूड़ा 
लाल नित बनी बनी बाऊंदां हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है 
बाल सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु…

माँये तेरे मत्थे दे बिन्दडु 
लाल नित बनी बनी बाऊंदा हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है 
बाल सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु…

माँये तेरे हथां दी मेहंदी 
लाल नित बनी बनी बाऊंदी हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है 
बाल सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु…

माँये तेरे सिर दे छरवा 
लाल नित बनी बनी बाऊंदा हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है 
बाल सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु…

माँये तेरा सोणा रूप 
श्रगांर नित बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है 
बाल सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु…

माँये तेरी चुनरी दा रंग 
लाल नित बनी बनी बाऊंदी हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है 
बाल सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु…

माँये तेरे सिर दे चुनरी 
लाल नित बनी बनी बाऊंदी हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है 
बाल सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु…

माँये तेरा सोणा रूप 
श्रगांर सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है 
बाल सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
माँये तेरे कुडंलु कुडंलु…

माँये तेरे कुडंलु कुडंलु है 
बाल सिरे बनी बनी बाऊंदे हो
सिरे बनी बनी बाऊंदे हो

शिव मेरे बोल अखियां खोल गौरा लिरिक्स (Shiv mere bol akhiyan khol Lyrics in Hindi) -


शिव मेरे बोल अखियां खोल गौरा कब से खड़ी
कब से खड़ी हो गौरा कब से खड़ी…||
शिव मेरे बोल अखियां खोल गौरा कब से खड़ी ..
1) अगर मै गंगा बन जावां तेरी जटों में समा जावां…||
शिव मेरे बोल अखियां खोल गौरा कब से खड़ी …
2)अगर मै नागिन बन जावां तेरे गले में समा जावां..||
शिव मेरे बोल अखियां खोल गौरा कब से खड़ी …
3) अगर मै डमरू बन जावां तेरे हाथों में समा जावां..||
शिव मेरे बोल अखियां खोल गौरा कब से खड़ी
कब से खड़ी हो गौरा कब से खड़ी ….||
शिव मेरे बोल अखियां खोल गौरा कब से खड़ी …


सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 11 Aug 2026

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(function() { let voiceCounter = 0; const answers = { "ध्यान": "ध्यान मन को स्थिर करने और भीतर विद्यमान चैतन्य (आत्मा) से जुड़ने का वैज्ञानिक मार्ग है। दैनिक १०-१५ मिनट का ध्यान तनाव को कम करता है, मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। साधना खंड में हमारे 'श्लोक उच्चारण' व '४३२Hz ध्यान संगीत' का उपयोग करें।", "पंचांग": "वैदिक पंचांग काल-गणना की अत्यंत सटीक वैज्ञानिक प्रणाली है। यह मुख्य रूप से पांच अंगों: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होती है। इसके माध्यम से सौर तथा चंद्र गतियों के अनुसार शुभ मुहूर्त और राहु काल की स्थिति की गणना की जाती है।", "चार धाम": "सनातन संस्कृति में चार धाम - उत्तर में श्री बद्रीनाथ, पश्चिम में द्वारकाधीश, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग हैं। इन चारों धामों की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य जी ने देश की भौगोलिक एवं आध्यात्मिक एकता को अक्षउन बना रखने के उद्देश्य से की थी।", "आज का पंचांग": "आज का पंचांग देखने के लिए कृपया हमारे 'आज का वैदिक पंचांग' विजेट को देखें। वर्तमान दिन के अनुसार तिथि तथा राहु काल की सटीक गणना वहां उपलब्ध है।", "गायत्री": "गायत्री महामंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) समस्त वेदों का सार माना गया है। यह सविता देव (सूर्य) की उपासना करता है ताकि हमारी बुद्धि सन्मार्ग की ओर प्रेरित हो। इसका नित्य उच्चारण बुद्धि तीव्र करता है।", "केदारनाथ": "केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के पवित्र हिमालय क्षेत्र में मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह शिव जी के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी स्थापना पांडवों द्वारा की गई मानी जाती है और आदि गुरु शंकराचार्य ने इसका पुनरुद्धार किया था।" }; function matchResponse(query) { query = query.toLowerCase(); if (query.includes("ध्यान") || query.includes("meditation") || query.includes("sadhana")) { return answers["ध्यान"]; } else if (query.includes("पंचांग") || query.includes("panchang")) { return answers["पंचांग"]; } else if (query.includes("धाम") || query.includes("dham")) { return answers["चार धाम"]; } else if (query.includes("गायत्री") || query.includes("gayatri")) { return answers["गायत्री"]; } else if (query.includes("केदारनाथ") || query.includes("kedarnath")) { return answers["केदारनाथ"]; } else { return "वत्स! आपका प्रश्न अत्यंत कल्याणकारी है। सनातन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म का मार्ग है। मन को शांत कर सत्यपथ पर चलें। क्या आप किसी विशिष्ट तीर्थ यात्रा अथवा दैनिक साधना के बारे में जानना चाहते हैं?"; } } window.readGuruVoice = function(text, btnId) { window.speechSynthesis.cancel(); const utterance = new SpeechSynthesisUtterance(text); utterance.lang = 'hi-IN'; utterance.rate = 0.85; const btn = document.getElementById(btnId); if (btn) { btn.innerHTML = ' श्रवण जारी है...'; } utterance.onend = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; utterance.onerror = () => { if (btn) btn.innerHTML = ' सुनें (Listen)'; }; window.speechSynthesis.speak(utterance); }; function initChatbot() { const launcher = document.getElementById('chatLauncher'); const drawer = document.getElementById('chatDrawer'); const closeBtn = document.getElementById('chatClose'); const input = document.getElementById('chatInput'); const sendBtn = document.getElementById('chatSendBtn'); const body = document.getElementById('chatBody'); if (!launcher || !drawer || !closeBtn || !input || !sendBtn || !body) { return; } launcher.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.toggle('open'); }); closeBtn.addEventListener('click', function(e) { e.stopPropagation(); drawer.classList.remove('open'); }); input.addEventListener('keydown', e => { if (e.key === 'Enter') { submitGlobalMessage(); } }); sendBtn.addEventListener('click', submitGlobalMessage); window.sendGlobalSuggestion = function(text) { input.value = text; submitGlobalMessage(); }; function submitGlobalMessage() { const query = input.value.trim(); if (query === "") return; // User Message bubble const userMsg = document.createElement('div'); userMsg.className = 'chat-msg user'; userMsg.textContent = query; body.appendChild(userMsg); input.value = ""; body.scrollTop = body.scrollHeight; // Typing Indicator const typingIndicator = document.createElement('div'); typingIndicator.className = 'chat-msg guru typing-indicator-container'; typingIndicator.innerHTML = `
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